दिग्विजय समेत 6 को 1-1 साल की सजा:इंदौर जिला कोर्ट ने 11 साल पुराने मारपीट मामले में सुनाया फैसला; सभी दोषियों को 25-25 हजार के मुचलके पर जमानत भी मिली

इंदौर8 महीने पहले

इंदौर जिला कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्‌डू समेत 6 लोगों को 1-1 साल की सजा और 5-5 हजार रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई। जिला कोर्ट के न्यायाधीश मुकेश नाथ ने 11 साल पुराने मारपीट के मामले में फैसला दिया। मामले में 3 अन्य आरोपियों को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। देर शाम सभी दोषियों को कोर्ट ने 25-25 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत भी दे दी। मामले में दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह झूठा मामला है।

जुलाई 2011 में दर्ज हुआ था केस

मामला 17 जुलाई 2011 का है। तब उज्जैन में भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने एक कार्यक्रम में शामिल होने आए दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेताओं को काले झंडे़ दिखाए थे। इससे गुस्साए पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजयुमो कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की थी। इस दौरान भाजयुमो के अमय आप्टे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। कांग्रेस नेताओं पर जानलेवा हमले की कोशिश का प्रकरण दर्ज हुआ था।

केस में नामजद आरोपी बनाए गए थे 9 लोग

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्‌डू, तराना से विधायक महेश परमार, दिलीप चौधरी, जय सिंह दरबार, असलम लाला, अनंत नारायण मीणा, मुकेश भाटी और हेमंत चौहान को आरोपी बनाया गया था।

बाएं से महेश परमार, मुकेश भाटी और हेमंत चौहान।
बाएं से महेश परमार, मुकेश भाटी और हेमंत चौहान।

साक्ष्य के अभाव में तीन बरी

जिला कोर्ट ने इस मामले में मुकेश भाटी, हेमंत चौहान और तराना विधायक महेश परमार को बरी कर दिया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्‌डू, दिलीप चौधरी, जय सिंह दरबार, असलम लाला, अनंत नारायण मीणा को एक-एक साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है।

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