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चयनित सदस्यों को लेकर विवाद गहराया:कोरोना कंट्रोल करने के लिए वार्ड स्तरीय कमेटी के चयन पर विवाद

इंदौरएक महीने पहले
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  • निगमायुक्त ने कहा- शासन की मंशा के अनुसार ही चुने गए सदस्य

कोरोना कंट्रोल करने के लिए वार्ड स्तर पर बनाई गई कमेटी संकट प्रबंधन समूह में चयनित सदस्यों को लेकर विवाद गहरा गया है। कमेटी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम जुड़वाने के लिए शनिवार को प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर मनीष सिंह से मिला। विधायक संजय शुक्ला का आरोप है कि कमेटी में विशेषज्ञ गायब हैं। कांग्रेस के तीनों विधायकों के प्रतिनिधियों के नाम भी सूची में नहीं हैं। नगर निगम के चर्चित बल्ला कांड के आरोपियों को भी सदस्य बना दिया गया है। निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने बताया निगम ने शासन की मंशा के अनुसार ही पूरी सूची तैयार की है।

इसमें पर्व पार्षदों ने नामों का चयन कर भेजा था। इसके साथ ही विधायक और उनके प्रतिनिधियों की तरफ से आए नाम समिति में शामिल किए गए हैं। इस समिति का उद्देश्य सिर्फ लोगों को घरों में रहने के लिए प्रेरित करना है। युवाओं को घर में रखना और इलाज के लिए स्थानीय कोविड केंद्र तक सहायता उपलब्ध करवाना है।

विरोध हुआ तो बैठक में शामिल कर लिया कांग्रेस के नेताओं को

विधानसभा क्षेत्र 2 व 5 के अंतर्गत वार्ड स्तरीय संकट प्रबंधन समूह की रवींद्र नाट्यगृह में शनिवार को बैठक हुई। इसमें प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, कलेक्टर, डीआईजी, भाजपा नगराध्यक्ष गौरव रणदिवे, पूर्व सभापति अजयसिंह नरूका के अलावा पूर्व नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख अलीम व कांग्रेस के पूर्व पार्षद भी शामिल हुए। इससे पहले शुक्रवार को बैठक में कांग्रेस नेताओं को शामिल नहीं किया गया था।

मंत्री ने कहा सभी वार्ड स्तरीय संकट प्रबंधन समूह समिति के सदस्य एक योद्धा की तरह कार्य करें। संक्रमित मरीजों के साथ परिजन को भी आवश्यक मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने में सहयोग करें। बैठक को विधायक हार्डिया, मेंदोला, फौजिया अलीम व अन्य ने भी संबोधित किया।

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