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सेक्स रैकेट में पकड़ी गई युवती की आपबीती:पुलिस से बोली- 11 साल पहले नौकरी का झांसा देकर दो लोग भारत लाए, यहां देह व्यापार में झोंका

इंदौर8 महीने पहलेलेखक: हेमंत नागले
सेक्स रैकेट में पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने सड़क पर उठक-बैठक कराई।

इंदौर के सेक्स रैकेट मामले में पकड़ी गईं युवतियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने आरोपियों के जुल्मों की दास्तां पुलिस के सामने बयां की है। लड़कियों को रैकेट में शामिल नहीं होने पर सिगरेट से जलाते थे और बेल्ट से पीटते थे। एक युवती ने बताया कि मां की मौत के बाद उसे 11 साल पहले दो लोग उसे काम दिलाने का झांसा देकर भारत लाए थे। यहां लाकर उसे देह व्यापार में झोंक दिया गया।

युवती के मुताबिक 2009 में वह 15 साल की थी। मां के गुजर जाने के बाद पढ़ाई का तनाव था। फीस नहीं भरने पर एक पेड़ के नीचे बैठकर रो रही थी। इसी दौरान एक युवती और युवक आए। बोले- भारत काफी अच्छा है। वहां पढ़ाई भी होगी, पैसे भी अच्छे मिलेंगे। वह झांसे में आ गई। फिर भारत के बॉर्डर तक पहुंचे। वहां तार के नीचे से निकाला। रातभर पैदल चलना पड़ा। सुबह मुर्शिदाबाद पहुंचे। वहां एक आदमी ने अपने घर में पनाह दी। यहां से युवक-युवती चले गए।

छोटे कपड़े पहनाते, हल्दी वाला उबटन भी लगाते थे

युवती के अनुसार फिर उसे कोलकाता लाया गया। वहां 15 दिन तक छोटे कपड़े पहनने का दबाव बनाया। पीटा और भूखा भी रखा गया। यहां कई बार हल्दी की उबटन लगाई। एक महीने बाद मुंबई ले गए। वहां एक लाख रुपए में किसी एजेंट को बेच दिया। उस एजेंट ने शोषण करवाकर लाखों रुपए कमाए। फिर मेरा सौदा कर दिया। इंदौर के 7-8 दलालों ने उसे लाखों रुपए देकर खरीदा। वे इंदौर लेकर आए। उसका दिन में कई बार शोषण किया गया। कई ग्राहकों को रोजाना लाते थे। कई बार पीटा गया। एक दिन उसे दलाल कहीं ले जा रहा था, तभी एक युवक ने उसे रोते देखा। उसने पूछा, तो मैंने आपबीती बताई। आखिरकार उस युवक ने पुलिस की मदद से दलाल से छुड़वाया।

बात नहीं मानने पर सिगरेट से जलाते और बेल्ट से पीटते थे

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ था कि बांग्लादेश से बगैर पासपोर्ट, वीजा के लाने के बाद युवतियों को बंधक बनाकर गुलामों की तरह रखा जाता था। बात नहीं मानने पर सिगरेट से जलाया जाता और बेल्ट से पीटा जाता था। यह खुलासा आरोपियों से मुक्त कराई गईं लड़कियों ने पुलिस के सामने किया है।

आरोपियों के जुल्मों की कहानी

पकड़ी गई युवतियों का कहना है कि बांग्लादेशी एजेंट उन्हें तार के नीचे से निकाला कर भारत की सीमा में प्रवेश करवाते थे। यहां यह कहकर डराते थे कि बिना कागजात के बांग्लादेश जाओगे, तो पकड़े जाओगे। यहां एजेंट छोटे कपड़े पहनने की ट्रेनिंग भी देते थे। उन्हें गुलाम की तरह रखा जाता था।

बांग्लादेश, मुर्शिदाबाद, मुंबई होते हुए इंदौर लाई जातीं

युवतियों को दलाल बांग्लादेश, मुर्शिदाबाद, मुंबई होते हुए इंदौर लाते थे। टूटी-फूटी हिंदी बोलने वाली बांग्लादेशी युवतियों ने बताया था कि बांग्लादेश के एजेंट भारत के एजेंटों की डिमांड पर ऐसे घरों की लड़कियों की तलाश करते हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर रहती है। कई तो तलाकशुदा व विधवा को भी नौकरी दिलाने के बहाने परिवार वालों की सहमति पर लाते हैं।

सैजल ने मुंबई के सबसे बड़े दलाल की बेटी से की थी शादी

थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि गिरोह का सरगना विजय दत्त उर्फ मोमिनुल रशीद ने इंदौर में काम जमाने के लिए सैजल नाम एजेंट से संपर्क किया। यहां लसूड़िया थाना क्षेत्र का रहने वाले सैजल ने कुछ साल पहले मुंबई के सबसे बड़े दलाल जीवन बाबा की लड़की से शादी की थी। इसके बाद वह इंदौर आ गया। इसके बाद जीवन बाबा ने उसे लड़कियों की दलाली के काम में शामिल कर बांग्लादेश से कोलकाता और वहां से इंदौर लड़कियों की तस्करी शुरू हुई।

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