DAVV में कर्मचारियों की हड़ताल:नहीं हुई मांग पूरी, तक्षशिला कैंपस में जारी हड़ताल

इंदौर2 महीने पहले
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कर्मचारियों की हड़ताल - Dainik Bhaskar
कर्मचारियों की हड़ताल

अपनी मांगें पूरी नहीं होने से नाराज देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। सोमवार रात करीब 8 बजे तक प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मौखिक रूप से मांग पूरी करने पर सहमति जताई थी, लेकिन अभी तक कोई निराकरण नहीं हुआ। निराकरण नहीं होने से कर्मचारियों ने तक्षशिला कैंपस के मेन गेट पर दोबारा नारेबाजी कर अपना रोष जताया।

दरअसल, वेतनवृद्धि न मिलने से विश्वविद्यालय के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में विश्वविद्यालय प्रबंधन को लेकर नाराजगी है। इसलिए कर्मचारियों द्वारा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय स्ववित्त संस्थान कर्मचारी (गैर शिक्षक) संघ के बैनर तले मोर्चा खोला। 10 नवंबर से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन करते आ रहे है। 15 नवंबर से कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की, जो अभी भी जारी है। इस बीच कर्मचारियों की प्रबंधन से कई बार चर्चा भी हुई। मगर कोई निराकरण नहीं निकला। सोमवार को मौखिक रूप से सहमति मिलने के बाद भी मंगलवार को इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुए। जिसे लेकर कर्मचारियों ने तक्षशिला कैंपस के मेन गेट पर प्रदर्शन किया और अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी।

रात 8 बजे तक हंगामा करने के बाद मिला था आश्वासन

उल्लेखनीय है कि सोमवार को नालंदा परिसर में दोपहर से लेकर रात 8 बजे तक कर्मचारियों का प्रदर्शन चला। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने कुलपति कक्ष के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने कक्ष में मौजूद अधिकारियों को न तो जाने दिया, न ही कर्मचारी धरने से उठ रहे थे, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मौखिक रूप से मांगों पर सहमति जताते हुए कर्मचारियों को आश्वासन दिया था। मगर अभी तक मांगें पूरी नहीं हुई है।

मांगें पूरी होने पर ही खत्म होगी हड़ताल

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय स्ववित्त संस्थान कर्मचारी (गैर शिक्षक) संघ के अध्यक्ष दीपक सोलंकी और महासचिव गजेंद्र परमार के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मौखिक सहमति जताने के बाद भी मांगें पूरी नहीं की। कर्मचारियों की मांग है कि उनकी वेतनवृद्धि दी जाए, हड़ताल के दौरान जिन कर्मचारियों का ट्रांसफर हुआ है उसे रोका जाए और कर्मचारियों को जो नोटिस जारी किए है, उसे निरस्त किया जाए। जब तक विश्वविद्यालय प्रबंधन मांगें पूरी नहीं करता तब तक कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।