पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

9 सितंबर तक मालवा-निमाड़ में अच्छी बारिश:सोयाबीन की नई वैरायटी की फसलों को मिली अच्छी ग्रोथ, किसानों के चेहरे खिले

इंदौर18 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
आष्टा व उसके आसपास की सोयाबीन की फसलों की ग्रोथ बताते किसान अनिल वर्मा, अनिल सरोसिया, रोहित वर्मा व अन्य। - Dainik Bhaskar
आष्टा व उसके आसपास की सोयाबीन की फसलों की ग्रोथ बताते किसान अनिल वर्मा, अनिल सरोसिया, रोहित वर्मा व अन्य।

इंदौर सहित मालवा-निमाड़ में अगस्त माह में बारिश कम होने के बाद अब 9 सितंबर तक मौसम बारिश के लिए अनुकूल रहेगा। इस दौरान इंदौर सहित मालवा-निमाड़ व प्रदेश के कई हिस्से तर हो सकते हैं। संभव है कि इस दौरान अगस्त का बचा कोटा भी पूरा हो सकता है। दूसरी ओर पिछले दिनों हुई बारिश से सोयाबीन की नई वैरायटियों की फसलें अब अच्छी स्थिति में है और लगभग पक गई हैं, जबकि पूर्व में अधपकी फसलों को उसके बाद ग्रोथ ही नहीं मिली है।

1 सितंबर की रात इंदौर जिले में रात को जोरदार बारिश हुई थी। इस दौरान शहर के पूर्वी हिस्से में ढाई इंच से ज्यादा बारिश हुई थी जबकि पश्चिम क्षेत्र में 4 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इससे निचली बस्तियों में पानी भरने के साथ सड़कें खस्ता हाल हो गई थी। इसके बाद दो दिन अलग-अलग हिस्सों में आधा-एक इंच बारिश हुई जबकि रविवार को बादल छाए रहे। वैसे जिले में अब तक करीब 20 इंच बारिश हुई है, जबकि पिछले साल इस दौरान तक 37 इंच से अधिक औसत बारिश हुई थी। इंदौर में औसतन कोटा 34-35 इंच का है। रविवार को पश्चिम क्षेत्र में अलग-अलग दौर में हुई सामान्य बारिश के तहत करीब पौन इंच बारिश हुई।

मौसम वैज्ञानिक पीके साहा के मुताबिक आगामी दिनों में मालवा-निमाड़ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश के आसार हैं। अभी बंगाल की खाड़ी से लो प्रेशर बना हुआ है जिसके चलते प्रदेश के कई शहरों में बादल छाए हुए हैं। रविवार को खरगोन, बड़वानी व उसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश हुई। इस लो प्रेशर दबाव से इंदौर सहित मालवा-निमाड़ में सामान्य से तेज बारिश हो सकती है और यह सिलसिला 9 सितंबर तक रह सकता है।

उधर, पिछले महीने बारिश की कमी के चलते पूर्व में बोवनी की गई सोयाबीन की फसलें अधपकी होकर खराब हो गई थीं, लेकिन हाल ही में हुई बारिश से सोयाबीन की नई फसलों को अच्छी ग्रोथ मिली है। आष्टा के किसान अनिल वर्मा, अनिल सरोसिया व रोहित वर्मा ने बताया कि आष्टा व सीहोर के अलावा इनके आसपास के गांव इछावर, मैना, कोटरी, वफापुर, बागेर, भंवरा, खड़ी, जावर, मेतवाड़ा क्षेत्र की नई सोयाबीन फसलों को अच्छी ग्रोथ मिली है तथा लगभग पक गई है। इसमें सोयाबीन की नई वैरायटी JS-2069, JS-2117, NRC-130 व JS-9560 तो बहुत ही अच्छी स्थिति में है। अगर अब बारिश होती है तो भी इन फसलों को कोई नुकसान नहीं है जबकि पहले बोवनी की गई सोयाबीन की कुछ फसलें अधपकी ही रह गई।

खबरें और भी हैं...