अलर्ट: इंदौर में एटीएम चोर:BA पास बजरंग ने प्रतापगढ़ की होटल में की 12 हजार की नौकरी, एटीएम चोर गैंग में शामिल होकर ली ट्रेनिंग, MP-CG को बनाया निशाना

इंदौरएक महीने पहले
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गुलाबी टीशर्ट में बजरंग। - Dainik Bhaskar
गुलाबी टीशर्ट में बजरंग।

UP प्रतापगढ़ से BA पास बजरंग सोमवंशी को होटल में 12 हजार रुपए महीने की नौकरी रास नहीं आई। चोर गिरोह के संपर्क में आने के बाद नौकरी छोड़कर ATM से रुपए चोरी करना सीखा और MP-CG में SBI की ATM मशीनों को निशाना बनाया। तीन साल में अब तक 15 लाख रुपए से ज्यादा ATM मशीनों से चोरी कर चुका है। इंदौर क्राइम ब्रांच की पकड़ में आने के बाद बजरंग ने काफी चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

क्राइम ब्रांच ने एटीएम में चोरी करने वाली गैंग के तीन सदस्यों को रविवार रात पकड़ा था। मामले का खुलासा करते हए क्राइम ब्रांच ने बताया कि गैंग का मुखिया बीए की पढ़ाई कर चुका है, जो वहां इस तरह की गैंग चलाने वाले मास्टर चोर से प्रेरित होकर इस काम में उतर गया।

एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर की टीम ने बजरंग उर्फ सावन पुत्र राजप्रताप सिंह सोमवंशी निवासी ग्राम रेड़ी प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश, मेहताब हसन पुत्र मेहफूज हसन निवासी ग्राम महुआर पोस्ट कादिपुर और मनीष कुमार पुत्र स्व. घनश्यामे प्रसाद चौबे को पकड़ा है, जिन्हें परदेशीपुरा पुलिस के सुपुर्द किया गया है। इस गैंग का सरगना बजरंग है। उसने प्रतापगढ़ की एक होटल में 12 हजार रुपए में मैनेजमेंट की नौकरी भी की, लेकिन एक मास्टर चोर ने उसकी जिंदगी बदल दी। बजरंग ने पूछताछ में बताया कि प्रतापगढ़ में ऐसे हजारों लड़के है, जो इस तरह की वारदातें देशभर में कर रहे हैं।

धीरूसिंह और दीपक की गैंग सक्रिय

प्रतापगढ़ में धीरूसिंह और दीपक की गैंग सक्रिय है। धीरूसिंह 12 साल से एटीएम में चोरी करने का काम कर रहा है। उसने यहां कई लड़कों को तैयार किया। दीपक भी उनमें से एक है। बजरंग इसी से प्रेरित था। जिसके बाद धीरूसिंह की वह गैंग में शामिल हो गया। उसके मुताबिक धीरूसिंह के कामों के बारे में स्थानीय पुलिस को जानकारी है, लेकिन वह कारवाई नहीं करती।

बिहार और पटना है अड्डा

बजरंग ने पुलिस पूछताछ में इस बात का खुलासा भी किया है कि बिहार और पटना इस तरह के चोरों का प्रमुख अड्‌डा है। यहां पत्तीनुमा स्लाइड के साथ ही कई तरह की एटीएम क्लोनिग जैसी सामग्री मिलती है। बजरंग ने बताया कि उसे धीरू के एक अन्य साथी गुड्‌डू सिंह ने ही यह स्लाइड 40 हजार रुपए में बिहार से दिलाई थी। इससे वह करीब 10 से 15 लाख रूपये कई एटीएम मशीन से निकाल चुका है। उसने बताया कि मेहताब पहले बाइक मैकेनिक था। वह धीरू की गैंग में एक-दो बार शामिल हुआ। उसे भी चोरी की लत लग गई। आरोपी के मुताबिक ATM का क्लोन के लिए बिहार में तीन लाख रुपए की सामग्री मिलती है।

SBI की मशीनें टारगेट पर

बजरंग ने पूछताछ में बताया कि बिहार और पटना में वैसे तो कई तरह की सामग्री ठगी की वारदातों के लिए मिली है, लेकिन यहां एटीएम क्लोनिंग के लिए 3 लाख रुपए में चिप बनाकर दी जाती है। उनके लिए इतना महंगा सामान खरीदना बस की बात नहीं। उनके मुताबिक मध्यप्रदेश और छतीसगढ़ के कई जिले जिसमें सागर, रीवा और इंदौर में वर्तमान में एटीएम की पुरानी मशीनें ही चल रही हैं, जिसमें आसानी से स्लाइड लगाई जा सकती है। इसलिए वह SBI की मशीनों को ज्यादा टारगेट पर लेकर काम करते थे।

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