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देवी अहिल्या संस्था के होंगे चुनाव:रिसीवर वाली 40 गृह निर्माण संस्थाएं भी चुनाव के दायरे में, पीड़ित सदस्यों को दिलाया जाएगा न्याय

इंदौर2 महीने पहले
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सालों से विवादों में रही 40 से ज्यादा ऐसी गृह निर्माण संस्थाएं जहां रिसीवर नियुक्त हैं, उनके चुनाव जल्द होंगे। इसी कड़ी में सबसे देवी अहिल्या श्रमिक कामगार गृह निर्माण सहकारी संस्था को लिया गया है। हाल ही में प्रशासन ने इस संस्था के सौ से ज्यादा सदस्यों को अलग-अलग अवधि में उनके प्लॉटों के कब्जे दिलाए हैं। इसी तरह अब अन्य संस्थाओं के भी चुनाव कराए जाएंगे ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।

देवी अहिल्या सहित ऐसी कई संस्थाएं हैं जिन्होंने बड़े पैमाने पर घोटाले किए जिसके चलते सालों पहले संचालक मंडल को भंग कर वहां रिसीवर की नियुक्ति की गई है। दूसरी ओर समय-समय पर पुलिस ने इन संस्थाओं के पदाधिकारियों व इनसे जुड़े भूमाफियाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की। खास बात यह कि इस साल भी कार्रवाई हुई और मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सालों से दर-दर की ठोकरें खा रहे सदस्यों को उनके प्लॉट मिलना शुरू हुए। देवी अहिल्या श्रमिक कामगार संस्था के मामले में जिला प्रशासन ने हाल ही 100 से ज्यादा पीड़ितों को महालक्ष्मी नगर के सेक्टर ‘ए’ और ‘बी’ में प्लॉटों का कब्जा दिलवाया था जबकि अभी भी कई सदस्य बाकी हैं। इसके सहित अन्य संस्थाओं के पीड़ितों के लिए पिछले हफ्ते फिर से कैम्प लगाए जाने थे लेकिन कुछ कारणों के चलते नहीं लगाए जा सके।

बहरहाल, अब रिसीवर द्वारा संचालित संस्थाओं में फिर से चुनाव कराकर संचालक मंडल द्वारा इन्हें संचालित किया जाएगा। एडीएम अभय बेड़ेकर ने बताया कि चुनाव बाद गठित समिति को जो अधिकार होते हैं, वे रिसीवर को नहीं होते। इसके चलते अब ऐसी संस्थाओं के चुनाव आवश्यक हो गए हैं। सबसे पहले देवी अहिल्या संस्था के चुनाव कराए जाएंगे। इसके लिए मप्र राज्य सहकारी चुनाव प्राधिकारी को पत्र लिखा है। इसके तहत सबसे पहले वोटर लिस्ट बनाई जाएगी। इसमें पात्र सदस्यों को लिया जाएगा। समिति गठित होने के बाद ऐसे पीड़ित जिनके पास प्लॉटों की रसीद, रजिस्ट्री, आवंटन पत्र आदि हैं, समिति द्वारा पड़ताल के बाद उन्हें न्याय दिलाया जा सकेगा। चुनाव के लिए तहसीलदार सुदीप मीणा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वोटर लिस्ट तैयार होनेे के डेढ़ माह बाद चुनाव कराए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया 26 जुलाई से 16 अगस्त तक चलेगी।

ये हैं कई विवादित संस्थाएं

वर्तमान में 40 से ज्यादा गृह निर्माण संस्थाएं ऐसी हैं जहां संचालक मंडल भंग होने के बाद रिसीवर द्वारा संचालन किया जा रहा है। इन संस्थाओं को भंग होकर 5 से 10 साल तक हो गए हैं। इनमें मजदूर पंचायत, जागृति गृह निर्माण, वेदमाता गायत्री, क्लासिक गृह निर्माण, नवभारत, डाक-तार विभाग गृृह निर्माण, न्याय विभाग कर्मचारी संस्था आदि हैं। इन संस्थाओं के पीड़ित भी चक्कर लगाकर परेशान हैं लेकिन उन्हें अभी तक अपने प्लॉटों का कब्जा नहीं मिला है।

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