इंदौरी इंजीनियर ने एप्पल के CEO के किए जाली साइन:सॉफ्टवेयर के नाम पर ऑस्ट्रेलियन से 1 करोड़ का फ्रॉड; कंपनी के ऑफिस में खुलासा

इंदौर3 महीने पहले

इंदौर के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ऑस्ट्रेलिया के अकाउंटेंट को एक करोड़ की चपत लगा दी। अकाउंटेंट को भूलने की बीमारी है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने उसे 234.84 लाख करोड़ रुपए नेटवर्थ वाली एप्पल कंपनी से एग्रीमेंट कराने का झांसा दिया। जब अकाउंटेंट तैयार हुआ तो सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने एप्पल चीफ टिम कुक के जाली साइन किया हुआ एग्रीमेंट दे दिया। 4 साल बाद भी जब अकाउंटेंट को सॉफ्टवेयर नहीं मिला तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। अकाउंटेंट ने इंदौर में रहने वाले अपने दोस्त के जरिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पुलिस से शिकायत कराई।

इंदौर हाईकोर्ट अधिवक्ता गगन बजाड़ ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के पॉल शेपर्ड पेशे से अकाउंटेंट हैं। उन्होंने अकाउंट्स का सॉफ्टवेयर बनाने के लिए विज्ञापन निकाला था। इंदौर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर मयंक सलूजा ने उनसे संपर्क किया। मयंक ने 50 हजार रुपए में सॉफ्टवेयर बनाने कही। इसके बाद दोनों में डील हो गई।

मैकबुक पर चलाने के लिए दिया लालच

मयंक ने पॉल से कहा कि सॉफ्टवेयर केवल विंडोज पर चलेगा। मैकबुक पर सपोर्ट नहीं करेगा। इसके लिए हमें एप्पल से एग्रीमेंट करना होगा। पॉल ने हां कर दी। मयंक ने कहा कि इस तरह के कोई भी एग्रीमेंट टिम कुक ही साइन करते हैं। यह कहकर मयंक ने चार साल तक सॉफ्टवेयर नहीं बनाया और रुपए वसूलता रहा। जब पॉल को शक हुआ तो वे सिडनी स्थित एप्पल ऑफिस पहुंचे। यहां उन्हें सच्चाई का पता चला। इसके बाद उन्होंने इंदौर निवासी अपने दोस्त रूपेश शर्मा के जरिए अन्नपूर्णा थाने में मयंक के खिलाफ रविवार को शिकायत दर्ज कराई।

इंदौर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर मयंक सलूजा ने ऑस्ट्रेलिया के अकाउंटेंट से ठगी की।
इंदौर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर मयंक सलूजा ने ऑस्ट्रेलिया के अकाउंटेंट से ठगी की।

पॉल की बीमारी को बनाया हथियार

सितंबर 2018 में पॉल ने 200 डॉलर का पहला ऑनलाइन पेमेंट सीधे मयंक के खाते में किया। 29 नवंबर 2018 को पॉल ने अपनी बीमारी के बारे में मयंक को बताया। पॉल ने कहा कि वो ब्रेन कैंसर से अधिक दिन नहीं लड़ पाएंगे। यह भी बताया कि वे कोई भी बात लंबे समय तक याद नहीं रख पाते हैं। इसी का फायदा उठाते हुए मयंक ने 4 साल में पॉल से खाते में 1 लाख 77 हजार डॉलर ट्रांसफर करा लिए।

थाने पर दिया शिकायती आवेदन
थाने पर दिया शिकायती आवेदन

एप्पल की फर्जी प्रोफाइल बनाई

सॉफ्टवेयर इंजीनियर मयंक सलूजा ने पॉल से कहा, एप्पल के एशिया हेड अथर्व डापसे उसके स्कूल के दोस्त हैं, उनसे बात करनी होगी। मयंक ने अथर्व की एक फर्जी प्रोफाइल भी बना ली। इस आधार पर पॉल को यकीन दिलाया कि जल्द एप्पल से अनुबंध हो जाएगा और उनकी बनाई हुई स्कीन प्रेजेंटेशन एप्लिकेशन अब सभी कंपनी के कम्प्यूटर पर चलेगी।

मयंक ने एग्रीमेंट बनाकर टिम कुक के फर्जी हस्ताक्षर किए। जिससे पॉल को उस पर यकीन हो गया।
मयंक ने एग्रीमेंट बनाकर टिम कुक के फर्जी हस्ताक्षर किए। जिससे पॉल को उस पर यकीन हो गया।

एप्पल कंपनी में शेयर खरीदने का कहा

मयंक ने एप्पल कंपनी के लेटर हेड पर CEO टिम कुक के जाली साइन कर एग्रीमेंट पॉल को भेजा। कुछ समय बाद कहा कि एप्पल में आप को कुछ शेयर खरीदने होंगे। कंपनी में कुछ शेयर खरीदने के बाद वो हमारे सॉफ्टवेयर को अपने प्लेटफॉर्म पर चलाने के लिए जगह देंगे। 11 जून 2020 को पॉल एप्पल के शेयर खरीदने के लिए तैयार हो गए। मयंक के माध्यम से ही शेयर खरीदे। इसके बाद 5 नवंबर 2020 को मयंक ने टिम कुक का फर्जी हस्ताक्षर किया हुआ एग्रीमेंट पॉल को भेज दिया।

पॉल ने ऑस्ट्रेलिया से मेल कर पुलिस को शिकायत की। जिसके बाद केस दर्ज हुआ।
पॉल ने ऑस्ट्रेलिया से मेल कर पुलिस को शिकायत की। जिसके बाद केस दर्ज हुआ।

टिम कुक लॉन्च करेंगे सॉफ्टवेयर

मयंक ने पॉल को सॉफ्टवेयर बन जाने के बाद टिम कुक द्वारा लॉन्च करने की बात कही। इसके लिए उसने पॉल से कहा कि टिम कुक के आने से पहले उनके कर्मचारियों की ड्रेस बनवानी होगी। उसने पूरा प्रोग्राम के अरेंजमेंट करने के नाम पर फिर रुपए की मांग की। इस तरह 4 साल में मयंक ने पॉल से 1 करोड़ रुपए ठग लिए।