पब्लिक ट्रांसपोर्ट कोरोना के प्रवेश द्वार:हर दिन 64 फ्लाइट, 5 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही, लेकिन किसी की भी स्क्रीनिंग नहीं

इंदौर16 दिन पहलेलेखक: गौरव शर्मा
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इतना गंभीर मामला - सिर्फ 15 दिन में 2 हजारसे ज्यादा कोरोना केस। - Dainik Bhaskar
इतना गंभीर मामला - सिर्फ 15 दिन में 2 हजारसे ज्यादा कोरोना केस।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंदौर में कोरोना के प्रवेश द्वार बन गए हैं। एक ओर बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अलग-अलग राज्यों में एयरपोर्ट पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। यात्रा के दौरान वैक्सीनेशन के दोनों डोज अनिवार्य या फिर आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट जरूरी है। यात्रियों की स्क्रीनिंग भी हो रही है, वहीं, इंदौर में अनदेखी की जा रही है।

इंदौर एयरपोर्ट से 64 फ्लाइट से औसत हर दिन पांच हजार यात्रियों की आवाजाही हो रही है, लेकिन किसी तरह की जांच और थर्मल स्क्रीनिंग नहीं हो रही है, जबकि इंदौर में लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। सिर्फ 15 दिन में दो हजार से ज्यादा कोरोना मरीज आ चुके हैं। इंदौर एयरपोर्ट पर जांच के नाम पर हर सप्ताह दुबई से आने वाले लोगों में से सिर्फ दो फीसदी (दो या तीन यात्री) की जांच हो रही है।

और इतने गैरजिम्मेदार- सप्ताह में सिर्फ एक दिन दुबई फ्लाइट के दो या तीन यात्रियों का टेस्ट कर रहे

पहले लगेज सैनिटाइज होता था, यूवी मशीन भी संचालित थी, अब दोनों सिर्फ रखे हुए हैं
1. कोरोना की पहली लहर के दौरान एयरपोर्ट पर मोबाइल और अन्य उपकरण के लिए लगेज डिसइन्फेक्शन बॉक्स लगाया था।
2. एंट्री करते समय हर यात्री का लगेज सैनिटाइज होता था। अब डिपार्चर गेट पर यह रखे हुए हैं, लेकिन इनका उपयोग ही नहीं हो रहा। एयरपोर्ट से जुड़े कर्मचारी के अनुसार लगेज सैनिटाइजेशन ऐच्छिक है, लोग करवाना चाहें तो करवा सकते हैं। वहीं, जो यात्री बाहर से इंदौर आते थे, उनका पूरा रिकॉर्ड रखा जाता था। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग भी होती थी।

इधर, दूसरे राज्यों में ये व्यवस्था

  • गुजरात : सूरत, अहमदाबाद सहित अन्य एयरपोर्ट पर वैक्सीनेशन के दोनों डोज जरूरी। जिन यात्रियों को डोज नहीं लगे हों, उनका मौके पर ही टीम टेस्ट करती है। सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग होती है।
  • महाराष्ट्र, कर्नाटक, जम्मू, श्रीनगर : वैक्सीनेशन के दोनों डोज या आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट जरूरी।
  • केरल : 48 घंटे के अंदर निगेटिव रिपोर्ट जरूरी।

(जानकारी एयरलाइंस कंपनी और बुकिंग एजेंटों के अनुसार)

ट्रेन : कोई स्क्रीनिंग नहीं, केस बढ़े तो मास्क को लेकर सख्ती जरूर हुई
ट्रेन से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था कोरोना की शुरुआत से ही नहीं है। रेलवे अफसरों का कहना है कि इतनी ज्यादा संख्या में यात्री आते हैं कि यह किसी भी स्टेशन पर संभव नहीं है। हालांकि बढ़ते कोरोना संक्रमण के बाद रेलवे ने मास्क को लेकर सख्ती जरूर की है। जो यात्री ट्रेन या स्टेशन पर मास्क नहीं लगाएगा, उस पर 500 रुपए जुर्माना किया जा रहा है।
बस : स्क्रीनिंग नहीं, मास्क पर भी रोकटोक नहीं
इंदौर से आने-जाने वाली बसों और स्टैंड पर भी किसी तरह की रोकटोक नहीं है। स्क्रीनिंग तो दूर मास्क नहीं लगाने पर भी किसी तरह सख्ती नहीं है। हालांकि बस ऑपरेटरों का कहना है कि मास्क नहीं लगाने पर वे यात्रियों को टोक रहे हैं। इधर, एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने बस ऑपरेटरों से बसों में भी मास्क की व्यवस्था के लिए कहा है।

राधास्वामी कोविड केयर सेंटर में 600 बेड, 22 मरीज भर्ती, 1200 बेड की क्षमता

खंडवा रोड स्थित राधास्वामी कोविड केयर सेंटर शुरू हो चुका है। कुल 600 बेड की क्षमता वाले इस सेंटर में फिलहाल 22 मरीज भर्ती हैं। यह जानकारी कलेक्टर मनीष सिंह ने शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और आपदा प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. निशांत खरे को दी।

महालक्ष्मी नगर ग्राउंड पर चल रहा मेला बंद करवाया

कोविड गाइललाइन के पालन में शुक्रवार को महालक्ष्मी नगर मैदान पर चल रहा मेला भी प्रशासन ने बंद करवा दिया। एसडीएम शाश्वत शर्मा ने बताया पुलिस व नगर निगम को मेले का संचालन बंद कराने के निर्देश दिए थे। शनिवार से मेला संचालित नहीं होगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा जारी आदेश का पालन करवाया जा रहा है। जिले में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण मेले पर प्रतिबंध लगाया गया है।

होम आइसोलेशन किट से एंटीबायोटिक दवा हटाई

सरकार ने कोरोना संक्रमितों को दी जाने वाली दवा की सूची से एंटीबायोटिक दवा (एजीथ्रोमाइसिन) हो हटा दिया है। होम आइसोलेशन किट में अब यह दवा नहीं रखी जा रही है। सिर्फ पैरासिटॉमोल, जिंक, मल्टीविटामिन आदि टैबलेट दी जा रही हैं। कोरोना संक्रमण की दो लहर के दौरान मरीजों को एंटीबायोटिक बड़ा मात्रा में खिलाई गई। उन लोगों ने भी यह टैबलेट खा लीं, जिनमें लक्षण नहीं थे। सिर्फ आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव थी।

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