डॉक्टर के साथ करोड़ों का फ्रॉड:बिना जमीन दिए करा दी रजिस्ट्री, पुलिस ने फर्जी पत्रकार को गिरफ्तार किया

इंदौर12 दिन पहले
आरोपी धीरज यादव।।

इंग्लैंड रिटर्न डॉ€टर के साथ जमीन दिलाने के नाम पर पत्रकार ने डेढ़ करोड़ रुपए ऐंठ लिए। पैसा उसने और उसके साथी ने बांट लिया। इन पैसों से मकान और जमीन खरीदी है। पुलिस ने पत्रकार को गिरफ्तार किया है। उससे अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार का परिचय-पत्र भी जŽत हुआ है।

कनाड़िया पुलिस ने पलासिया निवासी डॉ. सुदर्शन भंडारी की रिपोर्ट पर वैभव नगर के धीरज विजय यादव और उसके साथी असगर मंसूरी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना का मामला दर्ज किया था। भंडारी बच्चों के डॉ€टर हैं। वो इंग्लैंड में रहते थे। वहां से लौटे तो काफी पैसा लेकर आए। यादव को इसकी खबर लगी तो उसने पत्रकार बनकर उनसे संपर्क किया। उनको इंदौर में जमीन दिलाने का कहा। कनाड़िया गांव में 16 हजार स्क्वेयर फीट की जमीन का सौदा किया। उसका करार भी करके दिया।

डॉ€टर को न तो जमीन मिली और न ही यादव और उसके साथी ने रजिस्ट्री कराकर दी। इसके बाद व्यासखेड़ी की जमीन का करार किया। जिस जमीन का सौदा किया, वो जमीन थी ही नहीं। डॉ€टर से चेक और नकद मिलाकर डेढ़ करोड़ रुपए ले लिए। डॉ€टर ने पैसा वापस मांगा तो उन्हें फर्जी चेक दे दिया। बैंक ने चेक लेने से मना कर दिया। पुलिस दोनों मुलजिमों को कई दिनों से ढूंढ रही थी। कल थानेदार बलवीरसिंह रघुवंशी, हवलदार योगेश झोपे और सिपाही जगजीत जाट ने यादव के घर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से फर्जी चेक और करार भी जŽत हुआ है। मुलजिम का कहना है कि उसने मंसूरी के साथ धोखाधड़ी का पैसा बांट लिया था। इससे जमीन और मकान खरीदे हैं। पुलिस अब इनको भी जŽत करेगी।

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