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10वीं का रिजल्ट या सांत्वना पुरस्कार:98%अंक आए, अफसोस फिर भी मेरिट में नहीं प्राइवेट के ज्यादातर विद्यार्थी थर्ड डिवीजन

इंदौर20 दिन पहले
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माध्यमिक शिक्षा मंडल ने तय फाॅर्मूले के अनुसार 10वीं बोर्ड के परिणाम घोषित किए। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने तय फाॅर्मूले के अनुसार 10वीं बोर्ड के परिणाम घोषित किए। फाइल फोटो

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बुधवार को 10वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी किया, जिसके साथ स्कूल और विद्यार्थी दोनों की ही नई परीक्षा हो गई। उत्कृष्ट विद्यालय की निशिता वर्मा ने 98 फीसदी, तीरथबाई कलाचंद के मयंक सचदेव, पलक चौहान और हर्षिता करोले ने 97 प्रतिशत अंक हासिल किए। इनकाे अफसोस था कि जनरल प्रमोशन के कारण मंडल ने इस बार मेरिट लिस्ट ही नहीं बनाई, जिसके कारण इतने अंक मिलने के बाद भी ये बच्चे उससे वंचित रह गए। उधर, प्राइवेट परीक्षा देने वाले अधिकतर विद्यार्थियों को बोर्ड ने 33 नंबर देकर थर्ड डिविजन पास किया है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं में 50% से कम अंक वाले पात्र ही नहीं होते।

प्रदेशभर में 9 लाख 14 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पास
प्रदेशभर के सभी 9 लाख 14 हजार 79 छात्र-छात्राओं को परीक्षा लिए बगैर पास किया गया है। इन छात्रों को उनकी अर्धवार्षिक परीक्षा, आंतरिक मूल्यांकन, यूनिट टेस्ट और प्री-बोर्ड के नंबरों के आधार पर माशिमं ने पास किया है। रिजल्ट की घोषणा स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने एक अनौपचारिक कार्यक्रम में की।

घोषित रिजल्ट के अनुसार 35,6582 (39 फीसदी छात्र) फर्स्ट डिवीजन, 39,7626 (43.50 फीसदी) सेकंड डिवीजन और 15,9871 (17.48 फीसदी) छात्र-छात्राओं को थर्ड डिवीजन मिली है। जबकि 8865 छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में एबसेंट रहे। इसके अलावा प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में परीक्षा में शामिल होने वाले सभी 79188 छात्र-छात्राओं को न्यूनतम नंबर देते हुए थर्ड डिवीजन देकर पास कर दिया गया है।

एक्सपर्ट... अब 11वीं में विषय चयन के लिए अंकों की बाध्यता नहीं रहेगी
मेधावी विद्यार्थियों को रिजल्ट से निराशा जरूर हुई है, लेकिन उन्हें अब आगे की पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। अच्छी बात यह है कि अब 11वीं में विषय चयन के लिए अंकों की बाध्यता नहीं रहेगी। -जेके शर्मा, पूर्व संयुक्त संचालक

भास्कर EXPLAINER- रिजल्ट में असंतुष्ट और एबसेंट विद्यार्थियों के लिए सितंबर में दोबारा परीक्षा होगी
जो इस रिजल्ट से असंतुष्ट वे क्या करें?
- ऐसे विद्यार्थियों के लिए सितंबर महीने में माशिमं विशेष परीक्षा का आयोजन करेगा। छात्र चाहें तो कुछ विषयों की अथवा सभी विषय की परीक्षा दे सकेंगे।

विद्यार्थी किस तरह इसमें शामिल होंगे? इसके लिए विद्यार्थियों को 1 से 10 अगस्त के बीच एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर परीक्षा में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा। ऐसे परीक्षार्थियों का रिजल्ट परीक्षा के आधार पर ही मान्य किया जाएगा।

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई फीस लगेगी? हां लगेगी, माशिमं इसकी घोषणा कुछ दिनों में करेगा।

रिजल्ट संबंधी शिकायत का क्या होगा? छात्रों को एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर रोल नंबर एवं आवेदन नंबर लिखकर मूल अंक, कटौती के बाद दिए नंबर और स्कूल औसत अंकों की जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

मार्कशीट में हुई गलतियों में कैसे सुधार होगा? रिजल्ट की घोषणा से तीन माह तक नि:शुल्क सुधार करा सकेंगे। तीन माह बाद में इसके लिए फीस लगेगी।

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