पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Indore
  • 20 Days Stay Admitted, 9 Remedesvir, Tosi Taken, Oxygen 80% Morale Broken In Hospital Then Treated At Home, Now I Am Healthy

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कोरोना वॉरियर:20 दिन भर्ती रहा, 9 रेमडेसिविर, टॉसी लग गए, ऑक्सीजन 80% अस्पताल में मनोबल टूटा तो घर में इलाज किया, अब स्वस्थ हूं

किरण कापसे | इंदौर9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • लंग्स में 20% संक्रमण के बाद भी घर में रहकर कोरोना को हराया

​​​मुझे 27 मार्च को बुखार आया था। अगले दिन डॉक्टर के पास परीक्षण के लिए पहुंचा। आठ दिन घर पर ही इलाज चला। दवाइयां भी समय पर ली, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। जब सेहत में सुधार नहीं हुआ तो सोचा कि किसी दूसरे डॉक्टर को दिखाते हैं। दूसरे डॉक्टर ने सीटी स्कैन, ब्लड की जांचें करवाई। लंग्स में 20 प्रतिशत संक्रमण निकला। ब्लड जांच में भी संक्रमण मिला। संक्रमण ज्यादा नहीं था, इसलिए घर पर ही तीन दिन इलाज लिया। उस समय भी आसानी से बेड नहीं मिल रहे थे। इसलिए सोचा कि 20 प्रतिशत संक्रमण है, घर पर ही ठीक हो जाएगा। लेकिन चौथे दिन सांस लेने में तकलीफ हुई। तुरंत डॉक्टर से बात की।

चार अस्पतालों में बेड के लिए इनकार बोल दिया। इसके बाद एक निजी अस्पताल में बेड मिल पाया। पांच दिन तो सेमी प्राइवेट वार्ड में रहा, लेकिन एक दिन अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ी। ऑक्सीजन लेवल अचानक कम होने लगा। फिर बायपेप मशीन पर रखा गया। मुझे आईसीयू में शिफ्ट किया गया। नौ रेमडेसिविर इंजेक्शन लगे। टॉसीलिजुमैब इंजेक्शन भी लगा। सात दिन आईसीयू में रहा। थोड़ा सुधार हुआ तो मुझे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। ऑक्सीजन मास्क पर था। ऑक्सीजन सेचुरेशन 80 प्रतिशत था। अस्पताल में 20 दिन रहने के बाद मुझे लगा कि मैं शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर हाे रहा हूं।

वहां मरीज ज्यादा और स्टाफ ज्यादा नहीं था। छोटी-मोटी परेशानियों से जूझ रहा था। घर जाना चाहता था। लेकिन डॉक्टर ने इनकार कर दिया। उनका कहना था कि अभी स्थिति ठीक नहीं है। घर जाने की इजाजत नहीं दे सकते। डॉक्टर बोले कि अपनी रिस्क पर जाओ। पत्नी व बच्चे भी बेेबस थे। मेरी केयर अस्पताल में नहीं हो पा रही थी, इसलिए परिवार वालों ने लामा (स्वेच्छा से डिस्चार्ज) करवा लिया।

एम्बुलेंस की व्यवस्था तक नहीं हो पाने के कारण कार में ही घर तक आए। ऑक्सीजन लेवल 80 प्रतिशत था। पत्नी व बच्चे ने ऑक्सीजन की व्यवस्था की। सिलेंडर खरीदे। कंसन्ट्रेटर मशीनें खरीदीं। 24 घंटे के लिए दो अटेंडर्स की सेवा ली, जो घर आ जाते थे। ऑक्सीजन की मॉनिटरिंग करते थे। धीरे-धीरे सुधार आने लगा। अब ऑक्सीजन सेचुरेशन 92 प्रतिशत तक आ गया है। शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत महसूस करता हूं।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव - आज की स्थिति कुछ अनुकूल रहेगी। संतान से संबंधित कोई शुभ सूचना मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। धार्मिक गतिविधियों में समय व्यतीत करने से मानसिक शांति भी बनी रहेगी। नेगेटिव- धन संबंधी किसी भी प्रक...

    और पढ़ें