यूं मारे पैडल कि सड़कों पर रच दिया डायनासोर:वर्ल्ड डायनासोर डे पर GPS आर्ट राइड, इसके लिए 180 ने 25 किमी चलाई साइकल

इंदौर6 महीने पहले

वर्ल्ड डायनासोर डे पर इंदौर के 180 साइक्लिस्ट ने अनोखी राइड की। अनोखी इसलिए कि राइड का रूट का रूट कुछ इस तरह चुना गया कि जीपीएस मैप पर इस राइड के ज़रिए डायनासोर की आकृति बनी। जीपीएस आर्टिस्ट अमोल वाधवानी के निर्देशन में कराई गई 25 किलोमीटर की इस राइड में इंदौर से 180 लोगों ने हिस्सा लिया। मुस्कान ऑर्गन डोनेशन ग्रुप के जीतू बागनी ने फ्लैग ऑफ किया।

90 मिनट में तय किए 25 किलोमीटर
सुबह 5.45 पर एमटीएच कम्पाउंड से शुरू हुई 90 मिनट की इस राइड में 10 साल से 65 साल तक के राइडर्स ने हिस्सा लिया। इनमें 15 फीमेल साइक्लिस्ट भी शामिल रहीं। एमटीएच कम्पाउंड से सरवटे बस स्टैंड, इंदौर रेलवे स्टेशन, पाटनीपुरा, भागीरथपुरा, मरी माता, एरोड्रम, राजमोहल्ला, बंबई बाजार, राजबाड़ा होते हुए एमटीएच कम्पाउंड पर ही खत्म हुई।

इस आर्ट को पूरा करने भोपाल से भी साइक्लिस्ट इंदौर आए।
इस आर्ट को पूरा करने भोपाल से भी साइक्लिस्ट इंदौर आए।

90 मिनट की राइड के लिए 90 दिन की प्लानिंग
अमोल वाधवानी ने बताया कि जीपीएस आर्ट की राइड उतनी मुश्किल नहीं है, जितनी उसकी प्लानिंग है। 90 मिनट की इस राइड के लिए प्लानिंग 90 दिन पहले से की। रूट की कई बार रेकी की। देखा कि आकृति कैसी बन रही है। कई संकरी गलियों से भी गुजरना पड़ा। राइड में शामिल कई प्रतिभागियों ने कहा कि कई इलाके तो आज इतने साल में पहली बार देखे। यह अनुभव अच्छा रहा क्योंकि इंदौर के अनदेखे हिस्से, अनदेखी गलियों से गुजरे हम।

6 साइक्लिस्ट भोपाल से आए
अमोल ने बताया कि इंदौर देवास के साथ भोपाल के भी 6 साइक्लिस्ट ने इस अनूठी जीपीएस राइड में हिस्सा लिया। भोपानल से साइक्लिंग करते हुए इंदौर पहुंचे और राइड में शामिल हुए।

क्या होती है जीपीएस ड्रॉइंग
वॉकिंग, रनिंग, साइक्लिंग, स्विमिंग जैसी कोई भी एक्टिविटी जो जीपीएस पर ट्रैक हो सके उससे कोई विशेष आकृति जीपीएस पर बनाई जाती है। यही है जीपीएस आर्ट। इसमें कई बाधाएं आती हैं। फायनल राइड से पहले कई बार रेकी राइड्स करना पड़ती हैं। अमोल इससे पहले दिल, पक्षी, सफाई का पंच और भारत का नक्शा भी बना चुके हैं।