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  • 50% Infection, Oxygen Level 85, Would Have Been Disheartened, Watching The Grandchildren On Video Calls, This Gave Them The Strength To Live

जन संकल्प से हारेगा कोरोना:50% इन्फेक्शन, ऑक्सीजन लेवल 85, मायूस होता तो वीडियो कॉल पर नाती-पोतों को देखता, इसी से जीने की ताकत मिली

इंदौर6 महीने पहले
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अनिल यादव | कोरोना वॉरियर  - Dainik Bhaskar
अनिल यादव | कोरोना वॉरियर 
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परिवार के सारे सदस्य घर पर ही रहते थे। सिर्फ मैं शासकीय ड्यूटी के लिए जाता था। अचानक एक दिन बुखार आया। दो दिन डॉक्टर से ट्रीटमेंट लिया, लेकिन ठीक नहीं हुआ। सीटी स्कैन में पता चला कि फेफड़ों में 50 फीसदी से ज्यादा संक्रमण फैल गया है। बच्चों और अन्य सदस्यों ने तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती किया। सब घबरा गए, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी। मैंने पहले ही दिन तय कर लिया था कि चाहे जो हो जाए, हिम्मत नहीं हारूंगा।

मेरे पॉजिटिव आने के बाद घर में पत्नी व एक बच्चे को भी बुखार आया। वे घर पर ही 7 दिन के ट्रीटमेंट में ठीक हो गए। लेकिन अस्पताल में मेरी हालत बिगड़ गई। ऑक्सीजन लेवल कभी 84 तो कभी 85 पर रहा। करीब 12 दिन अस्पताल में संघर्ष चला। मैंने बिलकुल हिम्मत नहीं हारी। जब-जब डॉक्टर और परिवार के सदस्यों ने जो कहा, वैसा ही किया। समय पर खाना खाया, फल खाए। जो दवाई लेने का कहा, वह भी ली।

रोज नाती-पोतों से फोन पर, वीडियो कॉल पर बात करता रहा। उनके मासूम चेहरों ने मुझे हौसला दिया। कई बार तो दोनों बेटों और वाइफ को मैंने समझाइश दी कि चिंता मत करो। मैं ठीक होकर लौटूंगा। ज्यादा कमजोरी, ज्यादा संक्रमण और अस्पताल के माहौल के बीच भी मैं इस उम्मीद में मजबूत रहा कि कुछ दिन में परिवार के साथ बैठकर खाना खाऊंगा। अस्पताल में सबने सहयोग किया। नकारात्मक बातें जब भी मन में आई, मैंने परिवार, दोस्तों को याद किया। उनके साथ बिताए पुराने किस्से याद किए।

यही उम्मीद रखी कि वापस लौटकर दोस्तों से बहुत सारी बातें करूंगा। इसी उम्मीद में आखिर 12 से 13 दिन में मैं पूरी तरह ठीक होकर घर लौटा। आज घर लौटने के बाद भी 10 दिन और होम आइसोलेशन में रहूंगा। अब कमजोरी भी दूर हो रही है। सबको यही सलाह दूंगा कि मन में हिम्मत और घर लौटने का, जिंदगी जीने का उत्साह रखें। हर हाल में जीत मिलेगी।

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