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ऑनलाइन तीर्थ दर्शन..:550 साल प्राचीन प्रतिमा और 176 साल पहले नदी से निकली भगवान की प्रतिमाओं का बताया इतिहास, सुगंध दशमी पर युवा प्रकोष्ठ ने किया अनूठा आयोजन

इंदौर4 महीने पहले
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नदी से निकली नेमिनाथ भगवान जी की मूर्ति। - Dainik Bhaskar
नदी से निकली नेमिनाथ भगवान जी की मूर्ति।

दिगंबर जैन समाज के पर्युषण पर्व पर गुरुवार रात सुगंध दशमी पर्व पर दिगंबर जैन समाज युवा प्रकोष्ठ ने ऑनलाइन तीर्थ दर्शन का अनूठा आयोजन किया। समाजजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते ऑनलाइन तीर्थ एवं जिनमंदिर दर्शन का आयोजन रखा गया। इसमें वर्ष 2020 में जब आचार्य श्री 109 विद्यासागर महाराज इंदौर आए थे और उन्होंने इंदौर प्रवास के दौरान 11 माह में जिन-जिन मंदिर जी के दर्शन किए थे। उन सभी मंदिर जी के दर्शन सुगंध दशमी के दिन समाजजन को उसी मार्ग अनुरूप कराए गए।

दिगंबर जैन समाज युवा प्रकोष्ठ इंदौर के मार्गदर्शक राहुल सेठी और महामंत्री विकास कासलीवाल के मुताबिक ऑनलाइन तीर्थ एवं जिनमंदिर दर्शन के आयोजन के तहत आईटी प्रभारी अदिति जैन और सलोनी जैन ने ऐसी योजना तैयार की थी कि वर्ष 2020 में जब आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज इंदौर आए थे, और उन्होंने इंदौर प्रवास के दौरान 11 माह में जिन-जिन मंदिर जी के दर्शन किए थे, उन सभी मंदिर जी के दर्शन सुगंध दशमी के दिन समाजजन को उसी मार्ग अनुरूप कराए गए। जहां-जहां से आचार्य श्री ने पद विहार करते हुए दर्शन किए थे। ऐसी व्यवस्था की गई कि समाजजन अपने घर में ही ऑनलाइन दर्शन कर पाए। इसके लिए तीन स्थानों से इसका संचालन किया गया।

550 साल पहले इंदौर लाई प्रतिमा
उन्होंने बताया श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर कनाडिया रोड की प्रथम स्थापना सन 1979 में हुई थी, उस समय गुना शहर के नजदीक स्थित बजरंगगढ़ गांव से लगभग 550 वर्ष प्राचीन श्री आदिनाथ भगवान की पद्मासन प्रतिमा को यहां लाया गया था। फिर उस प्रतिमा को यहां स्थापित कर मंदिर की स्थापना हुई थी। ऐसी मान्यता है कि प्रतिमा जी बहुत चमत्कारिक हैं। इसी तरह 176 साल पहले रामाशाह नामक व्यक्ति को सपना आया था की पीलिया खाल नदी में भगवान श्री नेमीनाथ जी की प्रतिमा है। फिर वहीं से यह प्रतिमा निकली थी। इसलिए मंदिर का नाम रामाशाह मंदिर मल्हारगंज हो गया। इसी तरह छावनी के 108 वर्ष प्राचीन श्री अनंतनाथ जिनालय और 118 वर्ष प्राचीन श्री दिगंबर पंचायती मंदिर के साथ ही अन्य सभी मंदिर जी का भी इतिहास बताया गया। ऑनलाइन मंदिर दर्शन के समय संचालन और वहां का इतिहास प्रमुख रूप से राजकुमार वर्षा काला, निधी जैन, रुचि गोधा, भावना चांदीवाल ने बताया।

39 मंदिर के दर्शन कराए गए इस आयोजन में आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज ने इंदौर प्रवास के समय कुल 35 के मंदिर के दर्शन किए थे। इसमें प्रमुख रूप से उदयनगर, गोयल नगर, तिलक नगर, वैभव नगर, कनाडिया छावनी, नसियाजी, खातीवाला टैंक, नेमीनगर जैन कालोनी, सुदामा नगर, गुमाश्ता नगर , रामचंद्र नगर, कालानीनगर, अंजनी नगर, स्मृति नगर, संगम नगर, छत्रपति नगर, उदासीन आश्रम, समवशरण, रामाशाह, चंद्रप्रभू मल्हारगंज, कांच मंदिर, शक्कर बाजार, माणक चोक, क्लर्क कालोनी, रेवती रेंज, परदेशीपुरा, विजय नगर, स्कीम 78 नंबर, पंचबालयती विजय नगर और महालक्ष्मी नगर मंदिर के दर्शन कराए गए हैं। इनके साथ ही चार प्रमुख मंदिर के भी विशेष में दर्शन कराए गए।

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