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पश्चिम रेलवे के जीएम का इंटरव्यू:33 साल पिछड़ चुके प्रोजेक्ट, 25 साल से सिर्फ सर्वे, आखिर रेलवे इंदौर की इतनी अनदेखी क्यों कर रहा?

इंदौरएक वर्ष पहले
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पश्चिम रेलवे के जीएम ने किया इंदौर स्टेशन का निरीक्षण - Dainik Bhaskar
पश्चिम रेलवे के जीएम ने किया इंदौर स्टेशन का निरीक्षण
  • इंदौर-देवास-उज्जैन डबलिंग को एक हजार रुपए का बजट मिलने पर कहा- अतिरिक्त बजट दिलवाएंगे

पश्चिम रेलवे के जीएम आलोक कंसल मंगलवार को इंदौर आए। जीएम के सामने इंदौर की अनदेखी, कई महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट बंद होने, होल्ड पर होने, बजट कम दिए जाने का मुद्दा उठा।

जीएम बोले ऐसा नहीं है कि इंदौर की अनदेखी हो रही है। इंदौर-देवास-उज्जैन डबलिंग को महज एक हजार रुपए बजट मिलने का मुद्दा भी उठा। जीएम बोले- ये प्रोजेक्ट हमारी प्राथमिकता में है। हम अतिरिक्त बजट की व्यवस्था करेंगे। जीएम ने इंदौर में वाटर रीसाइकिलिंग प्लांट और रेस्ट रूम ब्लॉक का शुभारंभ किया।

सवाल : इंदौर से जुड़े प्रमुख रेल प्रोजेक्ट की अनदेखी क्यों हो रही? इंदौर-दाहोद व महू-सनावद के बीच काम बंद क्यों है?

जीएम : महू-सनावद में काम चल रहा है। इंदौर-दाहोद होल्ड पर है। इस समय देशभर में साढ़े 3 लाख करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट स्वीकृत हैं। हर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो, इसके लिए उतनी राशि होनी चाहिए। हम लोगों को अच्छी और तेज गति से गाड़ी चलाने की सुविधा देना चाहते हैं।

हमारे पास रुपए 100 हैं और हमें खर्च 500 रुपए करना हैं। ऐसे में रुपए खर्च करने के लिए पूरी प्लानिंग करनी होती है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम इंदौर के प्रोजेक्ट की अनदेखी कर रहे हैं। इंदौर-दाहोद में रास्ता निकालने की कोशिश है।

सवाल : महू के आगे टनल के लिए 25 साल से सर्वे ही चल रहा है, यह कब पूरा होगा?

जीएम : महू के आगे घाट सेक्शन के लिए दूसरा टेक्निकल सर्वे किया है। क्योंकि अभी की स्थिति में बनेगा तो अतिरिक्त इंजिन और अन्य व्यवस्थाएं लगेंगी। हमारी कोशिश है कि अतिरिक्त खर्च लगने के बजाय हम ऐसा रूट तैयार करना चाहते हैं, जिससे भविष्य में अतिरिक्त खर्च से बचा जाए।

सवाल : इंदौर के रेल प्रोजेक्ट 10 से 33 साल तक लेट चल रहे हैं?

जीएम : पहले प्रोजेक्ट की स्वीकृति तेजी से होती थी, लेकिन फंड उपलब्ध नहीं होते थे।

सवाल : डिवीजन में कौन-कौन से प्रोजेक्ट प्राथमिकता पर हैं?

जीएम : डबलिंग, जिस लाइन में ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकें। जहां ट्रेनों की गति को बढ़ाया जा सके। हमारी कोशिश यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सीट उपलब्ध करवाने की है। इंदौर-देवास-उज्जैन डबलिंग हमारी प्राथमिकता में से एक है। काम जल्द पूरा होगा।

सवाल : इंदौर-देवास-उज्जैन डबलिंग को सिर्फ एक हजार रुपए ही बजट में मिले, क्यों?

जीएम : इंदौर-देवास-उज्जैन डबलिंग प्रोजेक्ट मेरी प्राथमिकता में है। इसके लिए अतिरिक्त फंड की व्यवस्था होगी। काम जल्द पूरा होगा।

जीएम बोले- ट्रेन नहीं चलने से 5 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ

जीएम बोले 22 मार्च के बाद से ट्रेनें बंद थीं। फिलहाल 145 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। अगले 7 दिनों में इंदौर से छह और ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। ट्रेनों के नहीं चलने से सालाना 5 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।

सांसद बोले- इंदौर से जुड़े प्रोजेक्ट जल्द पूरे हों

सांसद शंकर लालवानी ने जीएम से कहा इंदौर से जुड़े सभी रेल प्रोजेक्ट जल्द पूरे किए जाएं। उन्होंने टिही की टनल को पूरा कर पहले चरण में धार तक ट्रैक जोड़े जाने की बात कही। महू-सनावद के बीच भी काम जल्द से जल्द पूरा किए जाने की मांग की।

रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्यों ने भी कहा जल्द शुरू हो रेल प्रोजेक्ट

रेलवे पैसेंजर एमीनिटीज कमेटी के पूर्व मेंबर नागेश नामजोशी, अजीतसिंह नारंग ने कहा इंदौर से जुड़े प्रोजेक्ट पर प्राथमिकता से काम हो। जगमोहन वर्मा, संजय बाकलीवाल, अनूप शुक्ला, तेजप्रकाश राणे, अनिल ढोली सहित अन्य ने ज्ञापन दिया।

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