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बर्ताव पर घिरे इंदौर कलेक्टर:स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कमिश्नर को दिया ज्ञापन, कहा- मनीष सिंह को नहीं हटाया तो 4000 कर्मचारी एक साथ देंगे इस्तीफा

इंदौर3 महीने पहले
संभाग आयुक्त कार्यालय पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने पहुंचकर ज्ञापन दिया।

स्वास्थ्य अधिकारी पूर्णिमा डागरिया और इंदौर कलेक्टर के बीच अनबन का विवाद गहराता जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी अब मनीष सिंह के खिलाफ लामबंद हो गए हैँ। गुरुवार शाम बड़ी संख्या में स्वास्थ्य अधिकारी संभाग आयुक्त पवन शर्मा के कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने ज्ञापन दिया। इसमें कलेक्टर मनीष सिंह को तत्काल हटाने की मांग की है। डॉ. पूर्णिमा डगरिया ने कहा- यदि कलेक्टर को नहीं हटाया, तो सभी स्वास्थ्य कर्मचारी एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। मनीषसिंह शिवराजसिंह के सबसे भरोसेमंद कलेक्टर माने जाते हैं। नगर निगम इंदौर में आयुक्त रह चुके हैं और सफाई को लेकर सुर्खियों में रहे। इसके बाद शिप्रा में स्नान के लिए गंदे पानी के मुद्दे पर तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने उन्हें उज्जैन कलेक्टर पद से हटा दिया था। बाद में शिवराज सरकार ने लौटते ही मनीषसिंह को इंदौर का कलेक्टर बनाया।

ज्ञापन में कहा गया है, 7 मई की सुबह 8 बजे से लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी काम करने में असमर्थ रहेंगे। यह अधिकारी व कर्मचारी तब तक काम नहीं करेंगे, जब तक मनीष सिंह को हटाया नहीं जाता।

स्वास्थ्य विभाग के संगठनों द्वारा इस संबंध में आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर एमजीएम में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल शुरू हो गई है। संविदाकर्मी हड़ताल की चेतावनी दे रहे हैं। शासन-प्रशासन से मेडिकल कर्मियों की इस जंग में सीधा खामियाजा जनता को भुगतना होगा।

डॉक्टर गाडरिया के समर्थन में आए कर्मचारी

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा जिला प्रशासन के अफसरों द्वारा किए जा रहे व्यवहार का विरोध किया जा रहा है। डॉक्टर गडरिया के समर्थन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी संगठनों ने सभी चिकित्सक अधिकारी नियमित, संविदा तृतीय श्रेणी, चतुर्थ श्रेणी, सभी कोरोनो सैंपलिंग, आरआरटी, होम आइसोलेशन, सीसीसी टीम व सभी फील्ड कर्मचारियों से संघर्ष करने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया गया है। संगठनों का कहना है कि मांगें न मानी जाने पर सामूहिक इस्तीफा दिया जाएगा, लेकिन अभद्र व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा।

प्रशासन के अधिकारियों द्वारा अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के दो डॉक्टरों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने वालों में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पूर्णिमा गडरिया और मानपुर के मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) डॉ. आरएस तोमर शामिल हैं। डॉ. गडरिया ने कलेक्टर मनीष सिंह और डॉ. तोमर ने एसडीएम अभिलाष मिश्रा द्वारा प्रताड़ित किए जाने की बात को लेकर यह कदम उठाया है।

अफसरों के दबाव में दो डॉक्टरों का इस्तीफा:इंदौर की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गाडरिया बोलीं - कलेक्टर का व्यवहार सही नहीं; मानपुर के मेडिकल ऑफिसर ने लिखा- एसडीएम के व्यवहार से व्यथित हूं

ये ज्ञापन स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से दिया गया है।
ये ज्ञापन स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से दिया गया है।

मुख्यमंत्री को भेज दिया ज्ञापन

संभागायुक्त पवन शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह 8:00 बजे से हड़ताल पर जाने की बात कही है, लेकिन अभी देर रात तक हल निकल सकता है, जो ज्ञापन उन्होंने मुख्यमंत्री को दिया था, वह भोपाल प्रेक्षित किया गया है। उम्मीद है कि स्ट्राइक नहीं हो। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट भी पहुंचे थे।

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