कामचलाऊ सड़कें बनती:पैचवर्क के नाम पर डामर बिछाकर रोलर चला देते हैं, इसलिए 17 सड़कें हर साल हो जाती हैं खराब

इंदौर2 महीने पहले
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शहर में ऐसे 17 प्रमुख स्थान हैं, जहां की सड़कें हर साल बारिश में खराब होती हैं। - Dainik Bhaskar
शहर में ऐसे 17 प्रमुख स्थान हैं, जहां की सड़कें हर साल बारिश में खराब होती हैं।
  • नगर निगम के पूर्व अफसरों ने माना इंजीनियर और कॉन्ट्रैक्टर मौके पर ही नहीं जाते

शहर की खराब डामर सड़कों को लेकर नगर निगम के ही पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने पोल खोल दी है। नाम न छापने के अनुरोध पर जनकार्य विभाग के पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने बताया कि हर साल जानबूझकर पैचवर्क का काम इतना घटिया किया जाता है, ताकि कुछ महीने में फिर बिल लगाया जा सके। इससे साल दर साल भ्रष्टाचार का पहिया चलता रहता है।

पूर्व अधिकारी ने बताया कि पैचवर्क के नाम पर सिर्फ डामर बिछाकर रोलर चला दिया जाता है, जबकि सब इंजीनियर की यह जिम्मेदारी होती है कि वह पैचवर्क का काम खड़े रहकर करवाए। कॉन्ट्रैक्टर भी मौके पर नहीं आते, जिसके कारण मटेरियल की गुणवत्ता भी सही नहीं आती। सड़क खराब होने पर स्टॉर्म वॉटर लाइन, बारिश का बहाना बनाकर घटिया निर्माण को छिपा लिया जाता है।

खराब हिस्से को चौकोर कटवा कर फिलिंग कराना चाहिए

पूर्व में सिटी इंजीनियर एनएस तोमर ने बताया सड़कों की मरम्मत के लिए सभी जोन के सब इंजीनियरों को फटकार लगाते हुए उनकी फाइलें रोक दी थीं। उन्होंने बताया सब इंजीनियर को खराब हिस्से को चौकोर आकार में कटवा कर उसमें फिलिंग कराना चाहिए, इसके बाद आखिर में डामर के मिक्सचर और रोलर का काम होता है, जबकि किसी भी सड़क पर सब इंजीनियर नजर नहीं आए।

खराब होने वाली सड़कों में राजबाड़ा, गांधी हॉल, आरएनटी मार्ग के हिस्से भी शामिल

शहर में ऐसे 17 प्रमुख स्थान हैं, जहां की सड़कें हर साल बारिश में खराब होती हैं। इसमें सिख मोहल्ला रोड; यहां कोर्ट, गांधी हॉल और नयापुरा का पानी सड़क पर रहता है, जिससे सड़क हर बार बनाना पड़ती है। राजबाड़ा हनुमान मंदिर से जैन मंदिर होते हुए कस्तूरबा स्कूल तक, स्नेहलतागंज गली नंबर एक पत्थर गोदाम से बगीचे तक, सुभाष नगर पुल का हिस्सा, भमोरी प्लाजा से सयाजी चौराहा तक, जंजीरावाला चौराहा अपना होटल से कचरा स्टेशन तक, अमर टेकरी पुल से बगीचे तक, छावनी चौराहे के पास धर्मशाला का 80 मीटर हिस्सा, हवा बंगला टर्न से विदुर नगर चौराहा, कैट चौराहा, महूनाका चौराहे से गंगवाल के बीच, सांवरे रोड रेलवे क्रॉसिंग के पास, भागीरथपुरा पुलिस चौकी से वाइन शॉप तक, भागीरथपुरा साईं मंदिर से तेजाजी मंदिर तक, श्रीमाया होटल 100 मीटर, मधुमिलन चौराहे पर पेट्रोल पंप से वाइन शॉप तक और संगम नगर कचरा स्टेशन के सामने का बड़ा हिस्सा जर्जर हो जाता है।

दशहरे के अगले दिन डामर के प्लांट शुरू हो जाएंगे

दशहरे के अगले दिन डामर के प्लांट शुरू हो जाएंगे। पहले रिंग रोड, बीआरटीएस, पश्चिम क्षेत्र की रोड सुधरेगी। अधिकारियों की मौके पर ड्यूटी रहेगी। विजय नगर का हिस्सा हर बार खराब होता है, इसे सीमेंट कांक्रीट का बनाया जाएगा। - देवेंद्र सिंह, अपर आयुक्त, नगर निगम

रेवेन्यू रिकवरी में पिछड़ा नगर निगम- बिल कलेक्टरों से आयुक्त बोलीं- दिनभर बैठे रहते हो, सैलरी बंद कर देना चाहिए

दिनभर बैठे रहते हो, सैलरी बंद कर देनी चाहिए, वसूली के हिसाब से सैलरी मिलेगी, तभी समझ आएगा। ये बातें बुधवार को निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में बिल कलेक्टरों से कही। दरअसल, राजस्व विभाग ने अक्टूबर में 38 करोड़ रुपए संपत्ति कर से वसूलने का लक्ष्य रखा है, लेकिन अब तक 11 करोड़ की रिकवरी हुई है। इसमें भी आईडीए से 9 करोड़ रुपए मिले हैं। इसे लेकर निगमायुक्त ने बुधवार को जोन स्तर पर बैठक की।

सभी को निलंबित कर दूंगी

निगमायुक्त ने जोन 12, वार्ड 59 के बिल कलेक्टर यतीश पांडे को जमकर फटकारा। उन्होंने अपर आयुक्त भव्या मित्तल से कहा कि ऐसे लोगों को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा देना चाहिए।

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