भूमाफियाओं से पीड़ितों मिलेगा न्याय:चंपू अजमेरा व हैप्पी धवन के पार्टनर्स को लेकर कलेक्टर पहुंचे जिला जेल, दोनों का आमना-सामना कराया

इंदौरएक वर्ष पहले
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जेल के बाहर अधिकारियों को निर्देश देते कलेक्टर मनीष सिंह। - Dainik Bhaskar
जेल के बाहर अधिकारियों को निर्देश देते कलेक्टर मनीष सिंह।

भू-माफियाओं के शिकार हुए लोगों को न्याय दिलाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा इन दिनों विवादित गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के पीड़ितों के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में उन्हें जल्द न्याय मिले, इसके चलते कलेक्टर मनीष सिंह मंगलवार देर शाम भूमाफिया चंपू अजमेरा व हैप्पी धवन के पार्टनर्स को लेकर जिला जेल पहुंचे। उनका आमना-सामना कराया। जानकारी मिली है कि चंपू के जेल में रहने के दौरान उसकी पत्नी कॉलोनी काट रही है, जिसमें गड़बड़ियां हैं। इसमें उसके खिलाफ भी केस दर्ज किया जा सकता है।

प्रशासन ने विवादित फिनिक्स, कालिंदी गोल्ड और सेटेलाइट हिल्स कॉलोनियों की जांच शुरू की तो पता चला कि अभी भी ऐसे कई लोग हैं, जिनके प्लॉटों के कब्जे नहीं मिले हैं। इन भूमाफियाओं ने कुछ को डमी पार्टनर बनाया, तो कुछ को अलग जिम्मेदारी दी थी। इसमें दस्तावेजों में भी गड़बड़ियां पाई गई लेकिन चंपू, हैप्पी व अन्य के जेल में होने के कारण जांच दिशा नहीं मिल रही है। इसके चलते कलेक्टर कुछ अधिकारियों व भूमाफियाओं के पार्टनर्स को लेकर जिला जेल पहुंचे और उनका चंपू व हैप्पी से आमना-सामना कराकर स्थिति स्पष्ट की।

वैसे, पांच साल पहले दर्ज एक मामले में क्राइम ब्रांच ने जमीन धोखाधड़ी के मामले में चंपू, उसके साथ आरोपी निलेश, पवन, योगिता, सोनाली अजमेरा, चिराग शाह, निकुल, मनीष, जितेंद्र पंवार, विकास सोनी, अमरीश चौरसिया, रजत वोहरा, शब्बीर और खलील के खिलाफ केस दर्ज किया था। इधर, यह भी जानकारी मिली कि चंपू की पत्नी कालिंदी गोल्ड के पीछे एक अन्य कॉलोनी डेवलप कर रही है, जिसमें गड़बड़ियां हैैं।

कलेक्टर ने बताया कि पता चला है कि चंपू की पत्नी ने एक किसान से जमीन खरीदकर गड़बड़ी की है, जिसकी जांच एसडीएम को सौंपी गई है। इसके साथ ही डिप्टी रजिस्ट्रार को रजिस्ट्री पर रोक लगाने को कहा है। अगर गड़बड़ियां पाई गईं, तो चंपू की पत्नी के खिलाफ भी केस दर्ज होगा।