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  • 70 Injections Were Given To Indore, 80 To Bhopal, 20 20 To Gwalior And Jabalpur, And 70 To Rewa Got 5 5 Injections.

प्रदेश में पहुंचे टोसिलिजुमैब:इंदौर को 70, भोपाल को 80 , ग्वालियर को 20 और जबलपुर को 70 इंजेक्शन मिले, मेडिकल जांच के बाद ही पात्र मरीजों को मिलेंगे

इंदौर6 महीने पहले
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कोरोना वायरस के प्रारंभिक दौर में जहां फैबी फ्ल्यू गोलियां दी जा रही हैं। वहीं, बाद में दिक्कत होने पर रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। फैबी फ्ल्यू गोली भी पहले दिन ज्यादा दी जाती है। वहीं, रेमडेसिविर भी पहले डोज में दो लगाए जाते हैं। जो मरीज क्रिटिकल होते हैं, उनके लिए टोसिलिजुमैब इंजेक्शन की जरूरत होती है। इनकी लगातार मांग बढ़ रही है। कई गुना अधिक कीमत पर भी ये गंभीर मरीजों को उपलब्ध नहीं हो पा रहे।

प्रदेश शासन द्वारा इंजेक्शनों की व्यवस्था सिप्ला कंपनी से करवाई। इनमें से 70 इंजेक्शन इंदौर को, 80 भोपाल, 20-20 ग्वालियर, जबलपुर को 70 और रीवा को 5-5 इंजेक्शन दिए गए हैं। इनका इस्तेमाल किन मरीजों पर किया जाए, उसके लिए भी कमेटी बनाई गई है। बकायदा गंभीर मरीजों की क्लीनिकल रिपोर्ट की जांच-पड़ताल के बाद पात्र मरीजों को ही कंपनी ये इंजेक्शन उपलब्ध कराएगी। मेडिकल कॉलेज के डीन और संयुक्त संचालक स्वास्थ्य को इस कमेटी में लिया गया है। उनकी अनुशंसा के बाद ही ये इंजेक्शन मिल सकेंगे। इससे कई गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी।

यह इंजेक्शन बेसिक रूप से बाहर की कंपनी बनाती है। सिपला कंपनी चेन्नई को इस इंजेक्शन का रॉ मटेरियल दिया जाता है। जर्मनी के माध्यम से सिपला चेन्नई में यह इंजेक्शन तैयार होते हैं।सिपला चेन्नई में भी इस रॉ मटेरियल की कमी है, इसलिए इस इंजेक्शन की इंदौर सहित भारत भर में कमी बताई जा रही थी।

इंदौर में लगी थी बोली

इंदौर में इसकी एजेंसी के पास है। कुछ दिन पहले उनके पास जितने इंजेक्शन थे, वे इंजेक्शन क्रिटिकल मरीज के लिए प्रशासन के अधिकारी ने अधिग्रहीत कर लिए थे। सूत्र बता रहे हैं, दवा बाजार से कुछ दिनों पहले एक इंजेक्शन किसी खंडेलवाल समाज के घराने ने चार लाख से अधिक में खरीदा था। सूत्रों का कहना है, उसके लिए तीन दावेदार थे। बोली 4.5 लाख पर खत्म हुई।