इंदौर में कोरोना ने फिर बढ़ाई टेंशन:इस साल पहली बार 247 नए मरीज मिले, रिकवरी रेट घटी, अस्पतालों में बेड फुल; 3 दिन में हालत नहीं सुधरे तो लग सकता है नाइट कर्फ्यू

इंदौरएक वर्ष पहले
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  • अस्पतालों में मरीजों को मना करना पड़ रहा, प्रमुख अस्पतालों में वेटिंग बताई जा रही

मार्च 2020 में शहर में दस्तक देने वाले काेराेना ने एक बार फिर से मार्च महीने में ही टेंशन बढ़ा दी है। देर रात इस साल का सबसे बड़ा आंकड़ा सामने आया। एक मौत के साथ नए संक्रमित 247 मिले हैं। बड़े अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं। नए कोरोना मरीजों को भर्ती करने से मना कर रहे हैं। शहर के चार क्षेत्रों को कोरोना संक्रमण के लिहाज से हाॅट स्पाॅट घोषित किया गया है।

भोपाल-इंदौर में लग सकता है नाइट कर्फ्यू:दोनों जिलों में 1 सप्ताह में कोरोना केस 65% बढ़े

लगातार मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद शुक्रवार को हुई आपदा प्रबंधन की बैठक में फिर सख्ती का फैसला लिया गया। अभी नाइट कर्फ्यू नहीं लगाया। लेकिन भोपाल में CM शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 3 दिन में हालात नहीं संभले तो इंदौर-भोपाल में नाइट कर्फ्यू लगा सकते हैं। समिति ने बाजार रात 10 बजे बंद करने का प्रस्ताव भेजा है। शादी छोड़ अन्य राजनीतिक और धार्मिक आयोजन नहीं होंगे।

अस्पतालों में बेड ने बढ़ाई परेशानी
जिला प्रशासन ने कोविड अस्पतालों में बेड आरक्षित किए हैं, लेकिन मरीजों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। एक बार फिर निजी अस्पताल मना कर रहे हैं, क्योंकि बेड फुल बताए जा रहे हैं। शुक्रवार काे ऐसा ही मामला सामने आए जब मरीजों ने अस्पतालों में बेड के लिए फाेन लगाए ताे मना कर दिया गया। सीएचल, अपोलो, बांबे हॉस्पिटल और चोइथराम हॉस्पिटल में बेड खाली नहीं थे। कुछ जगह वेटिंग लिस्ट तक बनाना पड़ी। मरीज परेशान होते रहे। एक मरीज तो होम आइसोलेशन में था। सुबह तबीयत थोड़ी खराब लगी तो वे खुद अस्पताल पहुंच गया। लेकिन वहां चार घंटे तक इंतजार करते रहा। सामान लेेकर वे वापस घर आ गया। बता दें कि प्रशासन ने गुरुवार को 42 निजी अस्पतालों में 2423 बेड आरक्षित किए हैं। बावजूद भर्ती मरीजों की संख्या ज्यादा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि चार-पांच बड़े अस्पतालों में परेशानी आ रही है। दूसरे अस्पतालों में ऐसी स्थिति नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे बेड स्टेटस रिपोर्ट कार्ड के अनुसार सभी अस्पतालों में आईसीयू, एचडीयू और ऑक्सीजन बेड खाली हैं।

शुक्रवार तक की कुछ बड़े अस्पतालों की स्थिति

अस्पतालआईसीयूभर्ती
एप्पल हॉस्पिटल1201
अपोलो हॉस्पिटल0705
अरिहंत हॉस्पिटल0404
बांबे हॉस्पिटल1212
चोइथराम हाॅस्पिटल3009
मेदांता हॉस्पिटल1204
शैल्बी हॉस्पिटल0707
सिनर्जी हॉस्पिटल1104

मयूर हॉस्पिटल

1200

12 दिन में आए 1997 नए मरीज, एक्टिव मरीज की संख्या 1578
शहर में मार्च के 12 दिनों 1997 मरीज मिल चुके हैं। एक्टिव मरीज की संख्या भी बढ़कर 1578 पर पहुंच गई है। वहीं, लगातार 7वें दिन कोरोना से मौत हुई है। 12 मार्च को हुई 1 और मौत के साथ कुल आंकड़ा 941 तक पहुंच गया है। वहीं, लगातार दूसरे दिन संक्रमितों को आंकड़ा 200 के पार पहुंच पहुंचा है। गुरुवार रात को 219 संक्रमित मिलने के अगले ही दिन यह आंकड़ा 247 तक पहुंच गया है। इस साल पहली बार ऐसा हुआ है, जब नए संक्रमित ढाई सौ के करीब पहुंचे हैं। इसके पहले 31 दिसंबर 2020 को 219 पाॅजिटिव मरीज मिले थे। हालांकि रिकवरी रेट 97 फीसदी होने से थोड़ी राहत है। अब तक 8 लाख 61 हजार 288 सैंपलों की जांच में 61889 संक्रमित मिले हैं। इनमें से 59370 लोग ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं।

तिलकनगर, विजयनगर, सुदामानगर ई सेक्टर और नंदानगर कोरोना हॉट स्पाट घोषित
शहर के तिलकनगर, विजयनगर, सुदामानगर ई सेक्टर और नंदानगर क्षेत्र कोरोना संक्रमण के लिहाज से हाॅट स्पाॅट घोषित हो गए हैं। कलेक्टर मनीष सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए राज्य शासन को भी इसकी सूचना दे दी है। यदि इसके बाद इन क्षेत्रों में स्थिति नहीं संभली तो इसे कंटेनमेंट जोन बनाकर गतिविधियां व आवागमन प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि यह पहली स्थिति है, इसमें सभी को आगाह किया गया है कि यहां आवागमन करने में सावधानी रखें, बेवजह भीड़ नहीं बढाएं और मास्क लगााएं। मार्च माह में शहर में 1750 मरीज सामने आए हैं, इसमें अकेले 23 फीसदी यानि 410 मरीज इन चार क्षेत्रों से ही मिले हैं।

हॉट स्पॉट क्षेत्रों की स्थिति

  • विजय नगर से मिले मरीज - 182
  • तिलकनगर से - 95
  • सुदामानगर ई सेक्टर - 67
  • नंदानगर - 60 मरीज
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