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इंदौर में हादसे में घायल बिजनेसमैन की मौत:सारी पॉलिसी तुड़वा दीं, बेटी की शादी के लिए रखी जमापूंजी भी खर्च; पर बचा नहीं सके

इंदौर6 महीने पहले
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राजेश शुक्ला का घर। - Dainik Bhaskar
राजेश शुक्ला का घर।

बूढी मां, पत्नी और बेटे-बेटी की जिम्मेदारी संभाल रहे फेब्रिकेशन व्यापारी की सड़क हादसे में 45 दिन बाद मौत हो गई। घर से 100 मीटर दूर उन्हें कार ने टक्कर मार दी थी। प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। परिवार की पूरी जमा-पूंजी 25 लाख रुपए इलाज में खर्च हो गया। व्यापारी ने बेटी की शादी फरवरी में करने का मन बनाया था।

इंदौर के सुदामा नगर में रहने वाले राजेश (56) पुत्र स्व. रामदत्त शुक्ला का 26 अक्टूबर की रात एक्सीडेंट हो गया था। वह रेतीमंडी से बाइक पर जब अपने घर के नजदीक पहुंचे, तभी श्रीराम ट्रैवल्स की कार ने टक्कर मार दी थी। हादसे में गंभीर घायल राजेश को एंबुलेस से मेडिस्क्वेयर अस्पताल लाया गया। यहां से परिवार उन्हें एप्पल अस्पताल लेकर चला गया। करीब 45 दिन तक वह कोमा में रहे। राजेश फेब्रिकेशन से जुड़ा काम करते थे। परिवार में पत्नी, बच्चों के अलावा बड़े भाई और 95 साल की बूढी मां की जिम्मेदारी भी दी।

दोस्तों से मदद ली, मेडिक्लेम के रुपए लिए, सेविंग भी खर्च

बेटी महिमा शुक्ला ने बताया कि उसने MBA की पढ़ाई की है। हर दिन पापा की 18 हजार के लगभग दवाई आ रही थी। इसके साथ ही डॉक्टर उनसे जल्द ठीक होने की बात करते रहे। इस बीच दोस्तों ने उनकी कुछ मदद की। घर की सभी पॉलिसी तुड़वा दी और पूरा सेविंग खत्म कर 25 लाख से ज्यादा खर्च कर दिया, लेकिन पापा को नहीं बचा सके। महिमा ने बताया कि पापा के मोबाइल पर हादसे के दिन से अभी तक काम के लिए कई लोगों के कॉल आ रहे हैं। उनकी कई साइट अधूरी पड़ी हैं, जिन्हें भी हम जानकारी दे रहे, उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि वह हादसे का शिकार हो गए और दुनिया में नहीं रहे।

बेटी की शादी की तैयारी में थे

परिवार के सदस्यों ने बात करते हुए बताया कि महिला की शादी को लेकर राजेश बहुत खुश थे। उन्होंने फरवरी में बेटी के डोली उठाने का मन बनाया था। तैयारी में वह जुट गए थे, लेकिन उनकी आंखों के सामने बेटी के हाथ पीले होने का सपना अधूरा ही रह गया। उन्होंने बताया कि राजेश का एक बेटा आर्यन है, जो वैष्णव कॉलेज से इंजीनियरींग की पढ़ाई कर रहा है। बड़े भाई प्रदीप हैं, जिनकी पत्नी और बच्चे नहीं हैं। 95 साल की मां सरला हैं।

घर से 100 मीटर दूरी पर ही हुआ था हादसा

राजेश के घर से 100 मीटर दूरी पर ही गोपुर चौराहे पर हादसा हुआ था। यहां राजेश की बाइक को टक्कर मारने के बाद कार सर्विस लाइन में आकर पलटी खाई थी। रात के 12 बजे के बाद हादसा होने के कारण वहां से आने जाने वाले लोग राजेश को नहीं पहचान पाए थे। इसके कारण उनके परिवार को देर रात मामले में जानकारी लगी थी, जबकि उन्होंने बेटे को कुछ देर में आने की बात कही थी।