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ये सफर नहीं आसान:सुपर कॉरिडोर से लगी दो किमी की दो सड़कें 10 साल बाद भी नहीं बना पाया आईडीए; दर्जनों कॉलोनियों, 25 से अधिक गांवों के लोग

इंदौर6 महीने पहले
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इंदौर विकास प्राधिकरण की अनदेखी से दर्जनों कॉलोनियों के साथ ही 25 से अधिक गांवों के लोग परेशान हैं। मल्हारगंज तहसील के तहत आने वाले सुपर कॉरिडोर पर आईडीए को टीसीएस के सामने और पीछे दो एप्रोच रोड बनाना है, जिसे वह 10 साल से टाल रहा है। इन सड़कों से आवाजाही करने वाले नितिन रघुवंशी, जसवंत चौधरी, दीपक शर्मा, सोनू वर्मा, दीपक पांचाल, दशरथ चौहान, राहुल चौधरी, कैलाश चौधरी ने बताया सड़कें जल्दी नहीं बनाई तो आंदोलन होगा।

ग्रामीण बोले- पालाखेड़ी-पालिया सड़क पर होते रहते हैं हादसे
टीसीएस के सामने से पालाखेड़ी गांव की तरफ जाने वाली सड़क का मात्र 500 मीटर हिस्सा आईडीए नहीं बना रहा है, जबकि इसके आगे की पूरी सड़क पीडब्ल्यूडी बना चुका है। सुपर कॉरिडोर की इस एप्रोच रोड के नहीं बनने से पालाखेड़ी, पालिया, लिंबोदा, जुर्नादा, हातोद, बधाना, धतूरिया, कमलाखेड़ी सहित 25 गांवों के लोगों को इंदौर आने-जाने में एक दशक से परेशानी झेलना पड़ रही है। बारिश के समय आधा किमी के इस टुकड़े में जगह-जगह पानी भर जाता है।

बड़े-बड़े गड्‌ढे हो जाते हैं। आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिरते हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने से चार पहिया वाहनों को क्रॉसिंग में परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि सुपर कॉरिडोर पर निर्माण के लिए बिल्डिंग मटेरियल और मुरम लाने ले जाने वाले डंपरों से यह सड़क बर्बाद हो चुकी है। पालाखेड़ी तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क बनी हुई है। बस 500 मीटर और बन जाए तो लोगों को फायदा होगा।

नंदबाग-टिगरिया की डेढ़ किमी की सड़क भी भूले

​​​​​​​टीसीएस के लिए जमीन विकसित करने के दौरान आईडीए को बाणगंगा की तरफ जाने वाली डेढ़ किमी लंबी नंदबाग-टिगरिया सड़क भी बनाना था। आईडीए ने सुपर कॉरिडोर का तो विकास कर दिया, लेकिन टीसीएस के पीछे की तरफ नंदबाग होते हुए टिगरिया जाने वाली सड़क को भुला दिया। इस सड़क से बाणगंगा के साथ ही स्कीम 51, संगम नगर से लेकर कालानी नगर और गांधीनगर तक के लोग आवाजाही करते हैं। इस सड़क से होते हुए अरबिंदो अस्पताल, सांवेर रोड स्थित शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ ही कारखानों में काम करने वाले कर्मचारी और आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों लोग गुजरते हैं।

सड़क कच्ची और जर्जर होने की वजह से कई लोग मरीमाता की तरफ से घूमकर आते हैं, जिससे उन्हें ढाई किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। लोगों ने बताया कि आईडीए को कई बार आवेदन दिया, लेकिन वह सड़क नहीं बना रहा है। मुख्यमंत्री भी नंदबाग तक सड़क बनवाने की घोषणा कर चुके हैं।

जल्द ही पालाखेड़ी की सड़क बना देंगे
आईडीए को सुपर कॉरिडोर से पालाखेड़ी वाली सड़क का 800 मीटर हिस्सा बनाना था, जिसमें से 300 मीटर बना चुके हैं। शेष 500 मीटर सड़क भी जल्द बना दी जाएगी। रही बात नंदबाग की तो फिलहाल वहां आईडीए की स्कीम पर काम नहीं हो रहा है। जैसे ही स्कीम शुरू होगी, यह सड़क भी बना दी जाएगी। - विवेक श्रोत्रिय, सीईओ, आईडीए

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