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पूर्वी इंदौर में तापमान 45 डिग्री पर:15 मई के बाद पारे में दो डिग्री की गिरावट का अनुमान

इंदौर14 दिन पहले

नौतपा के पहले ही गर्मी ने जो तेवर अख्तियार किए हैं उसने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। शहर में दूसरे दिन भी दिन का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। इस दौरान बीच-बीच में बादल भी छाए और भीषण गर्मी का असर ज्यादा रहा। शुक्रवार रात का न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से अधिक है। खास बात यह कि शहर के पूर्वी क्षेत्र के एग्रीकल्चर कॉलेज के आसपास की 25 से ज्यादा कॉलोनियों के आसपास दिन का तापमान 45 डिग्री और रात का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा।

मामूली राहत की बात यह कि गुरुवार को भीषण गर्मी के चलते रात 9-10 बजे तक भी जो गर्म लपटें चल रही थी, वह नहीं थी और आधी रात को हल्की ठंडी हवाएं भी चली। इसी कड़ी में चिलचिलाती धूप में गुजरने वाले कई लोग अब लू की चपेट में आने लगे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें भरपूर पानी पीने सहित कई सलाह दी है। शहर में ठण्ड के मौसम में पूर्वी और पश्चिम क्षेत्र में कई बार तापमान की जो अलग-अलग स्थिति बनी थी, वैसे ही अब गर्मी में भी होने लगी है।

पूर्वी क्षेत्र के एग्रीकल्चर कॉलोनी, पद्मावती कॉलोनी, गीता नगर, बख्तावरराम नगर, नंदगांव, पीटीसी, मूसाखेड़ी, पीपल्याहाना सहित 25 से ज्यादा कॉलोनियों में तपन 45 डिग्री के करीब रही। मौसम विज्ञानी रणजीत वानखेडे (एग्रीकल्चर कॉलेज) ने बताया कि हाल में कॉलेज के आसपास फसलों की हार्वेस्टिंग हुई है और इस क्षेत्र में अब ट्रैफिक भी बढ़ा है जिससे यहां और आसपास के क्षेत्रों में तापमान में बढोतरी हुई है। यही कारण है कि शुक्रवार को दिन का तापमान 45 डिग्री और रात को 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आंध्र प्रदेश के ऊपर का लो प्रेशर खत्म हो चुका है। शनिवार से हवा का रुख पश्चिमी होगा। 15 मई से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और हवा का रुख उत्तर पश्चिमी होने से तापमान में कमी आएगी। इस दौरान तापमान 41 डिग्री के आसपास रहेगा।

बीपी, शुगर के मरीज दवाइयां समय पर लें

उधर, भीषण गर्मी में अब लू लगने के मामले भी हो रहे हैं। एमवाय अस्पताल की ओपीडी में 15 से 20 प्रतिशत मरीज मौसमी प्रभाव के कारण आ रहे हैं। ऐसे मरीजों में लू लगने के कारण शरीर में पानी की कमी, सिरदर्द, बुखार, बदन दर्द के लक्षण होते हैंं। वरिष्ठ डॉ. रवि डोसी के मुताबिक लू से बचने के लिए लोगों को चाहिए कि वे धूप से बचे। पर्याप्त मात्रा में पानी, ताजे फलों का सेवन आदि करें। बीपी, शुगर के मरीज हर हालत में अपनी दवाइयां समय पर लें।