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10 करोड़ से ज्यादा की मदद कर रहा दानवीर इंदौर:बच्चों की फीस से लेकर, इलाज और शहर के विकास के लिए खोल रखी हैं तिजोरियां

इंदौर10 दिन पहले
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बच्चों की फीस, स्कूल यूनिफार्म से लेकर लोगों के इलाज कराने व शहर के विकास के लिए भी लोगों ने तिजोरियां खोल रखी हैं। - Dainik Bhaskar
बच्चों की फीस, स्कूल यूनिफार्म से लेकर लोगों के इलाज कराने व शहर के विकास के लिए भी लोगों ने तिजोरियां खोल रखी हैं।

मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व है। हालांकि इंदौर कमोबेश पूरे साल ही सेवा और दान के मामले में अव्वल होता है। विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं सालभर में 10 करोड़ से ज्यादा की मदद करती हैं। बच्चों की फीस, स्कूल यूनिफार्म से लेकर लोगों के इलाज कराने व शहर के विकास के लिए भी लोगों ने तिजोरियां खोल रखी हैं। इंदौर में दान के मायने इसलिए भी अलग हैं कि यहां इसका मतलब सिर्फ पैसा नहीं है, समय और सेवा के साथ अंगदान में भी आगे हैं।

सबसे बड़ा दान- संवार रहे 77 हजार बच्चों का भविष्य

20 से ज्यादा सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संस्थाएं सालाना साढ़े पांच करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक मदद देकर 77 हजार से ज्यादा छात्रों को पढ़ने में मदद कर रही हैं।

तत्परता ऐसी- ऑक्सीजन के लिए एक दिन में जुटाए 3 करोड़

कोरोना की दूसरी लहर में राधास्वामी कोविड केयर सेंटर में ऑक्सीजन प्लांट के लिए समाजसेवियों ने एक घंटे में एक करोड़ इकट्‌ठा कर दिए। तब एक दिन में 3 करोड़ एकत्र किए गए थे।

भूमिदान- BRTS में150 करोड़ से ज्यादा की जमीन दी

बीआरटीएस के लिए ही रोड के दोनों किनारों के परिवारों ने 20 लाख वर्ग फीट से ज्यादा जमीन दी। इस की कीमत करीब 150 करोड़ है। शहर के हर हिस्से में सड़क के लिए लोगों ने जमीन दी हैं।

मुसीबत में- कोविड काल में दी 20 करोड़ की मदद
कोरोना की पहली व दूसरी लहर में शहर ने 20 करोड़ का दान किया। 150 से ज्यादा संगठन, समाज, ट्रस्ट ने ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, मेडिकल इक्यूपमेंट, भोजन आदि का इंतजाम किया।

समयदान- सुबह-शाम चौराहों पर बंद करा रहे इंजन

भास्कर के आह्वान पर विजयनगर चौराहे पर रोज दर्जनों लोग समय दान कर रहे हैं। सुबह-शाम 3 घंटे लोगों को रेड लाइट पर इंजन बंद करने के लिए प्रेरित करते हैं ताकि कार्बन उत्सर्जन कम हो सके।

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