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प्रशासन जो दिखा रहा, हकीकत उससे उलट:जांच कराने पहुंचे करीब 700, बुलेटिन में बताए 1547

इंदौरएक महीने पहलेलेखक: नीता सिसौदिया
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  • फीवर क्लिनिक से जितने सैंपल, उतने मरीज ही नहीं

प्रशासन कोरोना बुलेटिन में भले ही हर दिन 9 हजार से ज्यादा कोरोना जांचें बता रहा, लेकिन हकीकत कुछ और है। फीवर क्लिनिक के 16 जून के आंकड़ों के मुताबिक कुल 1547 जांचें बताई गईं। इसमें आरटी पीसीआर की संख्या 910 जबकि रैपिड एंटीजन टेस्ट 637 बताए गए हैं। जबकि भास्कर ने 16 जून को हर फीवर क्लिनिक पर जाकर जानकारी जुटाई तो पता चला उस दिन हर फीवर क्लिनिक पर औसत 20 से 25 मरीजों ने ही कोरोना जांच करवाई है। वहीं 16 जून को ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोरोना बुलेटिन में कुल 9693 जांचें बताई गई हैं।

मांगीलाल चूरिया अस्पताल- दोपहर तक सिर्फ 07 जाचें
दोपहर 12.15 बजे कोई नजर नहीं आ रहा था। स्टाफ ने बताया सात सैंपल लिए हैं। इनमें भी एक एंटीनेटल जांच का केस था। 15 से 20 दिन से रोज यहां कभी 16 ताे कभी 20 मरीजों की जांच की जा रही है। इनमें ऐसे मरीज भी हैं, जिनकी रैपिड जांच के बाद आरटीपीसीआर का सैंपल लिया गया।

बाणगंगा अस्पताल-दोपहर 1 बजे तक 25 जांचें की गईं
स्टाफ ने बताया रोजाना औसतन 50 सैंपल्स कलेक्ट करते हैं। इनमें रैपिड एंटीजन जांच भी होती है। हालांकि दोपहर 1 बजे तक सिर्फ 25 लोगों की जांच हुई थी। इनमें पांच रैपिड जांच की गई थी। जिनकी रैपिड जांच की गई, उनका आरटीपीसीआर जांच का सैंपल भी लिया था।

प्रेमकुमारी फीवर क्लिनिक -दोपहर 2 बजे तक 18 मरीजों की एंट्री
दोपहर 2 बजे तक 18 मरीजों की एंट्री रजिस्टर में की गई थी। इनमें से चार सीआईएसएफ जवान थे। तीन ऐसे थे, जिन्हें बाहर जाना था। बीमारी के बाद जांच करवाने सिर्फ एक ही व्यक्ति क्लिनिक पर पहुंचा। इनमें से भी कई लोगों की रैपिड जांच करने के बाद आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल भेजा गया।

शिवाजी नगर डिस्पेंसरी -दोपहर 12.30 बजे तक सिर्फ 14 जांचें
मालवा मिल क्षेत्र में चल रहे इस फीवर क्लिनिक पर नर्स रीटा बाहर ही टेबल लगाए बैठी थीं। अन्य स्टाफ सहित दो डॉक्टर्स भी मौजूद थे। यहां दोपहर 12.30 बजे तक सिर्फ 14 लोग पहुंचे थे। इंचार्ज डॉ. विजय हरलालका ने कहा अनिवार्य रूप से किसी की जांच नहीं करवा रहे।

मल्हारगंज पॉलीक्लिनिक -दोपहर 1.30 तक 28 सैंपल लिए
दोपहर डेढ़ बजे तक 28 सैंपल लिए। अधिकतर वे थे जिनकी रैपिड जांच भी हुई और आरटीपीसीआर के लिए भी सैंपल लिया गया। यानी मरीजों की संख्या 28 से कम ही थी। डॉ. अशोक मालू ने बताया ज्यादातर वे लोग आ रहे हैं, जिन्हें नौकरी जॉइन करने के लिए रिपोर्ट चाहिए या बाहर जाना हो।

बाबू मुराई कॉलोनी-रोज 15 से 20 लोग ही पहुंच रहे हैं
बाबू मुराई कॉलोनी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रोज 15 से 20 लोग पहुंच रहे। दोपहर तक यहां 18 से 20 जांच हुई। ज्यादातर की रैपिड और आरटीपीसीआर जांच का सैंपल लिया गया। यहां ड्यूटी डॉक्टर ने बताया कि अब सैंपल्स की संख्या कम हो गई है। औसतन 20 से 25 सैंपल्स लेते हैं।

सीधी बात - डॉ. बीएस सैत्या, सीएमएचओ

घरों, दुकानों से भी रेंडम सैंपल ले रहे, इसलिए संख्या ज्यादा

  • शहर में कोरोना के मरीज कम हो गए फिर रोेज हजारों की संख्या में सैंपलिंग कहां से की रही है?

- कोविड सैंपलिंग की व्यवस्था पहले की तरह ही है। हम रेंडम सैंपल भी लेते हैं।

  • फीवर क्लिनिक पर मरीज कम हो गए हैं। आधे सैंपल्स भी नहीं लिए जा रहे?

- हां, यह सही है कि फीवर क्लिनिक पर मरीजों की संख्या कम हुई है, लेकिन फील्ड से सैंपल लिए जा रहे हैं।

  • कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कम हो गई है, तब इतने सैंपल्स कहां से लिए जा रहे हैं?

- हमारी रैपिड रिस्पांस टीम पहले की तरह ही काम कर रही है। घरों से और दुकानों से रेंडम सैंपल लिए जा रहे हैं।

{बाकी 23 फीवर क्लिनिक पर भी ऐसी ही स्थिति थी।

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