लड़का बना रहा था मुलाकात का दबाव,लड़की ने दी जान:इंदौर में फंदे पर झूली बीकॉम की छात्रा; वॉट्सऐप चैट्स में मिले सबूत

इंदौर5 महीने पहले

इंदौर में एकतरफा दोस्ती के लिए दबाव बनाने पर बीकॉम की छात्रा ने जान दे दी। दोस्त उस पर मिलने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। जिससे वह तंग आ गई थी। वह उसे चेतावनी दे रही थी कि फांसी लगाकर जान दे देगी। इस संबंध में पुलिस को कुछ मोबाइल चैट्स भी मिले हैं। जिसके आधार पर जांच होगी।

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द्वारकापुरा थाने के TI सतीश द्विवेदी के मुताबिक घटना श्रद्धा सबूरी कॉलोनी की है। जहां दीक्षा मांडवे (24) ने रविवार देर शाम अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। जब उसकी छोटी बहन ने देखा तो मां और भाई को जानकारी दी। परिजन रविवार रात को ही युवती को अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यहां सोमवार सुबह उसका पोस्टमॉर्टम किया गया।

दीक्षा माहेश्वरी कॉलेज में बीकॉम फाइनल की पढ़ाई कर रही थी। परिवार में छोटा भाई और एक बहन है। पिता सिगरेट कंपनी में काम करते हैं।

दोस्त मिलने के लिए बना रहा था दबाव
पूछताछ के दौरान परिवार ने दीक्षा का मोबाइल पुलिस को सौंपा। दीक्षा की वॉट्सऐप चैटिंग में एक लड़के से बातचीत मिली है। आस्था पैलेस में रहने वाला दोस्त पर उस पर जबरन मिलने के लिए दबाव बना रहा था। दीक्षा मिलने से मना कर चुकी थी। टीआई के मुताबिक उसके मोबाइल में दो नंबर भी मिले हैं। जिनकी कॉल डिटेल निकाली जा रही है। परिवार ने अभी पुलिस द्वारा जांच किए जाने की बात कही है।

इंदौर में साल 2021 में एकतरफा दोस्ती और प्यार में 107 लोगों ने जान दी थी

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इंदौर में महिला-लड़कियों की आत्महत्या भी लगातार बढ़ रहीं

कमजोर न पड़ें... सुसाइड का ख्याल आए तो इन बातों का ध्यान रखें...

एकतरफा दोस्ती में इसलिए आता है सुसाइड का विचार
आत्महत्या करने वाले युवक या युवती लंबे समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित रहते हैं। वे अवसाद, बायपोलर मूड डिसऑर्डर, एंग्जाइटी डिसऑर्डर से ग्रसित रहते हैं। इससे वे लगातार जूझते हैं, इसलिए उनके मन में आत्महत्या का ख्याल आता है। जानकारी के अभाव में परिवार और आसपास के लोग लक्षण नहीं पहचान पाते हैं।

इससे बचने के लिए क्या करें?
सुसाइड के ऐसे मामलों को पहले ही रोका जा सकता है। समय रहते लक्षण की पहचान कर इलाज कराया जाए। अगर सामने वाला परेशान है तो उससे बात करें। काउंसिलिंग, सकारात्मक सोच और चिकित्सकीय मदद से आप नकारात्मक विचारों को दूर कर सकते हैं। परिवार के लोगों को चाहिए कि वे दूसरे सदस्य के मन में आ रहे बदलावों के बारे में खुलकर बात करें।

तनाव से बचने के कुछ हेल्दी तरीके...
1. इमोशनल हेल्थ का ध्यान रखें
सबसे ज्यादा जरूरी है मानसिक तौर पर मजबूत होना। अगर आप मेंटली हेल्दी हैं तो आप चीजों को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे और निर्णय ले पाएंगे। इमोशनल हेल्थ बनाए रखना परिवार के लिहाज से भी जरूरी है। क्योंकि इसी कारण आप अपनी और परिवार की जरूरतों और सुरक्षा को लेकर प्रतिक्रिया कर पाएंगे। अपनी इमोशनल हेल्थ का ध्यान रखें।

2. शरीर का ध्यान रखें
दिमाग के साथ-साथ शरीर का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। खासतौर से इस दौर में जब लोग पहले से ज्यादा वक्त घरों में गुजार रहे हैं। ज्यादा खाने और आराम के बाद एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी हो जाता है। फिटनेस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लगातार वर्कआउट के बाद भी शरीर में आलस तैयार होने के लिए 24 घंटे काफी होते हैं। ऐसे में घर में रहकर ही गहरी सांस, स्ट्रेचिंग और ध्यान लगाएं। हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लें और नियम से एक्सरसाइज करें। इसके अलावा भरपूर नींद लें और ज्यादा नशे से बचें।

3. खुद को खुश रखें
काफी समय से घर में ही रह रहे लोगों के पास करने के लिए एक्टिविटीज ही नहीं हैं। ऐसे में लगातार लंबे वक्त से एक ही रुटीन फॉलो करते आ रहे लोग मानसिक तौर पर खुद को फंसा हुआ महसूस करते हैं। ऐसे में घर में ही रहकर अपने लिए नई चीजें खोजें। वो काम करें जो आपको खुशी दें। छोटी-छोटी चीजों को फैमिली एक्टिविटीज में बदल दें और इसमें बच्चों को भी शामिल करें।

4. दूसरों से मिलें, उनसे जुड़ें
मानसिक तौर पर स्वस्थ रहने के लिए लोगों से मुलाकात बहुत जरूरी है। वीडियो कॉल्स के जरिए आप लोगों के संपर्क में रहें। अगर परिवार में बुजुर्ग हैं और आपसे दूर रहते हैं तो वीडियो कॉल के जरिए उनसे बात करें। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फोन पर बातचीत और चेहरा देखकर बात करने में फर्क होता है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल क्रिएटिव तरीके से करें।

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