एसिड विक्टिम की आंख में लौटी रोशनी:इंटरनेशनल डांसर रूपाली को मां की आंखों से स्टेम सेल्स लेकर ट्रांस्पलांट किए गए, हल्का दिखाई देने लगा

इंदौर7 महीने पहले
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रूपाली पर 18 सितंबर 2018 को एसिड अटैक हुआ था। - Dainik Bhaskar
रूपाली पर 18 सितंबर 2018 को एसिड अटैक हुआ था।

एसिड अटैक में अपनी एक आंख गंवाने वाली इंटरनेशनल डांसर रूपाली निरापुरे की आखिरकार दूसरी आंख का ऑपरेशन हैदराबाद में हुआ। यह उनका पांचवां ऑपरेशन था और बहुत महत्वपूर्ण था। रूपाली के ऑपरेशन के पहले उनकी मां रेखा का ऑपरेशन हुआ। मां की दोनों आंखों के Limbal stem Cells बेटी रूपाली की बाईं आंख में ट्रांसप्लांट किए गए। वह अभी इंदौर में है तथा हैदराबाद के एलवी प्रसाद इंस्टिट्यूट के फॉलोअप में है। ऑपरेशन को 19 दिन हो गए हैं और रूपाली को हल्का सा दिखना शुरू हुआ है। सही स्थिति 10 दिन बाद स्पष्ट हो सकेगी।

इलाज के लिए अभी आर्थिक संकट तो बना ही हुआ है। करीब दो महीने से परिजन व आरती के नृत्य गुरु मदन सोलंकी सहायता राशि जुटाने में लगे थे। इस दौरान प्रशासन से 10 हजार रु की और सहायता मिली, जबकि बाकी राशि अन्य लोगों से जुटाई गई। 29 सितम्बर को परिवार मां-बेटी को लेकर हैदराबाद हॉस्पिटल पहुंचा। इस दौरान मां-बेटी की एक बार सभी जांचें हुईं। वैसे एसिड अटैक में रूपाली की दाईं आंख खराब हो चुकी है और नकली लगी है, जबकि बाईं आंख से भी दिखना बंद हो गया। इसके चलते उसका ऑपरेशन कराना बहुत जरूरी था। इसके पूर्व उसके चार ऑपरेशन हो चुके हैं।

ऑपरेशन के बाद रुपाली व मां रेखा।
ऑपरेशन के बाद रुपाली व मां रेखा।

इसलिए हुआ मां की भी आंखों का ऑपरेशन

दरअसल, जब किसी की एक आंख का ऑपरेशन होता है, तो मरीज की दूसरी आंख से Limbal Stem Cells निकालकर लगाए जाते हैं। इस तरह फिर जिस आंख से Limbal Stem Cells निकाले जाते हैं, उससे संबंधित की आंख को कोई नुकसान नहीं होता और वहां फिर नए Limbal Stem Cell आ जाते हैं। दूसरा तरीका किसी के द्वारा दान की गई आंखों के माध्यम से Limbal Stem Cell लिए जा सकते हैं, लेकिन ये थोड़ा कठिन होता है क्योंकि Living Limbal Stem Cells ज्यादा कारगर होते हैं। ऐसे में परिवार के किसी नजदीकी, जिसका ब्लड रिलेशन हो, उसकी आंख के Stem Cells लिए जाते हैं। इसके लिए संबंधित का भी ऑपरेशन होता है। इस मामले में मां रेखा ने कहा था कि वे अपनी आंखों के Stem Cell देंगी, इसलिए उनकी दोनों आंखों का ऑपरेशन कर Stem Cell रूपाली की आंख में ट्रांसप्लांट किए गए।

…तो फिर Eyeball का होगा ऑपरेशन

ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने रूपाली को एक विशेष चश्मा उपलब्ध कराया है, जिसकी बाईं ओर (ऑपरेशन वाली आंख) में डिबियानुमा सुरक्षा घेरा है। इसमें से हल्की हवा व रोशन जा सकती है। इसके साथ कुछ दवाइयां और ड्रॉप्स भी चल रहे हैं। रूपाली ने बताया कि उन्हें बाईं आंख से दिखना पूरी तरह बंद हो गया था, लेकिन अब ऑपरेशन के बाद हल्का धुंधला सा दिखना शुरू हुआ है। पूरी रोशनी कब तक आ जाएगी, इसके लिए रूपाली को पिछले हफ्ते फिर हैदराबाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कहा कि सही स्थिति 10 दिन बाद स्पष्ट होगी। अगर किसी प्रकार की परेशानी रही तो फिर उसकी Eyeball (पुतली) बदलने का ऑपरेशन करना होगा।

उसे तो फांसी होना चाहिए

रूपाली पर 18 सितंबर 2018 को एसिड अटैक हुआ था। एक सिरफिरे ने उसके चेहरे में एसिड फेंक दिया था। इसमें उसकी दोनों आंखें झुलस गई थीं। तमाम मुश्किलों का सामना करने के बाद उसे एक आंख के ऑपरेशन के लिए अलग-अलग दौर में 5 लाख रुपए की मदद मिली और आर्टिफिशियल आंख लगाई गई। इसके बाद दूसरी आंख से भी दिखना कम हो गया और 2019 में उसकी भी रोशनी चली गई। इस बीच उसका खूबसूरत रूप भी बदल गया। रूपाली से यह पूछने पर कि एसिड अटैक करने वाले आरोपी को क्या सजा होनी चाहिए तो उसने कहा, उसे फांसी होनी चाहिए।

रेड क्रॉस सोसायटी का पत्र; एक लाख वापस करो

रूपाली के इलाज में अब तक 7 लाख रु. खर्च हो चुके हैं। इसमें जिला विधिक सहायता, प्रधानमंत्री राहत कोष, इंदौर रेडक्रॉस सोसायटी व अन्य सामाजिक संगठनों ने मदद की है। उसके नृत्य गुरु मदन सोलंकी व अन्य ने भी उसके ऑपरेशन के लिए रुपए जुटाए हैं। इधर, हाल ही में परिवार को रेड क्रॉस सोसायटी से एक पत्र मिला है जिसमें उन्हें पूर्व में उपलब्ध कराई गई 1 लाख रु. की सहायता राशि वापस करने को कहा है। बताया गया कि उन्हें यह राशि प्रधानमंत्री राहत कोष से मिल चुकी है। मामले में परिजन की परेशानी यह है कि अभी उन्हें इलाज के लिए और रुपयों की जरूरत है जबकि कोरोना के कारण पिता की नौकरी छूट गई है। सोमवार को वे मामले में एडीएम अभय बेड़कर से मुलाकात करेंगे।