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नोटिफिकेशन हुआ:जिनकी गाड़ी में खास या लकी नंबर उनके लिए अच्छी खबर; नई गाड़ियों में ले सकेंगे पुराने वाहन का नंबर, वनटाइम रहेगी यह सुविधा

इंदौर3 दिन पहलेलेखक: गौरव शर्मा
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पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द करवाकर उसे स्क्रैप करवाना होगा, वीआईपी नंबर की फीस देना होगी। - Dainik Bhaskar
पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द करवाकर उसे स्क्रैप करवाना होगा, वीआईपी नंबर की फीस देना होगी।

वीआईपी या लकी नंबर का जिन लोगों को शौक है, उनके लिए अच्छी खबर है। ऐसे लोग अब अपने पुराने वीआईपी नंबर का उपयोग नए वाहन में कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द करवाकर वाहन को स्क्रैप करवाना होगा। उसके बाद उस सर्टिफिकेट के आधार पर नए वाहन में वही नंबर का उपयोग कर सकेंगे।

परिवहन विभाग ने गजट नोटिफिकेशन कर दिया है। हालांकि यह वाहन स्वामी एक ही बार नंबर को स्थानांतरित करवा सकेगा, यानी यह सुविधा वन टाइम के लिए रहेगी। इसके लिए पुराने नंबर की नीलामी के बराबर फीस या 15 हजार रुपए जो ज्यादा हैं, वो फीस जमा करवाना होगी।

यह भी व्यवस्था- एक साल में 10 बार नंबर नहीं बिका तो वीआईपी की लिस्ट से बाहर

परिवहन विभाग ने एक नई व्यवस्था और की है। इसमें जो वीआईपी नंबर एक साल में नीलामी में नहीं बिकेंगे, अब उनको विभाग वीआईपी नंबर की लिस्ट से बाहर कर देगा। फिर ये नंबर डीलर पाइंट पर ट्रांसफर कर दिए जाएंगे और कोई भी व्यक्ति सात हजार रुपए की फीस भरकर इन नंबर को ले सकेगा। विभाग अब एक साल में वीआईपी नंबर को नीलामी प्रक्रिया में डालेगा, इस दौरान 10 बार में जो नंबर नहीं बिकेगा, उसे वीआईपी की लिस्ट से बाहर कर दिया जाएगा।

प्रदेश में सबसे ज्यादा इंदौर में 43 हजार 844 वीआईपी नंबर खाली, भोपाल में 22 हजार 919, फिर ग्वालियर में

सालभर में 10 बार नहीं बिकने वाले नंबर को वीआईपी की श्रेणी से हटाने से लोगों को फायदा होगा और आरटीओ को भी। ऐसा इसलिए क्योंकि हर सीरीज में 433 में से आधे से ज्यादा वीआईपी नंबर खाली रह जाते हैं। प्रदेश में सबसे ज्यादा इंदौर आरटीओ में 43 हजार 844 वीआईपी नंबर खाली हैं।

सबसे ज्यादा डिमांड 0001 से लेकर 0009 तक और फिर 1111, लेकर 9999 सहित ऐसे अन्य नंबरों की होती है। आरटीओ के एक अधिकारी के अनुसार हर सीरीज में डेढ़ सौ से ज्यादा नंबर खाली रह जाते हैं। इसको लेकर कोई पॉलिसी नहीं थी, इसलिए यह नंबर खाली रह जाते थे।

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