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कलेक्टर ने बनाया तीसरे चरण का प्लान:भू-माफियाओं के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन फिर शुरू; संस्थाओं से लेकर निजी कॉलोनाइजर होंगे प्रशासन के निशाने पर

इंदौरएक महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।

इंदौर में भू-माफियाओं के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन फिर शुरू हो रहा है। इस बार नियम विरुद्ध कॉलोनी बनाने वाली संस्थाओं से लेकर निजी कॉलोनाइजर प्रशासन के निशाने पर होंगे। मध्यप्रदेश में भू-माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई इंदौर में हुई। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 3,250 करोड़ रुपए की जमीन भू-माफिया से मुक्त कराई थी।

इस कार्रवाई में 81 भू-माफिया पर एक साथ इनाम घोषित किया गया था। इस कार्रवाई के बाद प्रॉपर्टी कारोबारियों हड़कंप मच गया है। कई प्रॉपर्टी दलालों ने तो इस काम से फिलहाल अपने हाथ खींच लिए हैं, वे किसी भी तरह के सौदे नहीं कर रहे हैं। दूसरी ओर सालों से अपने हक की जमीन का इंतजार कर रहे प्लाट धारकों में उम्मीद जागी है कि उन्होंने जो खून पसीने की कमाई प्लाट या मकान के लिए दी थी। वह उन्हें मिल जाएगी।

बंद फाइलें फिर खुल रही हैं

भू-माफिया के कब्जे वाली और घोटालों से घिरी गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं की बंद फाइलें फिर खुल रही हैं। प्रशासन ने इन संस्थाओं की सूची बनाकर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। संस्थाओं में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई के साथ ही पात्र और पीड़ित सदस्यों को भूखंड मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर इसी तर्ज पर निजी कॉलोनाइजर और बिल्डरों द्वारा प्लॉटधारियों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी हो रही है। कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर अधिकारियों ने तीन स्तर पर लोगों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऑपरेशन क्लीन के तहत भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। इनमें जाग्रति, सविता, कविता, ब्रजेश्वरी, देवी अहिल्या श्रमिक कामगार, श्रीराम, गांधी नगर, सरस्वती, न्याय नगर, नवभारत, आकाश, लक्ष्मण, जनकल्याण, नंद गृह निर्माण सहित अन्य सहकारी संस्थाएं शामिल हैं। संस्थाओं में कब्जा जमाए माफिया को भी चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई थी। इनमें से कुछ के खिलाफ आपराधिक मुकदमे भी दर्ज किए गए थे।

सरकार ने भू-माफिया सहित दूसरे माफिया के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई शुरू की। इतना ही नहीं, प्रशासन ने अलग-अलग संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज तक कराई थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के चलते प्रशासन की मुहिम थम गई थी। कलेक्टर मनीष सिंह ने फिर इस मुहिम को आगे बढ़ा दिया है और मंगलवार से इसका श्री गणेश श्री महालक्ष्मी गृह निर्माण संस्था से शुरू कर दिया। अपर कलेक्टर अभय बेडेकर, एसडीएम अंशुल खरे सहित अधिकारियों ने कॉलोनी का मुआयना करने के साथ ही पीड़ितों से चर्चा कर उन्हें प्लॉट दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।

पहले चरण में विवादित 12 संस्थाओं के पीड़ितों को न्याय मिलेगा। श्री महालक्ष्मी नगर से शुरू हुई प्रशासन की भू-माफिया के खिलाफ मुहिम के पहले प्रशासन ऐसी 12 सहकारी गृह निर्माण संस्थाओं
को लेकर रहा है, जिनमें सबसे अधिक विवाद है। इन संस्थाओं में श्री महालक्ष्मी नगर, न्याय नगर, पुष्प विहार, राजगृही, कविता, श्रीराम गृह निर्माण आदि शामिल हैं। इन संस्थाओं में चार से साढ़े चार हजार पीड़ितों को उनके हक के प्लॉट प्रशासन दिलाएगा।

दूसरे चरण में पांच हजार लोगों को प्लाट मिलेंगे। कलेक्टर मनीष सिंह ने अभियान का खाका इस प्रकार तैयार किया है कि ज्यादा से ज्यादा पीड़ितों को उनके सपनों का आशियाना मिल सके। इसके
तहत गृह निर्माण संस्था ही नहीं, निजी कॉलोनाइजर से ठगाए गए लोगों को राहत मिले। अपर कलेक्टर अभय बेडेकर के अनुसार दूसरे चरण में प्रशासन 116 विवादित गृह निर्माण संस्थाओं
की कुंडली तैयार कर करीब पांच हजार पीड़ित सदस्यों को प्लाट पर कब्जे दिलाएगा।

तीसरे चरण में कॉलोनाइजर और बिल्डरों से ठगाए लोगों को राहत मिलेगी। अपर कलेक्टर बेडेकर की माने तो भू-माफिया के खिलाफ अभियान आगे चलता रहेगा। गृह निर्माण संस्थाओं के पीड़ित सदस्यों को न्याय दिलाने के बाद प्रशासन निजी कॉलोनाइजर और बिल्डरों पर नकेल कसेगा और धनराशि देकर भी लोगों को प्लाट या अपार्टमेंट नहीं देने वाले बिल्डर और कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार अलग- अलग चरणों में लोगों को उनके हक के प्लाट दिलाकर न्याय दिलाया जाएगा।

कलेक्टर ने कहा- 128 सोसायटियों की शिकायत मिली थी

कलेक्टर मनीष सिंह और DIG मनीष कपुरिया ने प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि इंदौर जिले में कुल 858 सोसायटियों में से 128 की शिकायतें मिली थी। इनमें से भी 10 ऐसी हैं, जिनकी कुल शिकायतों का हिस्सा 85 प्रतिशत है। इनमें मजदूर पंचायत, देवी अहिल्या, जागृति गृह निर्माण, नवभारत गृह निर्माण, न्याय नगर, गीता गृह निर्माण, श्रीराम गृह निर्माण, जयहिंद एवं डाकतार गृह निर्माण समिति तथा कविता गृह निर्माण समिति शामिल हैं।

कब्जा मुक्त हुई चार कॉलोनियों की फैक्ट फाइल -

देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी संस्था कॉलोनी -

अयोध्यापुरी कॉलोनी कुल जमीन - 3 लाख 76 हजार 629 वर्गफुट

बाजार भाव - 564 करोड़ 94 लाख 35 हजार रुपए

देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी संस्था कॉलोनी -

श्री महालक्ष्मी नगर कुल जमीन - 16 लाख 14 हजार 263 वर्गफुट

बाजार भाव - 1614 करोड़ 26 लाख 30 हजार रुपए

मजदूर पंचायत गृह निर्माण संस्था कॉलोनी -

पुष्पविहार कॉलोनी कुल जमीन - 30 लाख 90 हजार 146 वर्गफुट

बाजार भाव - 4635 करोड़ 21 लाख 90 हजार रुपए

श्रीराम गृह निर्माण संस्था कॉलोनी -

श्रीराम कॉलोनी कुल जमीन - 2 लाख 17 हजार 430 वर्गफुट

बाजार भाव - 76 करोड़ 10 लाख 5 हजार रुपए