कस्टमर की जैसी डिमांड, वैसी बाइक चोरी:कार-बस से 100km दूर इंदौर आते, एक साथ 8-10 गाड़ियां चुरा ले जाते थे

इंदौर7 महीने पहले

इंदौर पुलिस के हाथ लगा गैंग का सरगना और उसका गुर्गा ऑन डिमांड बाइक चोरी करते थे। कस्टमर जिस कंपनी, मॉडल और हॉर्स पावर की बाइक की डिमांड करते, गैंग वही चुराकर दे देती। गैंग के लोग 100 किमी दूर पीपलरावां (देवास) से इंदौर तक बस या कार से चोरी करने आते थे। एक साथ 8 से 10 गाड़ियां चुरा ले जाते। पुलिस ने गुर्गे योगेश हाड़ा के बाद सरगना सचिन कंजर को भी अरेस्ट कर लिया है। सरगना पीपलरावां के पूर्व पार्षद भरत का बेटा है।

सरगना पीपलरावां (देवास) के कंजर डेरे से पकड़ा गया। उसने डेढ़ साल में इंदौर से 1000 गाड़ियां चुराने की बात स्वीकार की है। बताया कि उनका गिरोह चोरी की गाड़ियां गड्‌ढों या झाड़ियों में छिपा देता था। बाद में गैरेज संचालक और मैकेनिक को पांच से आठ हजार रुपए में पार्ट्स या पूरी बाइक बेच देते थे। डेरे से चोरी की 12 गाड़ियां बरामद हुई हैं। गिरोह के अब भी दस से ज्यादा बदमाश फरार हैं।

बदमाशों ने बताया कि सम्मत खेड़ी का एक बदमाश उन तक कस्टमर की डिमांड पहुंचाता था कि किस कंपनी की बाइक चाहिए। उसकी डिमांड पर ये लोग कार या बस से इंदौर आते थे। इन्हें पुलिस चेकिंग की भी पूरी जानकारी रहती थी, उनके हटते ही ये लोग शहर में एंट्री करते थे।

बदमाश बाइक चुराने के बाद झाड़ियों या गड्‌ढा खोदकर छिपा देते थे।
बदमाश बाइक चुराने के बाद झाड़ियों या गड्‌ढा खोदकर छिपा देते थे।

बदमाशों तक ऐसे पहुंची पुलिस
पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि विजय नगर, लसूड़िया, खजराना, तिलक नगर इलाकों से बाइक चोरी की घटनाएं सामने आ रहीं थी। खजराना और विजय नगर पुलिस के हत्थे गैंग का गुर्गा योगेश हाड़ा चढ़ गया। वह अपने तीन साथियों के साथ 2 बाइकों पर आ रहा था। पुलिस को देखकर हथियार लहराया। उसके तीन साथी भाग निकले। उसकी निशानदेही पर पीपलरावा में कंजर डेरे पर दबिश दी गई। सरगना सचिन को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

एक-दूसरे को कोडवर्ड से बुलाते हैं
कंजर गैंग के सदस्य एक-दूसरे को RT, BM, AK जैसे नाम से पुकारते हैं। सचिन का छोटा भाई संजू भी बाइक चोरी करता है। दोनों लंबे समय से घर से अलग रह रहे हैं।

भोपाल भी होता था टारगेट
बदमाशों से पूछताछ में पता चला है कि वे इंदौर के अलावा भोपाल से भी गाड़ियां चुराते थे। दोनों शहरों से उनके गांव तक आने के लिए हाईवे है। इससे आसानी होती थी। उनके निशाने पर नई गाड़ियां रहती थीं। गांव पहुंचते ही वे सबसे पहले गाड़ी का चेसिस नंबर और इंजन नंबर बदल देते थे।

2020 में 15 करोड़ के मोबाइल जब्त हुए थे
देवास पुलिस ने सितंबर 2020 में कंजर डेरे में रेड डाली थी। यहां से 15 करोड़ के मोबाइल जब्त किए थे। यह अंतरराज्यीय गिरोह देवास के टोंक खुर्द का था। गिरोह के सदस्य ट्रक कटिंग कर मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान चोरी करते और उसे प्रदेश के बाहर बेच देते थे। देवास जिले की धानी घाटी में बादल और अमर कंजर की गैंग का आतंक रहा है।