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इंदौरी स्टार्टअप का एनिमेशन वर्ल्ड में जलवा:600 रुपए में डिजाइन किया था पहला लोगो, अब हार्ले डेविडसन, डिज्नी और पोर्शे परमानेंट क्लाइंट

इंदौर4 महीने पहलेलेखक: अभिषेक दुबे

इंदौर की स्टार्टअप कंपनी 'मोशन गिलिटी' को बेस्ट परफॉर्मिंग क्रिएटिव स्टार्टअप की सूची में देश में दूसरा स्थान मिला है। इंटरनेशनल 'रेटिंग एंड रिव्यू एजेंसी- क्लच' ने बेस्ट परफॉर्मिंग क्रिएटिव स्टार्टअप की सूची में शामिल किया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मैगजीन 'द मेनिफेस्ट' ने इंटरनेशनल लेवल पर पहले नंबर पर और 'सिलिकॉन इंडिया मैगजीन' ने टॉप 10 में जगह दी है। 'मोशन गिलिटी' के ओनर 26 साल के हिमांशु चतुर्वेदी ने तीन साल पहले स्टार्टअप शुरू किया था। अब हार्ले डेविडसन, डिज्नी और पोर्शे जैसी कंपनियां उनकी परमानेंट क्लाइंट बन गई हैं। पढ़िए इस इंदौरी स्टार्टअप की सफलता की कहानी...

पिता, दादाजी के साथ खेती करते थे। इसी से घर चलता था। पिता ने मुझे 9 साल की उम्र में पढ़ाई के लिए इंदौर भेज दिया। इसके एक साल बाद उनका निधन हो गया। दादाजी जैसे-तैसे 3 हजार रुपए भेजते थे। महीने भर का खर्चा इसमें ही निकालना पड़ता था। दादा तीन बहनों का भी पालन-पोषण कर रहे थे। घर की परिस्थितियों को देखते हुए ठान लिया था कि कुछ बड़ा करना है। बचपन से कार्टून का शौक था, सोचता था मैं कार्टून की दुनिया में चला जाऊं। समझ आई तो कार्टून बनाने लगा, उसके लिए जिद की कि एनिमेशन का कोर्स करना है। दादाजी ने जमीन गिरवी रखकर कोर्स करने के लिए पैसे जुटाए। कोर्स पूरा करने के बाद जॉब लगी। मैं कम्प्यूटर क्लास में एनिमेशन ट्रेनर बन गया।

हिमांशु की कंपनी ने पोर्शे का लोगो डिजाइन किया।
हिमांशु की कंपनी ने पोर्शे का लोगो डिजाइन किया।

फ्रेंड को मिली स्कॉलरशिप से शुरू की कंपनी
स्कूल के समय से मेरी दोस्त रही कोमल को स्कॉलरशिप मिली थी। उसी से रुपए लेकर एनिमेशन कंपनी 'मोशन गिलिटी' शुरू की। कोमल ने काम ढूंढने में भी मेरी मदद की। उसने ऑनलाइन विदेशी कंपनियों से काम ढूंढना शुरू किया। पहला काम एक कंपनी का लोगो बनाने का मिला, जिसके लिए 600 रुपए मिले। इसके बाद इंदौर में हुए भारत और साउथ अफ्रीका के मैच में इंदौर की ही एक कंपनी ने अपना प्रमोशन एड बनाने के लिए देर रात संपर्क किया। इस कंपनी ने जिसे काम दिया था वह कंपनी काम नहीं कर पाई थी। उन्हें सिर्फ एक दिन में वीडियो चाहिए था। इसके लिए पूरी रात और दिन बैठकर एड तैयार किया। इसके लिए मुझे 25 हजार रुपए मिले।

कंपनी 'मोशन गिलिटी' ने ICICI का लोगो डिजाइन किया था।
कंपनी 'मोशन गिलिटी' ने ICICI का लोगो डिजाइन किया था।

पेंट हाउस में खोला पहला ऑफिस
इस एड के बाद मुझे काम मिलने लगा। काम बढ़ा तो विजयनगर की एक बिल्डिंग के बंद पड़े पेंट हाउस को किराए पर लेकर ऑफिस खोल लिया। फिर अक्टूबर 2018 में नया ऑफिस लिया। अब मेरे साथ 50 लोगों की टीम है। आज हमारे पास इतना काम है जिसे पूरा नहीं कर पाते, लेकिन समय पर अच्छी सर्विस देना ही लक्ष्य है।

ऑफिस में समय-समय पर मोटिवेशनल लेक्चर भी होते हैं।
ऑफिस में समय-समय पर मोटिवेशनल लेक्चर भी होते हैं।

डिज्नी, एएक्सएन परमानेंट क्लाइंट
हिमांशु बताते हैं कि वे विश्व के कई देशों की बड़ी कंपनियों के लिए काम कर रहे हैं। डिज्नी जैसे विश्व के सबसे बड़े एनिमेशन हाउस के लिए भी एनिमेशन तैयार करते हैं। एएक्सएन सहित कई विदेशी चैनल्स के लिए भी स्थाई तौर पर काम कर रहे हैं। जबकि पोर्शे, मर्सिडीज, हार्ले डेविडसन, HDFC, ICICI बैंक, एडनॉक (यूएई की तेल निर्यातक कंपनी) के लिए स्थायी तौर पर काम करते हैं।

'मोशन गिलिटी' के फाउंडर हिमांशु चतुर्वेदी।
'मोशन गिलिटी' के फाउंडर हिमांशु चतुर्वेदी।

अपनी ही कंपनी में 15 हजार सैलरी, 50 लोगों को दिया रोजगार
हिमांशु की कंपनी की मार्केट वैल्यू 50 करोड़ रुपए है, जबकि सालाना टर्नओवर 10 करोड़ से अधिक है। हिमांशु ने अपनी कंपनी में 10 हजार से लेकर 1 लाख रुपए सैलरी पर क्रिएटिव हेड, कंसेप्ट हेड जैसी नौकरियां दी हैं। वहीं हिमांशु ने तीन साल में अपनी सैलरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। वे अपनी ही कंपनी में मात्र 15 हजार रुपए प्रति माह में काम कर रहे हैं। हिमांशु ने अपनी कंपनी में इस वक्त 50 लोगों को रोजगार दे रखा है।

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