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किसानों के साथ छल:330 रु. में होता है 2 लाख का बीमा, अफसर ने बेटे की कंपनी से 437 में कराया एक लाख का बीमा

इंदौर14 दिन पहले
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किसानों के साथ छल किया - Dainik Bhaskar
किसानों के साथ छल किया

इंदौर सहित प्रदेश की 38 जिला सहकारी बैंकों में किसानों को बीमा सुरक्षा के नाम पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। वर्ष 2016-17, 17-18 और 2018-19 में अल्पावधि कृषि ऋण लेने वाले किसानों का निजी कंपनी से 437 रुपए के प्रीमियम पर एक लाख का बीमा कराया गया। इसके लिए किसानों की सहमति भी नहीं ली गई, जबकि प्रीमियम उन्हीं के लोन अकाउंट से चुकाया गया। हैरानी की बात यह है कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में मात्र 330 रुपए में दो लाख की बीमा सुरक्षा मिल सकती थी।

फिर भी अफसरों ने निजी कंपनी से बीमा कराया। नौ जिलों में ही सवा लाख से अधिक किसानों के बीमे का तीन साल में 40 करोड़ से अधिक का प्रीमियम चुकाया गया। उस समय सहकारिता विभाग के जॉइंट कमिश्नर अरविंद सेंगर थे और जिस कंपनी को यह काम मिला, उसके स्टेट हेड उनके बेटे लोकेंद्र सिंह सेंगर थे।

प्रमुख सचिव ने लिखा-जानकारी नहीं दे रहे, यानी गड़बड़ है

राज्य सहकारिता विभाग ने सभी 38 जिला सहकारी बैंकों से बीमा की जानकारी मांगी है। इंदौर सहित 21 बैंक जानकारी नहीं भेज रहे। पत्र में यहां तक कह दिया गया है कि जानकारी नहीं भेजने से प्रतीत हो रहा है कि सीईओ गड़बड़ी छिपा रहे हैं। प्रमुख सचिव सहकारिता केसी गुप्ता कहते हैं कि जल्द फाइल ओपन कराएंगे। ​​​​​

सामूहिक बीमा नहीं कराने के निर्देश थे, मंजूरी तक नहीं ली

राज्य सहकारी बैंक ने सर्कुलर जारी कर ताकीद किया था कि निजी बीमा कंपनी से किसानों का सामूहिक बीमा नहीं कराएं। अनिवार्य हो तो कंपनियों से रेट मंगाकर मुख्यालय से मंजूरी के बाद ही कराएं। अपेक्स बैंक के प्रभारी एमडी पीएस तिवारी कहते हैं कि जांच पूरी होने तक इस बारे में कुछ नहीं कह सकते।

न कोई टेंडर न कोटेशन बिना प्रक्रिया कराया किसानों का बीमा

किसानों के बीमे का काम जिस कंपनी डीएचएफएल प्रामेरिका लाइफ को सौंपा गया उसके स्टेट हैड लोकेंद्र सिंह अपेक्स बैंक के सालों एमडी रह चुके और वर्तमान में जाइंट कमिश्नर एवं जाइंट रजिस्ट्रार अरविंद सिंह सेंगर के बेटे हैं। मामले की शिकायत जितेंद्र दलाल व पूर्वा जैन ने की थी। लीगल नोटिस भी जारी हुए हैं।

  • 38 बैंकों से प्रमुख सचिव ने मांगी डिटेल
  • 17 बैंकों ने अब तक जानकारी भेजी, बाकी टाल रहे
  • 21 बैंक रिमाइंडर के बाद भी नहीं भेज रहे
  • 6 गड़बड़ी पकड़ी गई प्रारंभिक जांच में ही

​​​विदेश यात्रा का खर्च कंपनी ने उठाया- बीमा कंपनी ने सर्बिया में अगस्त 2018 में सम्मेलन किया। इसमें बैंक के सीईओ शामिल हुए। खर्च कंपनी ने ही उठाया।

पिता ने नहीं किया सहयोग- इस बारे लोकेंद्र सिंह सेंगर का कहना है कि पिता ने सहयोग नहीं दिया। बैंक ने कंपनी का प्रस्ताव मंजूर किया, उसी आधार पर बीमे हुए।

याद नहीं बेटा किस वर्ष उस कंपनी में था

मुझे याद नहीं है मेरा पुत्र किस वर्ष में बीमा कंपनी का काम संभालता था। किसानों के बीमा संबंधी मुझे जानकारी नहीं है। मैं अभी बाहर हूं। आपसे बाद में बात करूंगा।
-अरविंद सेंगर, जाॅइंट कमिश्नर, सहकारिता विभाग