व्यवस्था / लंदन से आए 93 यात्री, जांच में सभी स्वस्थ पर 14 दिन दो होटलों में रहेंगे क्वारेंटाइन

93 passengers from London, quarantine will stay in two hotels for 14 days on investigation
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93 passengers from London, quarantine will stay in two hotels for 14 days on investigation

  • लंदन से इंदौर उतरे 93 यात्रियों को इमीग्रेशन, कस्टम की कार्रवाई के बाद सुबह 10 बजे भेजना शुरू कर दिया गया
  • 20-20 के ग्रुप में निकले यात्री, कुछ रिश्तेदारों के साथ, कुछ प्रशासन की गाड़ियों से गए

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 08:22 AM IST

इंदौर. लंदन से इंदौर उतरे 93 यात्रियों को इमीग्रेशन, कस्टम की कार्रवाई के बाद सुबह 10 बजे भेजना शुरू कर दिया गया। 20-20 के ग्रुप में बाहर निकले यात्रियों में से कुछ रिश्तेदारों के साथ तो कुछ प्रशासन की टैक्सियों से रवाना हुए। इंदौर के सभी यात्रियों को 14 दिन के लिए दो होटलों में क्वारेंटाइन किया गया है। बाकी यात्री अपने शहरों में क्वारेंटाइन होंगे। सांसद शंकर लालवानी के मुताबिक, अब भी कुछ लोग अलग-अलग देशों में फंसे हैं। उन्हें भी वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। 

बेटी से मिलने गई थी, अप्रैल में वापस आना था, अब लौटीं
लंदन से लौटीं रेसकोर्स रोड निवासी बीना राठी ने बताया, वे फरवरी में बेटी के घर गई थीं। अप्रैल में लौटना था, लेकिन कोरोना के कारण वहां लॉकडाउन हो गया। फ्लाइट भी कैंसिल हो गईं। अब जाकर मौका मिला। एयरपोर्ट पर बेटी डॉ. श्वेता और परिवार के लोग उनसे मिलने पहुंचे। 
छह महीने की इंटर्नशिप थी, एक महीने पहले खत्म हुई
मंगलमूर्ति नगर निवासी आदित्य बंसल बीई फाइनल ईयर के स्टूडेंट हैं। बिट्स गोवा की ओर से वे जनवरी में छह महीने की इंटर्नशिप के लिए गए थे, लेकिन उसे मई में ही खत्म कर दिया। जून के बजाय वे अभी लौट आए। 
बेटी से मिलने गए थे, मार्च में आना था, लेकिन वहीं अटक गए
जबलपुर निवासी श्याम पारुलकर पत्नी के साथ बेटी से मिलने गए थे। वे वहां एक-दो महीने रुककर मार्च में आने वाले थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण अटक गए। गोपालदास भी छह महीने बेटे के यहां रहकर लौटे। उन्होंने कहा लंदन में स्थिति ठीक है, लेकिन अपने घर आने की खुशी सबसे बड़ी है।
लॉकडाउन की वजह से सारे प्रोजेक्ट हुए बंद, वापस लौटे
सतना निवासी आशीष उपाध्याय सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत थे। वहां लॉकडाउन की वजह से फिलहाल सारे प्रोजेक्ट बंद हैं। ऐसे में परिवार सहित घर आ गए। उन्होंने कहा जब दोबारा प्रोजेक्ट शुरू होंगे तब लौटेंगे। 
यूनिवर्सिटी ने शुरू की ऑनलाइन पढ़ाई, दोनों भाई लौटे घर
भोपाल निवासी हसन रिदा और नबील रिदा दोनों लंदन में पढ़ाई करते हैं। नबील ने कहा कि उनकी यूनिवर्सिटी ने लॉकडाउन के बाद ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवाई है, इसलिए घर आ गए। हमें बताया गया है कि अगला सत्र भी ऑनलाइन ही होगा। हालांकि वहां लॉकडाउन खुलने लगा है।

आज से शुरू होगी नियमित उड़ानें 

  • एयरपोर्ट पर आरोग्य सेतु एप, मास्क और ग्लव्स के बिना एंट्री नहीं मिलेगी। साथ ही यात्रियों को ई-बोर्डिंग कार्ड दिखाना होगा। सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के लिए कांच के सेपरेटर लगाए जाएंगे। इनमें एक ओर से यात्री टिकट, डॉक्यूमेंट दिखाएंगे। टीम मैग्निफाइंग ग्लास से इन्हें देखेगी।
  • एयरपोर्ट पर थर्मल बॉडी स्कैनर से जांच होगी। बुखार होने पर सिस्टम अलर्ट करेगा। एेसे यात्रियों को यात्रा करने से रोका भी जा सकता है।
  • एंट्री के दौरान जूते भी सैनिटाइज किए जाएंगे।
  • पूरा लगेज भी सैनिटाइज होगा। हैंड सैनिटाइज के लिए भी मशीनें लगेंगी।
  • ई-बोर्डिंग कार्ड दिखाकर अपना लगेज एयरलाइंस कंपनी को दे सकेंगे। यहां भी कांच का सेपरेटर होगा, ताकि स्टाफ संक्रमण से बच सके।  
  • एयरपोर्ट पर वेटिंग हॉल में भी सीटों की व्यवस्था एेसी रहेगी कि यात्रियों के बीच सोशल डिस्टेंस बना रहे। एक सीट पर एक ही व्यक्ति बैठ सकेगा।
  •  यात्री जब एयरपोर्ट परिसर में एसकेलेटर से फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचेंगे, यहां पर दोबारा से उन्हें हैंड सैनिटाइज करना होंगे।
  • सुरक्षा जांच के दौरान यात्रियों का जो लगेज एक्स-रे से गुजरेगा। उसे यात्री ई-बोर्डिंग कार्ड दिखाकर ले सकेंगे। यहां दोबारा से यात्रियों को अपना हैंड लगेज भी सैनिटाइज दोबारा से करना होंगे।
  •  विमान में यात्रियों को खाना नहीं मिलेगा। यात्रियों को विमानतल से टेक अवे फूड पैकेट की अनुमति जरूर मिल सकेगी।
  •  यात्री अब अपने साथ यात्रा में 350 एमएल तक सैनिटाइज रख सकेंगे। इसकी अनुमति यात्रियों को दे दी गई है।

(एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार)

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