इंदौर सेक्स रैकेट में नए तार जुड़े:बॉर्डर पार कराने में जवान की मिलीभगत, दलाल की कॉल रिकॉर्डिंग से खुलासा; पुलिस नेशनल एजेंसीज को भेजेगी रिपोर्ट

इंदौर7 महीने पहले

इंदौर में पकड़े गए सेक्स रैकेट में बॉर्डर पर तैनात कुछ जवान की भूमिका भी सामने आई है। पकड़े गए दलालों की कॉल रिकॉर्डिंग में पता चला है कि कुछ जवान गिरोह की मदद करते थे। इंदौर पुलिस अब इस पूरे केस की जांच रिपोर्ट नेशनल एजेंसीज को भेजने की तैयारी में है।

अब तक इस केस में इंदौर पुलिस 20 गिरफ्तारियां कर चुकी है। 10 और नए नाम सामने आए हैं। यह भी पता चला है कि गरीब घरों की लड़कियों को बांग्लादेश के जासौर शहर से बॉर्डर पार कराकर पश्चिम बंगाल के चौबीस पगरना और मुर्शिदाबाद शहरों में ठहराया जाता था। यहां से इंदौर, मुंबई, सूरत और देश के दूसरे बड़े शहरों में सप्लाई किया जाता था।

सेक्स रैकेट गैंग को हाल ही में इंदौर की विजय नगर पुलिस ने पकड़ा था। आरोपियों ने अपने से जुडे़ कई एजेंट और कई ऐसे तस्करों के नाम बताए थे, जो लड़कियों को दूसरे शहरों में सप्लाई करने का काम करते थे। मना करने पर लड़कियों को इंजेक्शन तक लगाया जाता था। इससे उनका शरीर सुन्न पड़ जाता था। ज्यादा मुनाफे के लालच में एक दिन में लड़कियों को कई कस्टमर्स के आगे परोसा जाता था।

SIT दलालों के मोबाइल की जांच कर रही है। DIG मनीष कपूरिया ने पूरा रैकेट पकड़ने के लिए SIT का गठन किया है। SIT ने मामनूर उर्फ मामूर उर्फ विजयदत्त, बबलू उर्फ क्लास सरकार और प्रमोद पाटीदार के मोबाइल जब्त कर उनकी छानबीन शुरू की।

कई रास्तों से होकर भारत लाते थे लड़कियां

TI तहजीब काजी ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि बॉर्डर की सुरक्षा में तैनात कुछ जवान भी इस गिरोह में शामिल रहते थे। अब मामले में सभी दस्तावेज तैयार कर नेशनल एजेंसी को भेजे जा रहे हैं, ताकि मामले में सरहद पार कराने में शामिल दलालों को गिरफ्तार किया जा सके। आरोपियों से पता चला है कि मजदूर लड़कियां काम की तलाश में बांग्लादेश के जासौर से आती थी। पहले उन्हें चौबीस परगना (बांग्लादेश) और मुर्शिदाबाद (बांग्लादेश) में ठहराया जाता था। इसके बाद लड़कियों को अलग-अलग रास्तों से बॉर्डर के पास लाकर दलालों की मदद ली जाती थी। कई बार बॉर्डर पार करवाने में आने वाली दिक्कतों में बबलू मोबाइल से बात कर मदद मुहैया करवाता था। इसके बाद लड़कियां मुंबई, सूरत और अन्य शहरों में भेज दी जाती थीं।

अब तक 20 की गिरफ्तारी
बबलू ने पूछताछ में बताया कि वह अभी तक 50 लड़कियों के दस्तावेज राजेश नाम के एजेंट से बनवा चुका है। वह भारत के अलग-अलग ठिकानों के आधार कार्ड, वीजा और अन्य दस्तावेज मुहैया करवा देता था। इस मामले में अभी तक करीब 20 आरोपी महिला सहित पकड़ाए जा चुके हैं। 10 नए नामों को लेकर SIT और पुलिस की टीम के साथ अन्य एजेंसिया आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में विजयदत्त ने एक नाम विमलदत्त का बताया था, जो फर्जी निकला है। टीम उसके बताए ठिकानों पर पहुंची थी, लेकिन कुछ जानकारी हाथ नहीं लगी। फिलहाल जल्द और गिरफ्तारियां इस मामले में की जा सकती हैं।

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