मुंबई की बच्ची में धड़का किसान का दिल:ब्रेन डेड के बाद 5 लोगों को दिया जीवनदान; हार्ट, लंग्स, लीवर, किडनियां, आंखें और त्वचा डोनेट

इंदौर10 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
किसान के आर्गन्स को विदाई देते परिवार के सदस्य। - Dainik Bhaskar
किसान के आर्गन्स को विदाई देते परिवार के सदस्य।

इंदौर में एक किसान की सड़क दुर्घटना में हुए ब्रेन डेड के बाद परिवार वालों ने ऑर्गन्स डोनेट कर दिए। इसके बाद शहर में 42वां बार ग्रीन कॉरिडोर बना। किसान के हार्ट, लंग्स, लीवर, दोनों किडनियां, आंखें और त्वचा से 5 लोगों को नया जीवन मिला। इन सभी आर्गन्स को ले जाने के लिए 4 ग्रीन कॉरिडोर बने और कुछ ही मिनटों में ये आर्गन्स संबंधित अस्पतालों में पहुंचा दिए गए। ट्रांसप्लांट की प्रोसेस पूरी गई।

इसमें हार्ट मुंबई के हॉस्पिटल में एडमिट एक पांच साल की बच्ची में ट्रांसप्लांट किया गया। ऐसे ही लंग्स हैदराबाद में एडमिट व्यक्ति को, एक किडनी शैल्बी हॉस्पिटल में एडमिट एक व्यक्ति को जबकि दूसरी किडनी बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट एक व्यक्ति को ट्रांसप्लांट की गई।

मामला खुमसिंह सोलंकी (40) निवासी ग्राम पिपलिया, बागली (देवास) का है। 28 नवम्बर को वे सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 29 नवम्बर को डॉक्टरों की टीम ने पहली बार उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया। इस बीच मुस्कान के सेवादार जीतू बगानी, संदीपन आर्य, डॉ. रेणु जयसिंघानी, राजेंद्र माखीजा व लक्की खत्री ने सोलंकी के परिजन व डॉक्टरों के बीच समन्वय किया। मामले में सोलंकी की पत्नी रायकुंवर ने पति के सभी महत्वपूर्ण आर्गन्स डोनेट करने करने की सहमति दी। इसके बाद मंगलवार को फिर डॉक्टरों की टीम ने परीक्षण कर उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया।

स्व. खुमसिंह सोलंकी
स्व. खुमसिंह सोलंकी

मामले में लंग्स लेने के लिए KIMS हॉस्पिटल हैदराबाद से डॉ. प्रेम अनंत, डॉ. उन्मिल शाह सहित पांच डॉक्टरों की टीम बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंची। इसी तरह हार्ट लेने के लिए एचएन रिलायंस हॉस्पिटल मुंबई से डॉ. संदीप सिन्हा सहित चार लोगों की टीम सुबह 10.30 बजे इंदौर पहुंची और आर्गन्स ट्रांसप्लांट के लिए प्रोसेस शुरू की गई। प्लान के तहत शाम 5.25 बजे से 6.30 बजे के बीच बॉम्बे हॉस्पिटल से KIMS हॉस्पिटल हैदराबाद, एचएन रिलायंस हॉस्पिटल मुंबई, चोइथराम हॉस्पिटल व शेल्बी हॉस्पिटल के लिए 4 ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। इसके पूर्व अधिकारियों को दोपहर को ही जानकारी देकर सुगम ट्रैफिक की व्यवस्था बनाई गई।

  1. पहला ग्रीन कॉरिडोर : बॉम्बे हॉस्पिटल से इंदौर एयरपोर्ट तक। एचएन रिलायंस हॉस्पिटल मुंबई, हार्ट के लिए शाम 5.44 से 5.58 बजे तक बना।
  2. दूसरा ग्रीन कॉरिडोर : बॉम्बे हॉस्पिटल से लंग्स लेकर इंदौर एयरपोर्ट के लिए बना। हैदराबाद हॉस्पिटल के लिए शाम 5.59 से 6.13 बजे तक।
  3. तीसरी ग्रीन कॉरिडोर : बॉम्बे हॉस्पिटल से चोइथराम के लिए। शाम 6.15 बजे से 6.30 बजे तक।
  4. चौथा ग्रीन कॉरिडोर : बॉम्बे हॉस्पिटल से शैल्बी हॉस्पिटल के लिए। शाम 7.40 बजे से 7.48 बजे तक।

बच्ची को जरूरी आकार का दिल नहीं मिल रहा था
मुंबई में जिस 5 साल की बच्ची को दिल प्रत्यारोपित किया, वह जन्म से हृदय की बीमारी से पीड़ित है और एक निजी अस्पताल में 20 दिन से आईसीयू में भर्ती है। उसका ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव है। अंगदान करने वाले ज्यादातर मरीज अधिक उम्र के होते हैं, जिनका हृदय का आकार बड़ा होता है। जिस युवक का दिल प्रत्यारोपित किया, वह आकार में मैच हो गया। सभी तरह की मेडिकल जांच के बाद इंदौर-मुंबई के डॉक्टर्स ने तय किया कि पांच साल की बच्ची को उससे आठ गुना अधिक उम्र के व्यक्ति का दिल लगाया जा सकता है।

यहां पहुंचाए अंग
हार्ट एचएन रिलायंस हॉस्पिटल, लंग्स KIMS हॉस्पिटल हैदराबाद, लीवर चोइथराम हॉस्पिटल, एक किडनी शैल्बी हास्पिटल व एक किडनी बॉम्बे हास्पिटल में एडमिट मरीजों को ट्रांसप्लांट की गई। इसी तरह आंखें और त्वचा चोइथराम हॉस्पिटल को डोनेट की गई। आर्गन्स डोनेशन में परिवार के सुनील मौर्य, बनेसिंह रंधावी और कविता मौर्य ने आगे बढ़कर भूमिका निभाई।