अब वैक्सीनेशन की अपीलें हो रही बेअसर:इंदौर में दूसरे डोज के लिए ड्यू डेट क्रॉस कर चुके लोगों की संख्या 6 लाख तक पहुंची, अभी भी गंभीरता नहीं

इंदौर17 दिन पहले
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पहले डोज का 100 फीसदी टारगेट हासिल कर देश की 10 लाख की आबादी में अपना नाम रोशन करने वाले इंदौर के लोग दूसरे डोज के मामले में अभी भी गंभीर नहीं है। पूर्व में ऐसे ढाई लाख लोग थे जिनके पहले डोज के बाद की ड्यू डेट हो गई थी, लेकिन दूसरे डोज की वैक्सीन नहीं लगाई। अब यह संख्या बढ़कर करीब 6 लाख तक पहुंच गई है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने दो बार महाभियान चलाया और दूसरे डोज का 1.25 लाख वैक्सीन का टारगेट रखा। इसके लिए कई 250 सेंटर बनाए गए, लेकिन 33 हजार लोगों ने ही वैक्सीन लगाई। गुरुवार को भी मात्र 9597 लोगों ने ही वैक्सीन लगाई।

जिले में अब तक 29,05,917 लोगों को पहला डोज तथा 15,92,591 को दोनों डोज लग चुके हैं। यानी दूसरे डीज की धीमी चाल के तहत 54.80 फीसदी ही वैक्सीनेशन हुआ है जबकि करीब 3 हजार युवा हर माह बालिग हो रहे हैंं। ऐसे में ये पहले डोज के पात्र हो जाते हैं जिसके चलते इन्हें पहले डोज की वैक्सीन लगाई जा रही है।

यही कारण है कि पहले जहां 28 लाख लोग वैक्सीनेशन के पात्र थे अब 29.05 लाख से ज्यादा हो गए हैं और यह संख्या और बढ़ेगी क्योंकि जिले में युवा वर्ग काफी संख्या में हैं और 18 साल की उम्र पार करने के बाद ये वैक्सीन के लिए पात्र होंगे। दूसरी ओर विभाग का पूरा फोकस दूसरे डोज पर है जिसे दिसम्बर तक पूरा किया जाना है लेकिन अभी जिस धीमी रफ्तार से वैक्सीनेशन हो रहा है उससे संभावना नहीं लगती।

दरअसल, अब न तो वैक्सीन की कमी है और न ही टीम की। यही कारण है कि लगातार सेंटर बढ़ाए जा रहे हैं लेकिन लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इन लोगों को नेशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर (NIC) के माध्यम से रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। अधिकांश तो ऐसे लोग हैं जिन्होंने यह मान लिया है कि वे पहले डोज के बाद सुरक्षित हैं और दूसरा डोज कभी भी लगा लेंगे, इसी सोच के कारण उनकी ड्यू अ‌वधि को काफी समय हो गया है। कुछ लोग ऐसे हैं जो नौकरीपेशा होने के कारण टाइम नहीं निकाल पा रहे हैं।

मामले में अब आशा-आंगनवाडी कार्यकर्ता घर-घर जाकर अपील करेंगी। टीकाकरण अधिकारी डॉ. तरुण गुप्ता ने बताया कि अब संबंधितों के परिवारों से आग्रह किया जाएगा कि दूसरे डोज के लिए जागरूक करें। सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों को पूरे स्टाफ का दूसरा डोज कराने को कहा गया है।

जानिए दोनों डोज लगवाने के फायदे

  • पहला डोज यानी आधी सुरक्षा, दोनों यानी पूरी सुरक्षा।
  • अब अगर कोरोना संक्रमित होते भी हैं तो लक्षण ए सिम्टोमैटिक रहेंगे।
  • पहले के जैसी क्रिटिकल स्टेज नहीं बनेगी यानी अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ सकती है।
  • फिर भी लंबे समय तक मास्क, सोशल डिस्टेसिंग, सैनिटाइजर सहित कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
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