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मध्यप्रदेश में कोरोना सुपरफास्ट:पहली लहर में 21, दूसरी में 17 तो तीसरी में 10 दिन में हजार पार; प्रदेश में 1617 तो इंदौर में 584 नए केस

इंदौर/भोपाल/उज्जैन21 दिन पहलेलेखक: राहुल शर्मा
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प्रदेश में हर डेढ़ मिनट में एक व्यक्ति हो रहा संक्रमित, 1 घंटे में 44 मरीज मिल रहे। - Dainik Bhaskar
प्रदेश में हर डेढ़ मिनट में एक व्यक्ति हो रहा संक्रमित, 1 घंटे में 44 मरीज मिल रहे।

प्रदेश में गुरुवार को 1617 नए कोरोना संक्रमित मिले। वहीं इंदाैर में 584 नए मरीज सामने आए। इंदौर में संक्रमण दर अब 6.44 फीसदी पर पहुंच चुकी है, जबकि एक्टिव मरीज 1716 हो गए हैं। हालांकि एक ही दिन में 138 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। राहत भरी बात यह भी है कि कोई नई मौत नहीं हुई है।

प्रदेशभर में यदि संक्रमण की तीन लहरों की तुलना करें तो पता चला है कि तीसरी लहर सबसे ज्यादा संक्रमण फैला रही है। पहली लहर में 21 दिन में एक हजार केस मिले थे। दूसरी में 17 दिन लगे थे, जबकि तीसरी में सिर्फ 10 दिन में नए केस हजार पार हो गए। अभी हर डेढ़ मिनट में एक व्यक्ति संक्रमित हो रहा है यानी घंटे भर में 44 लोग। एक्टिव केस 4191 हो गए हैं, जो 1 जनवरी को 497 थे। जबकि नए संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या सिर्फ 9.87% ही है।

हाईकोर्ट में सोमवार से सिर्फ वर्चुअल सिस्टम से सुनवाई

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुुए हाईकोर्ट में फिर सुनवाई के लिए वर्चुअल सिस्टम शुरू किया जा रहा है। आगामी सोमवार से यह व्यवस्था लागू होगी। प्रकरण पेश करने के लिए फिजिकल व्यवस्था भी रहेगी। तीनों खंडपीठ में भी कई कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं।

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल सिस्टम शुरू किए जाने को लेकर सुनवाई होना थी, लेकिन इस याचिका को आगे बढ़ा दिया गया। इस बीच हाईकोर्ट प्रशासन ने यह फैसला ले लिया। वकील अपने घर, दफ्तर या कोर्ट परिसर स्थित चैंबर से ही सुनवाई कर सकेंगे।

एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरज शर्मा के मुताबिक वकीलों को फ्रंट लाइन वाॅरियर मानकर उन्हें बूस्टर लगाने की मांग भी शासन से की गई है। अक्टूबर में वर्चुअल सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया था। विगत अक्टूबर में वर्चुअल सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया था। वकीलों को कोर्ट रूम में आकर ही पैरवी करने के लिए कहा जा रहा था।

उसी समय कई वकीलों ने वर्चुअल सिस्टम बंद किए जाने का विरोध भी किया था। सुनवाई के लिए स्थायी रूप से हाईब्रिड सिस्टम ही रखे जाने की वकालत की थी। फिजिकल के साथ ही वर्चुअल सिस्टम को भी विकल्प के रूप में हमेशा रखे जाने की मांग की थी।

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