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80 रुपए का नकली रेमडेसिविर:पांच दिन में एक करोड़ आए तो बना दिए 1 लाख नकली इंजेक्शन, इंदौर के 10 लोगों की जान लेकर कमाए 3 करोड़

इंदौर8 दिन पहलेलेखक: सुमित ठक्कर
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गिरोह ने सिर्फ 15 दिन में नकली इंजेक्शन से 2 करोड़ 94 लाख 60 हजार रुपए कमाए। - Dainik Bhaskar
गिरोह ने सिर्फ 15 दिन में नकली इंजेक्शन से 2 करोड़ 94 लाख 60 हजार रुपए कमाए।

नमक-ग्लूकोज से तैयार नकली रेमडेसिविर मरीजों की नसों तक पहुंचाने वाले 29 गुनहगार इंदौर पुलिस की गिरफ्त में हैं। गुजरात तक जाल फैलाए इन जान के दुश्मनों के नेटवर्क का भंडाफोड़ इंदौर पुलिस ने 26 अप्रैल को किया था। कोरोना के पीक में जब मरीज अस्पतालों में सांसें गिन रहे थे, तब इस गिरोह के सरगना सूरत के मोरबी इलाके में एक फार्महाउस में जीवनरक्षक माने जा रहे रेमडेसिविर को सिर्फ 80 रुपए में तैयार कर 35 से 40 हजार रुपए तक वसूलकर मरीजों की नसों में पहुंचा रहे थे।

इन इंजेक्शन के लगने से अब तक 10 जानें जाने की पुष्टि इंदौर पुलिस कर चुकी है, और भी मौतें हुई होंगी, लेकिन पीड़ित सामने नहीं आने से खुलासा नहीं हुआ है। जानलेवा इस गिरोह ने सिर्फ 15 दिन में नकली इंजेक्शन से 2 करोड़ 94 लाख 60 हजार रुपए कमाए। आरोपी 5 दिन में 1 करोड़ कमाने की बात पुलिस के सामने कबूल चुके हैं। अब तक इंदौर पुलिस 5 प्रकरण दर्ज कर 29 आरोपियों को पकड़ चुकी है।

ऐसे हुआ राजफाश इंदौर में सुनील की गिरफ्तारी के बाद सामने आया पूरा गिरोह
पूछताछ में आरोपी कौशल ने पुलिस को बयान दिए कि शुरुआत के इंजेक्शन बेचने से उन्हें 5 दिन में ही 1 करोड़ के करीब राशि आई तो उन्होंने 1 लाख वायल तैयार कर और नकली इंजेक्शन तैयार करने की प्लानिंग कर ली थी, लेकिन इंदौर से सुनील गिरफ्तारी होते ही कौशल और पुनीत भी गुजरात पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

सूरत से जुड़े तार 4 आरोपी पकड़ाए, उनसे लिंक मिली तो 9 और गिरफ्त में आए
एसपी आशुतोष बागरी के मुताबिक पुलिस ने पहला केस दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनसे मिली लिंक के बाद 9 आरोपी और पकड़े। इसके बाद सूरत के ड्रग माफियाओं से जुड़े इंदौर के मुख्य सरगना सुनील मिश्रा को ट्रैक किया। सुनील से पता चला इंदौर में बिकने आए 1200 रेमडेसिविर इंजेक्शन नकली हैं।

आपदा में दूसरों की जान को खतरे मेंं डाला

6 बिंदुओं से समझें कैसे करोड़ों कमाए

1- गुजरात से 1.84 करोड़

सूरत के ड्रग माफिया कौशल वोरा व पुनीत शाह ने 5 हजार इंजेक्शन सूरत अहमदाबाज में बेच 1.84 करोड़ कमाए थे। मप्र में सुनील से इंजेक्शन सप्लाय करवाए।

2- सुनील ने 56 लाख कमाए

सप्लायर सुनील ने 700 इंजेक्शन इंदौर में 56 लाख में अलग-अलग लोगों को बेचे। प्रति नग 4 से 20 हजार तक वसूले। पुलिस ने प्रति नग औसत 8 हजार रुपए निकाला।

3- इसके शागिर्दों ने 24 लाख

100 इंजेक्शन प्रशांत व 100 इंजेक्शन आशीष ठाकुर को दवा बाजार में दिए। इन्होंने 10 से 12 हजार में मुनाफा निकाल मरीजों को बेचे और 24 लाख रुपए कमाए।

4- जबलपुर में 40 लाख का सौदा

सुनील ने 500 इंजेक्शन जबलपुर में सिटी अस्पताल के संचालक और विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष सरबजीत मोखा को 7 से 8 हजार में बेचकर 40 लाख रुपए कमाए।

5- कमीशन से 50 लाख कमाए

आरोपी मौखा ने इन इंजेक्शन को अपना मुनाफा निकालकर जबलपुर क्षेत्र में अधिक रेट में बेचा और करीब 50 लाख रुपए से ज्यादा की राशि कमाई।

6- मप्र से कुल 1.10 करोड़

इस गिरोह से जुड़े अन्य छोटे आरोपियों ने इन इंजेक्शन को 35 से 40 हजार में बेचे। इस तरह आरोपियों ने 1 करोड़ 10 लाख 60 हजार रुपए अकेले मप्र से कमाए।

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