ये मजदूर मजबूर हैं, पर हैं तो इंसान, थोड़ी तो इंसानियत दिखाइए... / इतना भी गजब न करो सरकार! लॉकडाउन में बंद रखे टोल, अब मजदूरों से भरे वाहनों से वसूली

मुंबई से पश्चिम बंगाल एक ही ट्रक में 101 मजदूर, किराया 4 लाख मुंबई से पश्चिम बंगाल एक ही ट्रक में 101 मजदूर, किराया 4 लाख
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मुंबई से पश्चिम बंगाल एक ही ट्रक में 101 मजदूर, किराया 4 लाखमुंबई से पश्चिम बंगाल एक ही ट्रक में 101 मजदूर, किराया 4 लाख

  • ट्रक वाले भी नहीं छोड़ रहे, कंपार्टमेंट बनाकर 100-100 मजदूर ठूंसकर ले जा रहे
  • दूसरी लूट ट्रकवालों की : मुंबई से पश्चिम बंगाल एक ही ट्रक में 101 मजदूर, किराया 4 लाख

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

इंदौर. लॉकडाउन में मजदूर तबका सबसे ज्यादा त्रस्त है। एक तो काम-धंधा बंद, ऊपर से थोड़ी बचाई जमापूंजी किराए में खपाई, ट्रक वाले भी इस मजबूरी का जमकर फायदा उठा रहे हैं। 
पहली लूट सरकार की : 57 किमी में दो टोल, दोनों पर वसूली

राऊ गोल चौराहे से देवास बायपास भोपाल रोड सर्कल तक 57 किमी में एनएचएआई और मप्र सरकार के दो टोल टैक्स हैं। 2 मई तक ये बंद रहे, लेकिन 3 मई से तब शुरू हुए जब सरकार ने मजदूरों को घर जाने की छूट दी। इन्हें छोड़ने वाले ट्रक, मिनी ट्रक, लोडिंग वाहनों से पूरा टोल लिया जा रहा है। एनएचएआई के टोल मैनेजर अजय पांडे ने बताया सामान्य दिनों में महाराष्ट्र की तरफ से आने वाले बस, ट्रक, कमर्शियल वाहनों की संख्या आठ हजार थी। अब से 11 हजार से ज्यादा है। मजदूर ले जाने वाले वाहनों को टोल में छूट के कोई आदेश नहीं हैं। देवास बायपास की टोल मैनेजर दीपिका कुनचम ने बताया पहले 50 से 60 कमर्शियल वाहन निकलते थे, अब संख्या 500 से ज्यादा हो चुकी है।

दूसरी लूट ट्रकवालों की : मुंबई से पश्चिम बंगाल एक ही ट्रक में 101 मजदूर, किराया 4 लाख 
मुंबई से पश्चिम बंगाल जा रहे ट्रक में बांस से दो कंपार्टमेंट बना दिए। इसमें मजदूरों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया। नासिक के मो. यूनुस ने बताया कि हम 101 लोग पश्चिम बंगाल जा रहे हैं। ट्रक वाले ने प्रति व्यक्ति 4000 रुपए वसूले हैं। ट्रक में बैठे-बैठे दम घुटने लगता है, क्या करें मजबूरी है। मुंबई से सिंगरौली के लिए निकले अंकित सिंह चौहान ने ट्रक वाले को 3500 रुपए दिए थे। मांगलिया से देवास के बीच में ट्रक खराब हो गया। दो दिन से अंकित ट्रक वाले से पैसे मांगते रहे लेकिन उन्हें ट्रक वाले ने टरका दिया। देवास बायपास पर रामकुमार और उनका परिवार ट्रक में तीन दिन से परेशान होते आ रहे हैं। ट्रक तीन बार खराब हो चुका है।

तीसरी लूट साइकिल वालों की : यहां जो सेकंड हैंड साइकिल 3.5 हजार की वह महाराष्ट्र में 5 हजार की

महाराष्ट्र व मप्र से गुजर रहे मजदूर विवशता में साइकिल खरीद रहे हैं। इसे देख व्यापारियों ने सेकंड हैंड साइकिल के रेट पांच हजार रुपए तक कर दिए हैं। मप्र में जो सेकंड हैंड साइकिल तीन हजार में मिल रही है, वह महाराष्ट्र में 5500 तक मिल रही है। नासिक से आ रहे सूरज ने बताया हम 8 लोगों ने 5-5 हजार में साइकिलें नासिक से खरीदी थी। सिंगरौली जा रहे शंकर सिंह ने 3 हजार में सेकंड हैंड साइकिल खरीदी।

और ऐसी मुसीबत भी... 3 हजार किराया लिया और 100 किमी गलत दिशा में छोड़ दिया, पैदल लौट रहे

मुंबई से रायपुर जाने के लिए तीन-तीन हजार रुपए देकर ट्रक में बैठे हबता कुमार और उसके साथियों को भोपाल के रास्ते से जाना था। ट्रक वाले ने वादा भी किया था, लेकिन वह देवास से भोपाल रूट पर जाने की बजाए शाजापुर से आगे तक ले गया और वहां छोड़कर चला गया। 100 किलोमीटर वापस देवास आकर फिर यह मजदूर भोपाल के लिए निकले।

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