एक्ट में फंसे आईडीए के गैरयोजना मद के प्रोजेक्ट:लैंड पुलिंग में अटके केबल कार सहित 11 ब्रिज, महालक्ष्मीनगर रोड का काम भी रुका

इंदौर3 महीने पहले
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सांकेतिक - Dainik Bhaskar
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लैंड पुलिंग एक्ट लागू होने के बाद आईडीए के गैरयोजना मद से होने वाले करोड़ों रुपए के काम फिलहाल अटक गए हैं। तत्काल असर महालक्ष्मीनगर रोड के निर्माण पर पड़ा है। भूमिपूजन के बाद इस रोड का काम शुरू होने के पहले ही शासन ने रोड की मंजूरी रोक दी। नगरीय विकास व आवास विभाग के उपसचिव डॉ. सुभाशीष बैनर्जी ने आईडीए सीईओ विवेक श्रोत्रिय को इस संबंध में पत्र भेजा है।

इसमें कहा है कि योजना क्र. 94 (बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा) से तुलसी नगर नाले तक मास्टर प्लान के 30 मीटर मार्ग (महालक्ष्मीनगर रोड) के शेष निर्माण की गैरयोजना मद में स्वीकृति मांगी गई, लेकिन धारा 49 पुन: स्थापित की गई है। इसलिए आईडीए बोर्ड इस प्रकरण में अपने स्तर पर निर्णय ले।
जो प्रोजेक्ट अटके, 6 करोड़ से उनका फिजिबिलिटी सर्वे कराने की तैयारी में था आईडीए
गैरयोजना मद में आईडीए रेडिसन चौराहा, एमआर-9 चौराहा, खजराना, मूसाखेड़ी, आईटी पार्क, भंवरकुआं, विजयनगर, रीगल, लवकुश चौराहा, महूनाका और सुपर कॉरिडोर को जोड़ने वाले देपालपुर चौराहे पर भी फ्लायओवर बनाने के प्रोजेक्ट लाया था। इनके फिजिबिलिटी सर्वे के लिए बजट में 5 करोड़ का प्रावधान रखा था। केबल कार के लिए फिजिबिलिटी सर्वे भी आईडीए करवा रहा था। इसके लिए भी 75 लाख का प्रावधान किया था।

यह होता है गैरयोजना मद
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) द्वारा सड़क के अलावा ड्रेनेज, फ्लायओवर सहित अन्य काम गैर योजना मद में किए जाते हैं। यह आमतौर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा राजनीतिक बोर्ड में होता है।

एक्ट का प्रोजेक्ट पर असर क्यों?
इस एक्ट में आईडीए उन्हीं स्थानों पर रोड बना सकेगा, जहां टाउन प्लानिंग स्कीम है। सीईओ श्रोत्रिय ने बताया फिर से मार्गदर्शन लिया जाएगा। बोर्ड से स्वीकृति के लिए दोबारा प्रस्ताव बनाए जाएंगे। तब तक के लिए महालक्ष्मीनगर रोड का काम भी बंद रहेगा।

आगे : नए सिरे से फैसला लेंगे
लैंड पुलिंग एक्ट लागू होने से मध्यप्रदेश नगर व ग्राम निवेश अधिनियम 1973 में संशोधन हो गए हैं। इसमें धारा 49 पुन: स्थापित की गई है। अब आईडीए बोर्ड के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत कर दोबारा फैसला लिया जाएगा। इसमें 15 से 20 दिन और लगेंगे।

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