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भास्‍कर इन्‍वेस्टिगेशन:सरिये पर सट्‌टा; 10 साल में बंद हो गई इंदौर की 25 रोलिंग मिलें, प्रदेश में 10 और कगार पर

इंदौर8 महीने पहले
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सरिये पर सट्‌टेबाजी के कारण सरिया कारोबार संकट में है। - Dainik Bhaskar
सरिये पर सट्‌टेबाजी के कारण सरिया कारोबार संकट में है।

सरिये पर सट्‌टेबाजी के कारण सरिया कारोबार संकट में है। 10 साल पहले इंदौर के सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में 45 रोलिंग मिलें थीं। इनमें से 25 सट्‌टेबाजी के कारण लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव की भेंट चढ़ गईं। शेष मिलों में से भी 10 की हालत खस्ता है। वे भी बंद होने की कगार पर हैं। हालत यह है कि कुछ कारोबारियों के लिए रोलिंग मिल के बिजली बिल चुकाना मुश्किल हो रहा है। शनिवार को भी नौ घंटे के कारोबारी समय में सात बार सरिये के दाम बदले। कारोबारी सट्‌टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।

सट्‌टेबाजी के कारण दो साल बंद रखी मिल
हम ऊंचे भाव देखकर कच्चा माल खरीदते हैं। जब बेचने जाते हैं, तब तक भाव बदल जाते हैं। परेशान होकर 2018 में इंडस्ट्री बंद कर दी थी। 2020 में चालू की। लगता नहीं, बहुत दिनों तक चालू रख पाएंगे।
- दर्शन मेहता, डायरेक्टर, मेहता स्टील, इंदौर

बिजली काटने का आवेदन दे दिया था
दोपहर में माल का ऑर्डर मिलता है। शाम तक खरीदार गायब हो जाते हैं। 3 साल पहले बिजली काटने का आवेदन दे दिया था। 150 टन रॉ-मटेरियल का सौदा किया, कुछ घंटे में भाव बढ़े तो ट्रेडर्स ने माल देने से मना कर दिया। - अनिल विरानी, चेयरमैन, निर्वाणा स्टील

प्रोडक्शन कैपेसिटी 60 फीसदी घटानी पड़ी
सट्‌टा बाजार के कारण प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ गई है। उत्पादन क्षमता 60 प्रतिशत तक घटाना पड़ी है। ऑर्डर देने के बाद उसे हम तक पहुंचने में ही तीन से चार दिन का समय लग रहा है। दिनभर में कई बार भाव बदल रहे हैं। - अमित जोशी डायरेक्टर, गणपति स्ट्रक्चर, देवास

डेढ़ साल में ही बंद करनी पड़ी मिल
एसोसिएशन के पदाधिकारी बताते हैं इंदौर में लॉकडाउन के पहले एक व्यापारी ने ऑटोमेटिक मशीनरी के साथ रोलिंग मिल लगाई थी। सट्‌टेबाजी की वजह से डेढ़ साल में ही चार से पांच करोड़ का घाटा सहना पड़ा। अंत में रोलिंग मिल को बंद करना पड़ा।

ISBT का निर्माण अटका, वजह सरिये के दाम
2022 में पूरे होने वाले आईएसबीटी के पिछड़ने की बड़ी वजह भी सरिये के दाम में उतार-चढ़ाव सामने आई है। शनिवार को आईडीए की बैठक में कांट्रेक्टर ने कहा कि सरिये के भाव 41 से 85 हजार हो गए हैं। काम मुश्किल है।

चार साल में ही प्रदेश की 10 मिलें बंद हुईं- मप्र रोलिंग मिल एसो. अध्यक्ष सतीश मित्तल कहते हैं, 4 साल में मिलों की संख्या 55 से 45 पर आ गई, फिर भी सट्‌टेबाजी नहीं रुक रही।

सट्‌टेबाजी से हो रहा भारी नुकसान, कार्रवाई करेंगे
सरिये पर सट्‌टेबाजी का यह विषय काफी गंभीर है। इससे पूरे प्रदेश के सरकारी और निजी प्रोजेक्ट पर नकारात्मक असर पड़ता है। हम इस पर जल्दी ही कोई ठोस कार्रवाई करेंगे। - ओमप्रकाश सकलेचा, मंत्री, सूक्ष्म लघु उद्यम विभाग

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