AFCAT फरवरी में, ऐसे करें तैयारी:सभी सब्जेक्ट को दें बराबर वेटेज, जनरल अवेयरनेस में हिस्ट्री-जियोग्राफी, करंट अफेयर्स और आर्मी एप्टीट्यूड से आते हैं सवाल

इंदौर10 महीने पहले

इंडियन एयरफोर्स में ऑफिसर बनने के लिए होने वाली AFCAT एग्जाम फरवरी माह में प्रस्तावित हैं। ऐसे में इंडियन फोर्स में ऑफिसर बनने का सपना देखने वालों के पास तैयारी का बहुत कम समय ही बचा है। ऐसे में उन्हें किन-किन विषयों पर और किन छोटी-छोटी बातों पर फोकस करने की जरूरत है। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर परीक्षार्थी कैसे सफलता हासिल कर सकता है। यह सब हम जानेंगे एजुकेशन एक्सपर्ट लखन सिंह यादव (फोर्स डिफेंस एकेडमी इंदौर, निदेशक) से। वे बता रहे हैं कि कैसे इस एग्जाम की तैयारी करें।

एजुकेशन एक्सपर्ट लखन सिंह यादव के मुताबिक इस एग्जाम को इंजीनियरिंग ही नहीं दूसरे सब्जेक्ट के स्टूडेंट्स भी इसे दे सकते हैं। एग्जामिनेशन को जो स्कीम है वह टेक्निकल और नॉन टेक्निकल के लिए थोड़ी अलग-अलग है। नॉन टेक्निकल के लिए स्टूडेंट्स को AFCAT का 2 घंटे का एग्जाम देना होता है। इसमें 100 प्रश्न पूछे जाते है और प्रत्येक प्रश्न 3 नंबर का होता हैं। इस प्रकार कुल 300 नंबर की ये परीक्षा होती है, जबकि टेक्निकल स्टूडेंट्स को 300 नंबर की इस एग्जाम के साथ ही इंजीनियरिंग नॉलेज टेस्ट (ईकेटी) एग्जाम भी देना होती है जिसमें 50 प्रश्न पूछे जाते है प्रत्येक प्रश्न 3 नंबर के होते है। इसके लिए 45 मिनिट का समय दिया जाता है।

60 से 70 दिन का समय है तैयारी को
उन्होंने बताया कि अब स्टूडेंट्स के पास 60 से 70 दिनों का ही समय तैयारी के लिए शेष है। ऐसे में नॉन टेक्निकल स्टूडेंट्स जो ग्राउंड ड्यूटी के लिए एग्जाम देंगे उनके लिए सिलेबस चार मेन पार्ट में डिवाइड किया है इसमें पहला इंग्लिश, दूसरा जनरल अर्वनेस, तीसरा न्यूमेरिकल और चौथा रीजनिंग। चारों सब्जेक्ट का लगभग बराबर का वेटेज रहता है। इसमें मेथ 10th स्टैंडर्ड का आता है, जबकि शेष सब्जेक्ट में परीक्षार्थियों से यूनिवर्सिटी लेवल कोर्स की उम्मीद की जाती है।

एक्सपर्ट की माने तो यह एग्जाम मुश्किल नहीं होती है, अगर सामान्य स्टूडेंट्स भी इन चारों विषय पर बराबर का वेटेज देकर फोकस करें तो वह यह एग्जाम क्लियर कर सकता है। हालांकि रीजनिंग परीक्षार्थियों के लॉजिक पर डिपेंड करता है। जबकि इंग्लिश और मेथ में मेहनत कर ले तो स्टूडेंट्स आसानी से इसे क्लियर कर सकता है।

8 घंटे करें तैयारी, 2-2 घंटे का दे समय
एक्सपर्ट लखन सिंह यादव के मुताबिक AFCAT को क्लियर करना है तो 8 घंटे तैयारी के लिए देना आवश्यक है इसमें चारों सब्जेक्ट को 2-2 घंटे का समय दे। अगर स्टूडेंट्स का मेथ कमजोर है तो उन्हें इस 8 घंटे के अलावा उस पर फोकस करने के लिए अलग से समय देने की जरूरत है। वहीं देखा गया है कि एग्जाम में जनरल अवेरनेस में इतिहास, जियोग्राफी, इकॉनोमी और करंट अफेयर्स और आर्मी एप्टीट्यूड से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाते है। इसलिए स्टूडेंट्स को सभी सब्जेक्ट का नॉलेज लेना है।

रीजनिंग आपके AFCAT में मदद करता है साथ ही इंटरव्यू के दौरान भी मदद करता है। अभी से स्टूडेंट्स चैप्टर अनुसार प्रैक्टिस टेस्ट लगाते चले। 1 माह बाद मॉक टेस्ट और प्रीवियस ईयर के टेस्ट लगाए तो सफलता की संभावना और बढ़ जाएगी। एक्सपर्ट की माने तो स्टूडेंट्स को चारों सब्जेक्ट पर बराबर फोकस करना है। इसके साथ ही और भी बातों पर ध्यान देने की जरूरत है जैसे नए इवेंट, करंट अफेयर, वन लाइनर चीजों पर फोकस, आर्मी से रीलेडेट वॉर प्रैक्टिस और नए इनोवेशन हो रहे उस पर ध्यान रखने की जरूरत है।

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