कोरोना से नया खतरा:एमवाय में ही ब्लैक फंगस के 11 मरीज, महीनेभर में आए 35 से ज्यादा केस

इंदौर6 महीने पहलेलेखक: नीता सिसौदिया
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  • बिना डॉक्टर की सलाह स्टेराइड न लें, फंगल इन्फेक्शन के कारण आंखों की रोशनी तक जा रही

दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात के बाद अब इंदाैर में भी कोरोना से ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस के मामले सामने आ रहे हैं। एमवायएच में ऐसे 11 मरीज भर्ती हैं। साेमवार काे इनमें से दो की आंखें निकाले जाने का ऑपरेशन हाेगा। एमवाय की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेता वालिया ने बताया कि यह माइल्ड इलनैस वालों को भी हो रहा है। कुछ ऐसे भी थे, जिन्हें स्टेराइड भी ज्यादा नहीं दिया गया।

वे सामान्य रूम एयर पर थे, लेकिन शुगर लेवल बढ़ने से म्यूकर फंगल का शिकार हो गए। मैंने करीब 35 ऐसे मरीजों का इलाज किया। ऐसे भी मरीज आए हैं जो भर्ती भी नहीं हुए। निजी अस्पताल के ऑर्बिट सर्जन डॉ. भाग्येश पोरे बताते हैं कि पिछले साल भी इस तरह के इक्का-दुक्का केस आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़ गए हैं। अब रोज चार-पांच केस आ रहे हैं। अभी इस पर ज्यादा स्टडी नहीं हुई है। आई सर्जन्स सोसायटी इसी विषय को लेकर सोमवार को वेबिनार करने जा रहा है।

भास्कर एक्सप्लेनर; स्टेराइड के अधिक इस्तेमाल से आ रही परेशानी-एक्सपर्ट

डॉक्टर्स के अनुसार स्टेराइड व टॉसिलिजुमेब की वजह से भी शुगर लेवल पर बढ़ जाता है। इन दिनों कई मरीज बिना डॉक्टर से पूछे भी स्टेराइड ले रहे हैं। मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील एम. जैन कहते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों से ऐसे केस ज्यादा सामने आ रहे हैं। अप्रशिक्षित डॉक्टर्स स्टेराइड दे देते हैं, लेकिन मॉनीटरिंग नहीं कर पाते, जिससे शुगर लेवल बढ़ रहा है। मरीज की आंख की रोशनी तक जा रही है। मरीज का शुगर लेवल 300 से 400 तक पहुंच रहा है। वे मरीज जिन्हें इसके पहले कभी शुगर नहीं थी, वे भी पीड़ित हो रहे हैं।
साइनस बोन डैमेज कर रहा
बढ़ा हुआ शुगर लेवल फंगस को निमंत्रण देता है। डायबिटिक मरीज, पोस्ट ऑर्गन ट्रांसप्लांट और एचआईवी पीड़ित मरीज रिस्क ग्रुप में माने जाते हैं। यह फंगस साइनस पर आक्रमण करता है। नाक के अंदर लाइन को डैमेज कर साइनस की बोन को डैमेज करता हुआ आंखों और फिर ब्रेन में प्रवेश करता है। कैरोटिन ऑर्टरी को डैमेज करता है।

ऐसे बचें, ब्लैक फंगस से
यह कम ऑक्सीजन में पनपता है। इसलिए नाक से सांस लें। शुगर लेवल मेंटेन रखें। एंटीसेप्टिक जैसे बीटाडीन का सॉल्यूशन बनाकर दो-तीन बूंद नाक में डालते रहें। यह अंदर फंगस के फैलाव को रोक देता है। अगर शुगर बढ़ रही है तो मॉनिटरिंग कर कंट्रोल करें।

ऐसे पहचानें, आंख में सूजन व तेज दर्द हो तो तुरंत सलाह लें
सामान्य रूप से साइनस में एयर रहती है, लेकिन फंगस से पस आ जाता है। म्यूकर फास्ट स्प्रेडिंग फंगस है। शरीर में साइनस के ऊपर ऑर्बिट होता है। उसके अंदर आई-बॉल होती है। म्यूकर फैलने के कारण मरीजों की आंख में सूजन, तेज दर्द होता है। आंखों के नीचे वाला हिस्सा जिसे चीक कहते हैं, उसमें दर्द शुरू होता है। इसे गंभीरता से लें। सेनसेशन, आंखों के मूवमेंट में भी फर्क पड़ता है।

उधर, डॉ. आलोक मांडलिया कहते हैं कि पोस्ट कोविड मरीज में लिंफोसाइट काउंट कम हो जाता है। इससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और मरीज आसानी से सेकंडरी इंफेक्शन की चपेट में आ जाते हैं। मरीज जब तक नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास पहुंच रहा है, तब तक फंगस आंखों में फैल चुका होता है। यदि यह ब्रेन में पहुंच जाए तो जान पर बन आती है। इलाज 15 से 20 दिन तक चलता है। एक दिन के इलाज की कीमत 15 से 20 हजार तक आ रही है।

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