इंदौर में 22 दुकानें जमींदोज:भंवरकुआं-तेजाजी नगर सड़क निर्माण की मिली मंजूरी तो दो व्यापारियों ने सरकारी जमीन पर बना ली 22 दुकानें, प्रशासन ने ढहा दिया

इंदौर2 महीने पहले
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इंदौर के तेजाजी नगर चौराहा के पास केलोद करताल में सरकारी जमीन पर बनाई गईं 22 दुकानों को जमींदोज कर दिया गया। यह दुकानें इंदौर के दो व्यापारियों ने ही बनाई थीं। हाल ही में भंवरकुआं से तेजाजी नगर तक सड़क निर्माण की मंजूरी मिली थी, इसके बाद इन दोनों व्यापारियों ने इसका फायदा उठाने के लिए सड़क के किनारे से अतिक्रमण कर दुकानों का निर्माण कर लिया था। इसमें लोहा व्यापारी मलकत सिंह ने 13 और ट्रक की बॉडी बनाने वाले रफीक ने 9 दुकानों का अवैध निर्माण किया था। बुधवार सुबह 10 बजे से जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दुकानों को पोकलेन से जमींदोज कर दिया गया।

नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा एंटी भूमाफिया अभियान के तहत बुधवार को तीसरी बड़ी कारवाई की गई। इसमें 8 हजार फीट में बनी 22 दुकानों को तोड़ने का काम शुरू किया गया। इन दुकानों को लेकर पिछले दिनों कुछ शिकायतें भी हुई थीं। जिसके बाद यहां कारवाई की गई। तेजाजी नगर चौराहे के पास केलोद करताल में बुधवार सुबह नगर निगम की टीम पहुंची थी। यहां बिना अनुमति के बनाई गई निर्माणधीन दुकानों को लेकर कारवाई की गई। कारवाई का समय सुबह 10 बजे रखा गया था, जिसमें पुलिस बल के साथ निगम का अमला भी मौके पर पहुंच गया था। यहां पोकलेन से निर्माणधीन दुकानों को तोड़ने का काम शुरू किया गया। यह सरकारी जमीन होने के साथ ही बिना अनुमति के बना ली गई थी। अभी मौके पर कारवाई जारी है।

सरकारी जमीन पर बनीं दुकानों को तोड़ दिया गया।
सरकारी जमीन पर बनीं दुकानों को तोड़ दिया गया।

इन दो व्यापारियों ने बनाईं दुकानें
यहां की 13 दुकानें लगभग 5 हजार स्क्वायार फिट पर बनी हुई थीं। इसके अलावा रफीक पटेल की 9 दुकानें 3 हजार फीट में बनी हुई थीं। नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल के मुताबिक पूर्व में दुकान मालिकों को नोटिस जारी कर दिए गए थे। जिसके बाद उसे ढहाने का काम शुरू किया गया था। दुकानों को लेकर नगर निगम की ओर से कोई अनुमति जारी नहीं की गई थी।

लोहा व्यापारी और ट्रक बॉडी संचालक ने बनाई थीं दुकानें
जानकारी के मुताबिक मलकतसिंह का लोहें से जुडा काम है, जिसका केलोद करताल में गोदाम बना हुआ है। वहीं रफीक ट्रक की बॉडी बनाने का गैरेज संचालित करता है। बताया जाता है कि पिछले दिनों भंवरकुआं से तेजाजी नगर तक सड़क निर्माण को मंजूरी मिल गई थी। जिसमें सड़क के दोनों तरफ बनीं करीब 20 से 30 फीट की दुकानें और मकान टूट रहे थे। इस दौरान मलकतसिंह और रफीक ने अवैध तरीके से पीछे खाली पड़ी जमीन पर दुकानें बना ली। उनका प्लान था कि व्यापारियों की दुकाने टूटने पर वह उनकी बनाई गईं दुकानें ले लेंगे। जिसमें अच्छा रुपए कमाया जा सकता है। लेकिन उसके पहले ही नगर निगम ने उनका सपना तोड़ दिया।

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