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नार्वे के ओस्लो में पूजा करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व:छोटे कद की पूजा को एथलेटिक्स में सफलता नहीं मिली तो कुश्ती को चुना, अब वर्ल्ड चैम्पियनशिप में खेलेंगी

इंदौर3 दिन पहलेलेखक: मयंक यादव
मप्र की पहली महिला रेसलर, जो इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधत्व करेंगी।

महिला रेसलर पूजा जाट 2 अक्टूबर से नार्वे के ओस्लो में होने वाली वर्ल्ड सीनियर कुश्ती चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। वे मध्यप्रदेश की पहली महिला रेसलर हैं, जो इस टूर्नामेंट में दांव-पेंच दिखाएंगी। 53 किग्रा वर्ग में लड़ने वाली पूजा खातेगांव की रहने वाली हैं। इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था। पूजा कभी एथलेटिक्स में कॅरियर बनाना चाहती थीं। उन्होंने 100 मीटर दौड़ में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व भी किया।

हालांकि कद छोटा होने के कारण उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी। इस पर कोच ने उन्हें कुश्ती लड़ने की सलाह दी। गांव में कुश्ती लड़ने के लिए कोई जगह नहीं थी। ऐसे में पूजा ने खेतों में दौड़ लगाकर अभ्यास करना शुरू किया। स्टेट लेवल पर पदक जीतने के बाद उनका चयन साई एकेडमी के लिए हुआ। इसके बाद पूजा ने मुड़कर नहीं देखा।

पूजा बताती हैं कुश्ती के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं थी, क्योंकि गांव में मेरे साथ प्रैक्टिस करने वाला कोई भी नहीं था। कोच ने मुझे वीडियो दिखाकर दांव-पेंच सिखाए। पहली बार संभागीय कुश्ती लड़ी तो राष्ट्रीय स्तर की पहलवान से हार गई, लेकिन मैं ताकत में उससे मजबूत दिखी। तब साई कोच ने मुझे एकेडमी के लिए ट्रायल देने के लिए कहा, जिसमें मेरा सिलेक्शन हो गया।

गांववालों ने की डाइट में मदद

पूजा ने बताया कि कुश्ती में किस तरह की डाइट ली जाती है इस बारे में भी मुझे कोई जानकारी नहीं थी। मैं दूध और घर के खाने पर ही निर्भर रहती थी। नेशनल में पदक जीतने के बाद गांव के लोगों ने डाइट में मदद की। मुझे कुश्ती लड़ते हुए छह साल हो गए हैं और अब 35 से 40 हजार रुपए मेरी डाइट पर खर्च होते हैं। इसी साल मेरी बैंक में नौकरी लगी है, जिसका फायदा मुझे डाइट को पूरा करने में मिल रहा है।

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