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अस्थियों के लिए ट्रेन में बुक कराई सीट:इंदौर में गोल्ड कॉइन सेवा ट्रस्ट ने किया 101 अज्ञात अस्थियों का अस्थि पूजन; हरिद्वार में करेंगे विसर्जन

इंदौरएक महीने पहले
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गोल्ड कॉइन सेवा ट्रस्ट ने किया 101 अज्ञात अस्थियों का अस्थि पूजन। - Dainik Bhaskar
गोल्ड कॉइन सेवा ट्रस्ट ने किया 101 अज्ञात अस्थियों का अस्थि पूजन।
  • नागदा से कल रवाना होगी अस्थियां

इंदौर में एक संस्था ने सेवा की अनूठी मिसाल पेश की है। वैसे तो इस संस्था द्वारा सेवा के कई कार्य किए जाते है। लेकिन संस्था ने पहली बार एक अनूठा काम किया है। संस्था द्वारा दो अलग-अलग मुक्तिधाम से ऐसी अस्थियों का संचय किया है, जो अज्ञात लोगों की हैं या जिन्हें कोई लेने नहीं आया।ऐसे 101 अज्ञात लोगों की अस्थियों का सोमवार को पूरे विधि-विधान के साथ अस्थि पूजन किया। अब इन अस्थियों को हरिद्वार ले जाया जाएगा, जहां वैदिक विधि-विधान से पूजन, पिंड दान कर उनका विसर्जन गंगा जी में किया जाएगा। अस्थियों को हरिद्वार ले जाने के लिए बकयदा टिकट बुक कराया गया है।

ये संस्था है गोल्ड कॉइन सेवा ट्रस्ट, जो कई वर्षों से सेवा के अलग-अलग कार्य करते आ रही है। इस बार संस्था के ट्रस्टियों ने अज्ञात अस्थियों के विजर्सन करने का निर्णय लिया और इंदौर के जूनी इंदौर मुक्तिधाम और रामबाग मुक्तिधाम से 101 ऐसी अस्थियां संचित की जिनका कोई नहीं था। सोमवार को पंचकुईया स्थित राममंदिर में हिंदू और पंजाबी रीति-रिवाज से इन अस्थियों का पूजन किया। इस दौरान गोल्ड कॉइन सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टियों, सदस्यों के अलावा कई संस्थाओं के सदस्य और जनप्रतिनिधि शामिल हुए और लक्ष्मणदास महाराज के सान्निध्य में अस्थियों का पूजन किया।

ऐसे आया अस्थियों के विसर्जन का विचार
संस्था अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के चलते उनके परिवार के सदस्य उनसे हमेशा-हमेशा के लिए दूर हो गए। कोरोना के कारण वे उनका अस्थि विसर्जन नहीं कर पाए थे। कोरोना के कम होने पर वे मुक्तिधाम पहुंचे तो उन्हें पता चला कि ऐसी कई अस्थियां मुक्तिधाम में रखी है, जिनका विसर्जन नहीं हुआ है। जिसके बाद उन्होंने इन अस्थियों के विसर्जन की तैयारी की और संस्था के अन्य सदस्यों और ट्रस्टियों से चर्चा कर यह सेवा का कार्य करने का निर्णय लिया। फिलहाल जूनी इंदौर मुक्तिधाम और रामबाग मुक्तिधाम से ही 101 अस्थियां संचित की है। जिन्हें हरिद्वार में वैदिक विधि-विधान से पूजन कर गंगा जी में विसर्जन किया जाएगा। इसमें जूनी इंदौर मुक्तिधाम से करीब 16 अस्थियां और शेष रामबाग मुक्तिधाम से अस्थियां संचित की गई है।

ट्रेन में भी बुक की सीट
इन 101 अस्थियों को नागदा से हरिद्वार ले जाया जाएगा। मंगलवार को इंदौर से महेंद्र बागौरा, कालू सारड़ा और पवन इन अस्थियों को यहां से नागदा लेकर जाएंगे। जिसके बाद वहां से ट्रेन के माध्यम से हरिद्वार ले जाया जाएगा। खास बात यह है कि इन अस्थियों के लिए बकायदा ट्रेन में सीट भी बुक की गई हैं। जिस प्रकार परिवार के किसी व्यक्ति की अस्थियां ले जाई जाती है। उसी प्रकार इन अस्थियों को भी परिवार के सदस्य की तरह ही ले जाया जाएगा। हरिद्वारा में भी 5 ब्राह्मणों की मौजूदगी में अस्थियों का पूजन, पिंडदान आदि प्रक्रिया वैदिक विधि-विधान से करने के बाद ही अस्थि विसर्जन किया जाएगा। इसके लिए हरिद्वार में भी तैयारी की जा चुकी है।

2 माह बाद सभी मुक्तिधाम से करेंगे अस्थि संचय
संस्था के दिनेश मानधन्या ने बताया कि अस्थि विजर्सित करने का यह काम पहली बार शुरू किया गया हैं। अब आगामी 2 माह बाद इंदौर के सभी मुक्तिधाम से अज्ञात अस्थियों का संचय कर इसी प्रकार पूरे विधि-विधान के साथ अस्थि पूजन कर हरिद्वार लेकर अस्थि विजर्सन किया जाएगा। इसके अलावा इंदौर के आसपास के इलाकों और शहरों में भी मुक्तिधाम में रखी अज्ञात लोगों की अस्थियों का संचय कर उनका भी अस्थि विजर्सन करने की योजना तैयार की जा रही है। ताकि उन्हें भी मोक्ष मिल सके।

जनप्रतिनिधियों ने भी अर्पित किए फूल
सोमवार को पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक संजय शुक्ला, विधायक विशाल पटेल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, शैलेष गर्ग यहां पहुंचे और अस्थियों का पूजन कर पुष्प अर्पित किए। इनके जाने के बाद सांसद शंकर लालवानी भी यहां पहुंचे और अज्ञात अस्थियों पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान यहां मधुसुदन भलिका, कालू सारड़ा, दीपक जैन, सतीश व्यास, राज ठाकुर, मनीष दुबे, कमलेश तिवारी, सुधीर दांडेकर आदि उपस्थित रहे।

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