12 करोड़ की धोखाधड़ी:सीबीआई ने इंदौर की यूनियन बैंक में की सर्चिंग, करीब छह घंटे चली कार्रवाई

इंदौर5 महीने पहले
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केस दर्ज कर जांच शुरू की गई - Dainik Bhaskar
केस दर्ज कर जांच शुरू की गई
  • टीम ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के आरएनटी मार्ग और उषागंज छावनी स्थित कार्यालयों पर सुबह 7 बजे पहुंचकर सर्चिंग की
  • टीम ने दोपहर तीन बजे दोनों बैंकों से घोटाले से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज जब्त किए और फिर भोपाल रवाना हो गई

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में हुए 12 करोड़ से ज्यादा के एक बड़े घोटाले की जांच को लेकर सीबीआई की एक टीम शुक्रवार को इंदौर आई। टीम ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के आरएनटी मार्ग और उषागंज छावनी स्थित कार्यालयों पर सुबह 7 बजे पहुंचकर सर्चिंग की। करीब 6 घंटे तक सीबीआई की टीम ने पूछताछ की। टीम ने दोपहर तीन बजे दोनों बैंकों से घोटाले से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज जब्त किए और फिर भोपाल रवाना हो गई। सीबीआई टीआई सतीश बरवाल ने बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी जनरल मैनेजर कुमार राहुल ने 30 अप्रैल 22को वर्ष 2018 से 19 के बीच बैंक फंड में हुई 12 करोड़ 14 लाख 31 हजार 947 रुपए की धोखाधड़ी को लेकर शिकायत की थी।

इस पर सीबीआई ने चार इमली अन्वेषण परिसर स्थित मुख्यालय में एक केस दर्ज किया है। इसमें प्रमोद पिता ओम प्रकाश बंसल, (बंसल प्रोपराइटर), बसंत प्रभात ट्रेडिंग कंपनी और पार्टनर ईजी प्राइज आरएनटी मार्ग के संचालक विनोद पिता ओम प्रकाश बंसल, पार्टनर ओम प्रभात ,ओम प्रकाश बंसल, मेसर्स राम निवास प्रभाती लाल, वेदांत पिता विनोद कुमार बंसल पार्टनर ईजी प्राइज, आरएनटी मार्ग सहित तारादेवी बंसल को आरोपी बनाया है। आरोपियों द्वारा एक दुसरे के खिलाफ साजिश व बेमानीकर बैंक के फंड का गबन कर बैंक को नुकसान पहुंचाया है। इन सभी के खिलाफ ईपीसी की धारा 120-बी आर/डब्ल्यू 420 और पीसी की धारा 13(2) आर/डब्ल्यू 13(1)(डी) के तहत अधिनियम, 1988 और पीसी अधिनियम, 1988 की धारा 7 (जैसा कि 2018 में संशोधित) नियमों के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

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