सुबह घर-घर हुई घट स्थापना;:देर शाम जारी हुई जिला प्रशासन की गाइड लाइन, रात 11 से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू

इंदौर2 महीने पहले
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नवरात्रि पर गरबों को लेकर शासन द्वारा गाइड लाइन जारी होने के बाद स्थानीय जिला प्रशासन ने गुरुवार देर शाम गाइड लाइन जारी की। इसके तहत अधिकांश नियम वे ही हैं जो हाल ही में शासन की गाइड लाइन के हैं। खास बात यह कि गरबे हर हाल में 10 बजे बंद होंगे जबकि रात 11 से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा जिसका सख्ती से पालन कराया जाएगा।

कलेक्टर मनीष सिंह बताया कि सभी सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक धार्मिक आयोजन, मेले, चल समारोह आदि बंद रहेंगे। पूजा स्थल पर क्षमता के 50 फीसदी श्रद्धालु उपस्थित रह सकेंगे। सभी प्रकार की दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, निजी कार्यालय, शॉपिंग मॉल, जिम नियत समय पर खुल सकेंगे। सिनेमाघर, थिएटर भी क्षमता के 50 फीसदी की सीमा तक संचालित किए जा सकेंगे। सभी छोटे-बड़े उद्योग पूरी क्षमता के साथ काम कर सकेंगे। निर्माण गतिविधियां भी चालू रहेंगी।

विवाह समारोह में दोनों पक्षों के कुल 300 लोग शामिल होंगे
- ऐसे ही जिम, फिटनेस सेंटर, योग केंद्रों का संचालन क्षमता के 50 फीसदी तक कोरोना प्रोटोकॉल के पालन के साथ हो सकेगा। फिर 15 अक्टूबर 100 फीसदी क्षमता के साथ संचालित होंगे।

- खेलकूद स्टेडियम व स्वीमिंग पूल खुल सकेंगे। खेल आयोजनों में 50 फीसदी क्षमता पर संचालन हो सकेगा।

- विवाह आयोजनों में दोनों पक्ष मिलाकर 300 लोग शामिल हो सकेंगे। यहां प्रोटोकॉल का पालन कराना आवश्यक होगा।

मेले की तर्ज पर बड़े रावण दहन को नहीं मिलेगी अनुमति

रावण दहन के पूर्व श्रीराम का चल समारोह प्रतीतकात्मक होगा। राम लीला व रावण दहन के कार्यक्रम खुले मैदान में फेस मास्क तथा सोशल डिस्टेसिंग की शर्त पर होंगे। इसके लिए आयोजन समिति द्वारा संबंधित क्षेत्र के SDM से अनुमति लेनी होगी। इसमें 50 फीसदी क्षमता तक लोग शामिल हो सकेंगे। बड़े रावण दहन जहां उसका स्वरूप मेले जैसा होता है, की अनुमति नहीं होगी। इसे लेकर अब दशहरा मैदान, तिलक नगर, चिकमंगलूर चौराहा आदि स्थल जहां बड़े रावण दहन होते हैं, उन आयोजकों को स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

- व्यवसायिक गरबों की अनुमति नहीं होगी। बड़े हॉल्स व खुले स्थल जहां स्पांसरशिप दी जाकर बडे गरबे होते हैं, की अनुमति नहीं होगी।

- समारोह में डीजे, बैंड की अनुमति रात 10 बजे तक होगी।

- प्रतिमा के लिए पांडाल 1500 वर्गफीट से बड़ा नहीं होगा।

- दूसरे राज्यों के लोगों, सामान तथा सर्विस का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।

- मूर्ति विसर्जन के लिए अधिकतम 10 लोगों को अनुमति होगी। इसके लिए आयोजकों को एसडीएम से अनुमति लेनी होगी। इस दौरान चल समारोह नहीं होगा। इसके लिए एसडीएम, सीएसपी व टीआई पालन कराएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इसका उल्लंघन करने पर धारा 188 के तहत कार्रवाई होगी।

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