बिहार से जुड़ी फर्जी मार्कशीट की लिंक:इंदौर पुलिस कर रही है पूछताछ, आरोपी सतीश ने कहा-बिहार से कोरियर के माध्यम से पहुंचाता था मार्कशीट

इंदौरएक महीने पहले
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क्राइम ब्रांच ने फर्जी मार्कशीट बनाने वाले आरोपी को पकड़ा था। वह कंप्यूटर क्लास की आड़ में फर्जी डिग्रियां बना रहा था। उसने पूछताछ में बिहार के एक युवक का नाम बताया है जो उसे यह डिग्रियां उपलब्ध कराता था। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर बिहार जाएगी। आरोपी भी मूल रूप से वहीं का रहने वाला हैं।
तिलक नगर पुलिस आरोपी सतीश पुत्र उमाशंकर गोस्वामी से पूछताछ कर रही है। उसने बताया कि वह तीन से चार साल से सहर्ष इंस्टिट्यूट ऑफ IT मैनेजमेंट के नाम से कोचिंग चला रहा था। इसकी आड़ में वह फर्जीवाडे़ से जुड़ गया। सतीश ने बताया कि वह यहां खुद पढ़ाई के लिए आया था और फिर कोंचिग संस्थाओं में अच्छा रुपए दिखने के बाद यही रहने लगा। वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। यहीं उसकी मुलाकात एक मित्र के माध्यम से बिहार में फर्जी मार्कशीट बनवाने वाले युवक से हुई थी, जिसके बाद वह छात्र के दस्तावेज लेने के बाद वहां से मार्कशीट कोरियर करवा देता था। TI मंजू यादव के मुताबिक जिन स्थानों से कोरियर आते थे पुलिस को वहां के लिफाफे भी मिले है। इसके साथ कुछ पते भी है जिन्हें सतीश दस्तावेज की साफ्ट कॉपी कोरियर करता था।
दो लाख रुपए खाते में जमा कराए
TI मंजू यादव के मुताबिक आरोपी से जो प्रारंभिक पूछताछ हुई है। उसमें पता चला है कि देवेश ने सतीश की शिकायत की है। उससे सतीश ने खातों के माध्यम से दो लाख रुपए एडवांस भी लिए थे। बताया जाता है कि जब देवेश ने सतीश द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट ऑनलाइन खोलने की कोशिश की तो वह नहीं खुले। इसके बाद पीड़ित ने क्राइम ब्रांच में इसकी शिकायत की थी।

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